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रोजगार समाचार के संस् थापक राजेंद्र भंडारी का निधन
Updated Mon, 20 Aug 2018 01:48 AM IST
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नैनीताल। साप्ताहिक रोजगार समाचार और एंप्लॉयमेंट न्यूज़ के संस्थापक रहे पूर्व आईएएस राजेंद्र सिंह भंडारी का रविवार को यहां 90 वर्ष की आयु में देहांत हो गया। उनका अंतिम संस्कार पाइंस स्थित श्मशान में किया गया। उनकी पत्नी देवकी भंडारी भी इसी वर्ष जनवरी में देहांत हुआ था। अवकाश प्राप्ति के बाद से उन दोनों की देखभाल कर उनकी एकमात्र संतान उनकी पुत्री सुषमा ने अपने पति प्रो. अजय रावत के साथ मिलकर की।
भंडारी प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो, डीएवीपी के चीफ इन्फॉर्मेशन अधिकारी रहे। उन्होंने प्रख्यात रोजगार पत्रों रोजगार समाचार और एंप्लॉयमेंट न्यूज की शुरुआत की थी। उन्होंने पर्वतारोहण की प्रसिद्ध पुस्तक तीसरा ध्रुव सहित तेनजिंग नोर्गे की अमर कथा का लेखन किया। साईं बाबा के अनन्य भक्त के रूप में साईं संस्था से जुड़े रहे भंडारी ने साईं दत्ता वधुता के लेखन सहित साईं की प्रसिद्ध पत्रिका सनातन सारथी का दस वर्ष तक संपादन किया। उनकी पुत्री सुषमा हिंदी शोध संस्थान की संपादक, ऑल सेंट्स कॉलेज की पूर्व अध्यापिका जबकि अजय रावत इतिहासकार, पर्यावरणविद् हैं। वर्तमान में जहां पुत्रों द्वारा वृद्धावस्था में माता-पिता की देखभाल से कतराने, उन्हें बेसहारा या वृद्धावस्था आश्रम में छोड़ देने की घटनाएं आम हैं, वहीं नगर के लोग रावत दंपति को मिसाल के रूप में मान रहे हैं।
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के भी रहे प्रमुख
माता-पिता की देखभाल कर बेटी सुषमा ने पेश की मिसाल
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भंडारी प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो, डीएवीपी के चीफ इन्फॉर्मेशन अधिकारी रहे। उन्होंने प्रख्यात रोजगार पत्रों रोजगार समाचार और एंप्लॉयमेंट न्यूज की शुरुआत की थी। उन्होंने पर्वतारोहण की प्रसिद्ध पुस्तक तीसरा ध्रुव सहित तेनजिंग नोर्गे की अमर कथा का लेखन किया। साईं बाबा के अनन्य भक्त के रूप में साईं संस्था से जुड़े रहे भंडारी ने साईं दत्ता वधुता के लेखन सहित साईं की प्रसिद्ध पत्रिका सनातन सारथी का दस वर्ष तक संपादन किया। उनकी पुत्री सुषमा हिंदी शोध संस्थान की संपादक, ऑल सेंट्स कॉलेज की पूर्व अध्यापिका जबकि अजय रावत इतिहासकार, पर्यावरणविद् हैं। वर्तमान में जहां पुत्रों द्वारा वृद्धावस्था में माता-पिता की देखभाल से कतराने, उन्हें बेसहारा या वृद्धावस्था आश्रम में छोड़ देने की घटनाएं आम हैं, वहीं नगर के लोग रावत दंपति को मिसाल के रूप में मान रहे हैं।
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प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के भी रहे प्रमुख
माता-पिता की देखभाल कर बेटी सुषमा ने पेश की मिसाल