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शॉर्ट सर्किट से लगी आग, लाखों का नुकसान
Updated Tue, 06 Mar 2018 02:24 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। कोसी नदी के किनारे आग की चिंगारी से नौ मजदूरों की झोपड़ियां जलकर राख हो गई। दुर्घटना में गरीब मजदूरों की मेहनत पसीने की कमाई जलकर राख हो गई। घटना के समय मजदूर कोसी नदी में मजदूरी को गए थे, जिस कारण जान-माल का नुकसान होने से बच गया। हालांकि अग्निकांड में झोपड़ी में रखी खाद्य सामग्री, कपड़े, बर्तन, नगदी आग की भेंट चढ़ गई। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियोें ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पूंछड़ी गांव में कोसी नदी के किनारे वनभूमि पर मजदूरों ने झोपड़ियां बनाई हैं। गरीब मजदूर दिन-रात मेहनत मजदूरी कर दो जून की रोटी कमाते हैं। सोमवार को मजदूर निजामुद्दीन, अब्दुल खालिक, रफीक, राहुल, जुबेर, धर्मपाल, बेगराम, पूनम रोज की तरह कोसी नदी में मजदूरी करने गए थे। सुबह लगभग 10 बजे शॉर्ट सर्किट से होने से झोपड़ियों में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली की देखते ही देखते नौ झोपड़ियां राख हो गई।
सूचना पर पहुंची दमकल और पुलिस विभाग की टीम ने एक झोपड़ी को तोड़कर दो घंटे की कड़ी मश्क्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तबतक मजदूरों की मेहनत आग के साथ जलकर राख हो गई। झोपड़ी के साथ उनकी जमा-पूंजी भी जल गई। राजस्व उपनिरीक्षक तारा चंद्र घिल्डियाल ने बताया कि हादसे में एक मजदूर के 30 हजार रुपये की नकदी जल गई।
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इसके अलावा एक महिला ने भी उसके दो लाख रुपये जलने की बात कही है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। हादसे के बाद इंसानियत भी देखने को मिली। पीड़ित परिवारों को एसडीएम परितोष वर्मा के प्रयासों से हर परिवार को खाद्य सामग्री और एक तिरपाल वितरित किया गया। वहीं सूचना पर नेकी की दीवार ने भी वहां पहुंचकर पीड़ित परिवारों को कपडे़ वितरित किए। अग्निकांड में प्रत्येक परिवार का 70-80 हजार का नुकसान आंका गया है।
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पूंछड़ी गांव में कोसी नदी के किनारे वनभूमि पर मजदूरों ने झोपड़ियां बनाई हैं। गरीब मजदूर दिन-रात मेहनत मजदूरी कर दो जून की रोटी कमाते हैं। सोमवार को मजदूर निजामुद्दीन, अब्दुल खालिक, रफीक, राहुल, जुबेर, धर्मपाल, बेगराम, पूनम रोज की तरह कोसी नदी में मजदूरी करने गए थे। सुबह लगभग 10 बजे शॉर्ट सर्किट से होने से झोपड़ियों में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली की देखते ही देखते नौ झोपड़ियां राख हो गई।
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सूचना पर पहुंची दमकल और पुलिस विभाग की टीम ने एक झोपड़ी को तोड़कर दो घंटे की कड़ी मश्क्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तबतक मजदूरों की मेहनत आग के साथ जलकर राख हो गई। झोपड़ी के साथ उनकी जमा-पूंजी भी जल गई। राजस्व उपनिरीक्षक तारा चंद्र घिल्डियाल ने बताया कि हादसे में एक मजदूर के 30 हजार रुपये की नकदी जल गई।
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इसके अलावा एक महिला ने भी उसके दो लाख रुपये जलने की बात कही है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। हादसे के बाद इंसानियत भी देखने को मिली। पीड़ित परिवारों को एसडीएम परितोष वर्मा के प्रयासों से हर परिवार को खाद्य सामग्री और एक तिरपाल वितरित किया गया। वहीं सूचना पर नेकी की दीवार ने भी वहां पहुंचकर पीड़ित परिवारों को कपडे़ वितरित किए। अग्निकांड में प्रत्येक परिवार का 70-80 हजार का नुकसान आंका गया है।