{"_id":"5c4b77e8bdec22270200cded","slug":"151548449768-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन विभागों के अधिकारी मिलकर रोकें अवैध खनन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन विभागों के अधिकारी मिलकर रोकें अवैध खनन
विज्ञापन
हल्द्वानी में जुटा वन विभाग का अमला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि वन, वन निगम और खनन तीनों विभाग मिलकर अवैध खनन रोकें। पर्यावरण को ध्यान में रखकर ही नदियों से उप खनिज का चुगान किया जाए, जिससे राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि भी हो।
एफटीआई के शताब्दी भवन में शुक्रवार को वन मंत्री डॉ. रावत वन विभाग और वन निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का नजरिया पूरी तरह से साफ है कि जनता को उप खनिज सस्ता मिले और बाजार भाव न बढ़े। डॉ. रावत ने कहा कि खनन वाहनों के पंजीकरण का कार्य पूरी निष्पक्षता से किया जाए। बाजार में उप खनिज की बिक्री में प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, ताकि जनता को अपने भवन निर्माण के लिए उप खनिज सस्ता एवं आसानी से मिल सके। वन मंत्री ने अधिकारियों को इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
तीन विभाग के अधिकारी मिलकर रोकें अवैध खनन
वन मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने अधिकारियों के साथ की बैठक
खनन वाहनों के पंजीकरण में निष्पक्षता रखने को कहा
वन मंत्री ने अरण्य भवन का किया लोकार्पण
हल्द्वानी। वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने रामपुर रोड पर 4.36 करोड़ की लागत से वन विभाग के अरण्य भवन का लोकार्पण किया। नवनिर्मित अरण्य भवन में अपर प्रमुख वन संरक्षक, मुख्य वन संरक्षक कार्ययोजना, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त कार्यालय संचालित किए जाएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. हृदयेश ने कहा कि सभी अधिकारी मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए जनहित में कार्य करें। वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने से पहले वहां रहने वाले लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था होनी चाहिए। वन मंत्री ने कहा कि इस मामले पर विचार किया जाएगा। इस दौरान पीसीसीएफ जयराज, प्रबंध निदेशक यूके एफडीसी गंभीर सिंह, सीसीएफ डॉ. विवेक पांडे, पीसीसीएफ डॉ. कपिल जोशी, सीएफ डॉ. मधुकर पराग धकाते, वन संरक्षक डॉ. तेजस्विनी पाटिल, डॉ. आईपी सिंह, डीएफओ नीतीश मणि त्रिपाठी, कल्याणी, नित्यानंद पांडेय, एडीएम हरबीर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय आदि थे।
विज्ञापन
वन भूमि पर बसे लोगों को उजाड़ने से पहले करें पुनर्वास: डॉ. हृदयेश
वन मंत्री ने मामले पर विचार करने का दिया आश्वासन
कांग्रेस राज में इंदिरा गेट खुला था, अब क्या नाम है?
हल्द्वानी। सद्भाव गेट खोलने के विरोध में गौला संघर्ष समिति और डंपर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने डॉ. इंदिरा हृदयेश के साथ ही वन मंत्री हरक सिंह रावत से मुलाकात की। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के सामने पूछा कि साहब जब स्टेडियम के लिए गेट खोला गया था तो भाजपाई कहते थे कि यह इंदिरा गेट है, अब भाजपा के राज में अवैध गेट खोल दिया गया है। इस गेट का क्या नाम दिया जाए। इस पर वन मंत्री ने हंसते हुए कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय महत्व की योजना को देखते हुए इस गेट को खोला है। रामनगर में गेट दिया गया है। हरिद्वार में भी इसकी तैयारी चल रही है। इस पर डंपर स्वामियों ने कहा कि गौला के सात हजार वाहन स्वामी कंपनी को केवल रॉयल्टी जमा करने पर उप खनिज देने को तैयार हैं। इससे कंपनी का काम भी पूरा हो जाता और यहां के लोगों का रोजगार भी मिलता। कहा कि जमरानी में खनन बंद होने के बाद कुछ लोग यहां पहुंच गए हैं। वह गोली मारने की धमकी दे रहे हैं। इस पर वन मंत्री ने कहा कि यह बात पहले बतानी चाहिए थी। डंपर स्वामियों ने बताया कि वन विभाग को इस मामले में डंपर स्वामियों ने लिखित में दिया है। वार्ता करने वालों में डंपर एसोसिएशन अध्यक्ष पृथ्वीराज पाठक, मनोज मठपाल, पम्मी सैफी, अरशद अयूब, नफीस चौधरी, उमेश आदि थे। इधर, सर्किट हाउस में डंपर एसोसिएशन ने वन मंत्री से चार बजे दोबारा मुलाकात की। इसमें वन मंत्री ने जल्द ही उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट के समझाने पर नहीं दिखाया काला झंडा
हल्द्वानी। सद्भाव गेट को लेकर डंपर स्वामियों ने वन मंत्री हरक सिंह रावत को काले झंडे दिखाने का निर्णय लिया था, लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट ने डंपर एसोसिएशन के सदस्यों को बुलाकर समझाया और वन मंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया। कोतवाल विक्रम राठौर के वाहन से उन्हें अरण्य भवन लाया गया और वन मंत्री से मिलवाया गया।
विज्ञापन
एफटीआई के शताब्दी भवन में शुक्रवार को वन मंत्री डॉ. रावत वन विभाग और वन निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का नजरिया पूरी तरह से साफ है कि जनता को उप खनिज सस्ता मिले और बाजार भाव न बढ़े। डॉ. रावत ने कहा कि खनन वाहनों के पंजीकरण का कार्य पूरी निष्पक्षता से किया जाए। बाजार में उप खनिज की बिक्री में प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, ताकि जनता को अपने भवन निर्माण के लिए उप खनिज सस्ता एवं आसानी से मिल सके। वन मंत्री ने अधिकारियों को इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
तीन विभाग के अधिकारी मिलकर रोकें अवैध खनन
वन मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने अधिकारियों के साथ की बैठक
खनन वाहनों के पंजीकरण में निष्पक्षता रखने को कहा
वन मंत्री ने अरण्य भवन का किया लोकार्पण
हल्द्वानी। वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने रामपुर रोड पर 4.36 करोड़ की लागत से वन विभाग के अरण्य भवन का लोकार्पण किया। नवनिर्मित अरण्य भवन में अपर प्रमुख वन संरक्षक, मुख्य वन संरक्षक कार्ययोजना, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त कार्यालय संचालित किए जाएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. हृदयेश ने कहा कि सभी अधिकारी मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए जनहित में कार्य करें। वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने से पहले वहां रहने वाले लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था होनी चाहिए। वन मंत्री ने कहा कि इस मामले पर विचार किया जाएगा। इस दौरान पीसीसीएफ जयराज, प्रबंध निदेशक यूके एफडीसी गंभीर सिंह, सीसीएफ डॉ. विवेक पांडे, पीसीसीएफ डॉ. कपिल जोशी, सीएफ डॉ. मधुकर पराग धकाते, वन संरक्षक डॉ. तेजस्विनी पाटिल, डॉ. आईपी सिंह, डीएफओ नीतीश मणि त्रिपाठी, कल्याणी, नित्यानंद पांडेय, एडीएम हरबीर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय आदि थे।
विज्ञापन
वन भूमि पर बसे लोगों को उजाड़ने से पहले करें पुनर्वास: डॉ. हृदयेश
वन मंत्री ने मामले पर विचार करने का दिया आश्वासन
कांग्रेस राज में इंदिरा गेट खुला था, अब क्या नाम है?
हल्द्वानी। सद्भाव गेट खोलने के विरोध में गौला संघर्ष समिति और डंपर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने डॉ. इंदिरा हृदयेश के साथ ही वन मंत्री हरक सिंह रावत से मुलाकात की। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के सामने पूछा कि साहब जब स्टेडियम के लिए गेट खोला गया था तो भाजपाई कहते थे कि यह इंदिरा गेट है, अब भाजपा के राज में अवैध गेट खोल दिया गया है। इस गेट का क्या नाम दिया जाए। इस पर वन मंत्री ने हंसते हुए कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय महत्व की योजना को देखते हुए इस गेट को खोला है। रामनगर में गेट दिया गया है। हरिद्वार में भी इसकी तैयारी चल रही है। इस पर डंपर स्वामियों ने कहा कि गौला के सात हजार वाहन स्वामी कंपनी को केवल रॉयल्टी जमा करने पर उप खनिज देने को तैयार हैं। इससे कंपनी का काम भी पूरा हो जाता और यहां के लोगों का रोजगार भी मिलता। कहा कि जमरानी में खनन बंद होने के बाद कुछ लोग यहां पहुंच गए हैं। वह गोली मारने की धमकी दे रहे हैं। इस पर वन मंत्री ने कहा कि यह बात पहले बतानी चाहिए थी। डंपर स्वामियों ने बताया कि वन विभाग को इस मामले में डंपर स्वामियों ने लिखित में दिया है। वार्ता करने वालों में डंपर एसोसिएशन अध्यक्ष पृथ्वीराज पाठक, मनोज मठपाल, पम्मी सैफी, अरशद अयूब, नफीस चौधरी, उमेश आदि थे। इधर, सर्किट हाउस में डंपर एसोसिएशन ने वन मंत्री से चार बजे दोबारा मुलाकात की। इसमें वन मंत्री ने जल्द ही उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट के समझाने पर नहीं दिखाया काला झंडा
हल्द्वानी। सद्भाव गेट को लेकर डंपर स्वामियों ने वन मंत्री हरक सिंह रावत को काले झंडे दिखाने का निर्णय लिया था, लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट ने डंपर एसोसिएशन के सदस्यों को बुलाकर समझाया और वन मंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया। कोतवाल विक्रम राठौर के वाहन से उन्हें अरण्य भवन लाया गया और वन मंत्री से मिलवाया गया।