{"_id":"5a7a17174f1c1bff388b6c91","slug":"15179509576-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुमाऊं में बन सकता है नशा पुनर्वास केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुमाऊं में बन सकता है नशा पुनर्वास केंद्र
Updated Wed, 07 Feb 2018 02:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल। युवाओं में बढ़ रही नशे की लत को देखते हुए इसके समाधान, रोकथाम के लिए आयोजित एक बैठक में कमिश्नर ने सीएमओ को कुमाऊं में नशा उन्मूलन पुनर्वास केंद्र खोलने का प्रस्ताव बना कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। प्रस्ताव पर शासन से मंजूरी मिलने पर नशेड़ियों को ठीक कराने के लिए दूर नहीं जाना होगा।
युवाओं में बढ़ रही नशे की लत को रोकने के लिए कमिश्नर चंद्रशेखर भट्ट, आईजी पूरन सिंह रावत ने मंडलीय अधिकारियों के साथ मंगलवार को नैनीताल क्लब में बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि नेपाल, चंपावत, बागेश्वर से नशे की खेप यहां पहुंचती है। बताया कि कुछ मेडिकल संचालक भी नशे के कारोबार में संलिप्त हैं। कमिश्नर और आईजी ने एनडीपीएस में ज्यादा से ज्यादा कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मंडल में नशा उन्मूलन एवं पुनर्वास केंद्र खोलने का सुझाव रखा, जिसके बाद कमिश्नर ने सीएमओ नैनीताल को पुनर्वास केंद्र खोलने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में मेडिकल स्टोरों से नशे की दवाईयां बेचने का मुद्दा उठाया गया तो पता चला कि मंडल में एक ही ड्रग इंस्पेक्टर है और वह भी अल्मोड़ा में बैठता है। ऐसे में मेडिकल संचालकों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। अधिकारियों ने बताया कि वाहन चालकों में बढ़ती नशाखोरी के कारण भी हादसे हो रहे हैं।
विज्ञापन
नशा उन्मूलन के लिए शुरू की गई 104 हेल्पलाइन नंबर का मुद्दा भी बैठक के दौरान उठाया गया। इस पर एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने नंबर लगाया तो पता चला कि यह नंबर सेवा में नहीं है।
विज्ञापन
युवाओं में बढ़ रही नशे की लत को रोकने के लिए कमिश्नर चंद्रशेखर भट्ट, आईजी पूरन सिंह रावत ने मंडलीय अधिकारियों के साथ मंगलवार को नैनीताल क्लब में बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि नेपाल, चंपावत, बागेश्वर से नशे की खेप यहां पहुंचती है। बताया कि कुछ मेडिकल संचालक भी नशे के कारोबार में संलिप्त हैं। कमिश्नर और आईजी ने एनडीपीएस में ज्यादा से ज्यादा कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मंडल में नशा उन्मूलन एवं पुनर्वास केंद्र खोलने का सुझाव रखा, जिसके बाद कमिश्नर ने सीएमओ नैनीताल को पुनर्वास केंद्र खोलने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
बैठक में मेडिकल स्टोरों से नशे की दवाईयां बेचने का मुद्दा उठाया गया तो पता चला कि मंडल में एक ही ड्रग इंस्पेक्टर है और वह भी अल्मोड़ा में बैठता है। ऐसे में मेडिकल संचालकों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। अधिकारियों ने बताया कि वाहन चालकों में बढ़ती नशाखोरी के कारण भी हादसे हो रहे हैं।
विज्ञापन
नशा उन्मूलन के लिए शुरू की गई 104 हेल्पलाइन नंबर का मुद्दा भी बैठक के दौरान उठाया गया। इस पर एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने नंबर लगाया तो पता चला कि यह नंबर सेवा में नहीं है।