{"_id":"5a96fcc74f1c1be13b8b584f","slug":"15198447772-garud-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहरों की मरम्मत नहीं होने से घास उगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहरों की मरम्मत नहीं होने से घास उगी
Updated Thu, 01 Mar 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरुड़ (बागेश्वर)। सिंचाई उप खंड की वर्षों पुरानी नहरों और फील्ड गूलों की मरम्मत नहीं होने से उन पर घास उग गई है। इससे अधिकतर नहरों से पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। इसके चलते किसानों को खेतों की सिंचाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह हालात नहरों की मरम्मत के लिए जिला योजना और अन्य मदों से मांग के अनुसार धन अवमुक्त नहीं होने से पैदा हुए हैं।
सिंचाई उप खंड बैजनाथ के अधीन 50 से अधिक नहरें और दर्जनों फील्ड गूल हैं। विभाग ने राजसेरा, बयालीसेरा, भिटारकोट, कोलतुलारी, खानखेत, सिल्ली, भेंटा, राजसेेरा, मन्यूड़ा, पिंगलों, बड़ेत, पुरुड़ा, सिरकोट आदि नहरों की मरम्मत जिला योजना, नाबार्ड और पीएमजीएसवाई मद से प्रस्तावित थी। वित्तीय वर्ष में मात्र एक महीना शेष होने के बावजूद विभाग को नहरों की मरमत के लिए जिला योजना से मात्र पंद्रह लाख रुपये ही मिले हैं, जबकि मांग एक करोड़ से ज्यादा की है।
विभाग के एसडीओ एससी सती के मुताबिक विभाग पर ठेकेदारों की तीस लाख से ज्यादा की देनदारी बीते वित्तीय वर्ष की है। नौघर के प्रधान शंकर सिंह नेगी, बिमोला के हरी राम, कनिष्ठ प्रमुख प्रकाश कोहली, ग्वाड़ पजेना के सिकंदर अली, गढ़सेर के नवीन ममगई, पुरुड़ा के यशवंत सिंह थायत ने बताया कि नहरों की मरम्मत नहीं होने से काश्तकारों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शासन प्रशासन से नहरों की मरम्मत के लिए शीघ्र धन अवमुक्त करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंचाई उप खंड बैजनाथ के अधीन 50 से अधिक नहरें और दर्जनों फील्ड गूल हैं। विभाग ने राजसेरा, बयालीसेरा, भिटारकोट, कोलतुलारी, खानखेत, सिल्ली, भेंटा, राजसेेरा, मन्यूड़ा, पिंगलों, बड़ेत, पुरुड़ा, सिरकोट आदि नहरों की मरम्मत जिला योजना, नाबार्ड और पीएमजीएसवाई मद से प्रस्तावित थी। वित्तीय वर्ष में मात्र एक महीना शेष होने के बावजूद विभाग को नहरों की मरमत के लिए जिला योजना से मात्र पंद्रह लाख रुपये ही मिले हैं, जबकि मांग एक करोड़ से ज्यादा की है।
विज्ञापन
विभाग के एसडीओ एससी सती के मुताबिक विभाग पर ठेकेदारों की तीस लाख से ज्यादा की देनदारी बीते वित्तीय वर्ष की है। नौघर के प्रधान शंकर सिंह नेगी, बिमोला के हरी राम, कनिष्ठ प्रमुख प्रकाश कोहली, ग्वाड़ पजेना के सिकंदर अली, गढ़सेर के नवीन ममगई, पुरुड़ा के यशवंत सिंह थायत ने बताया कि नहरों की मरम्मत नहीं होने से काश्तकारों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शासन प्रशासन से नहरों की मरम्मत के लिए शीघ्र धन अवमुक्त करने की मांग की है।
विज्ञापन