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मरचूला से भिकियासैंण तक बन रही सड़क का मामला पहुंचा हाईकोर्ट
Updated Fri, 23 Mar 2018 02:15 AM IST
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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने मरचूला से भिकियासैंण तक बन रही सड़क के मामले में राज्य सरकार और कार्यदायी संस्थाओं को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए है। न्यायालय ने निर्माण करा रहे ठेकेदार से निर्धारित डंपिंग जोन में डंप किए गए मलबे की विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। हल्द्वानी निवासी गुरविंदर चड्ढा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि मरचूला से भिकियासैंण तक 40 किलोमीटर सड़क निर्माण किया जा रहा है। पहले छह किलोमीटर सड़क कटान के दौरान ठेकेदार ने मलबा रामगंगा नदी में फेंक दिया है। सड़क निर्माण में लगी कंपनी सड़क का मलबा नदी में फेंक रही है। मलबे को डंप करने के लिए अलग से आठ डंपिंग जोन बनाये गये हैं। नदी में मलबा डालने से नदी का प्रवाह बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है। इससे घड़ियाल की प्रजाति समेत अन्य जीवों के लिए भी खतरा है।
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मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। हल्द्वानी निवासी गुरविंदर चड्ढा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि मरचूला से भिकियासैंण तक 40 किलोमीटर सड़क निर्माण किया जा रहा है। पहले छह किलोमीटर सड़क कटान के दौरान ठेकेदार ने मलबा रामगंगा नदी में फेंक दिया है। सड़क निर्माण में लगी कंपनी सड़क का मलबा नदी में फेंक रही है। मलबे को डंप करने के लिए अलग से आठ डंपिंग जोन बनाये गये हैं। नदी में मलबा डालने से नदी का प्रवाह बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है। इससे घड़ियाल की प्रजाति समेत अन्य जीवों के लिए भी खतरा है।
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