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न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की अदालत का बहिष्कार स्थगित
Updated Sat, 06 Jan 2018 01:02 AM IST
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नैनीताल। हाइकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा के आग्रह व आश्वासन पर न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की कोर्ट का बहिष्कार पांच दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है।
हाइकोर्ट बार एसोसिएशन की सभागार में बार अध्यक्ष सैय्यद मून के खिलाफ अधिवक्ता शिवांगी गंगवार की ओर से दी गई तहरीर व ऐसे कृत्य की निंदा की गई। सदन में कहा गया कि ऐसे अधिवक्ताओं को दी गई सुविधाएं वापस ले लिया जाएं, जिन्होंने बार का साथ नहीं दिया और कोर्ट में गए। सदन ने पूर्व में कुर्बान अली को बार की सदस्यता से निलंबित कर रखा है। उसके बाद शिवांगी गंगवार, वीके कोहली, हरिमोहन भाटिया, तपन सिंह, अजयवीर पुंडीर, प्रभात बोहरा, आरके रायजादा व शोभित सहारिया को नोटिस जारी कर पांच दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। सभागार में वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि वे वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की बात का सम्मान करेंगे। यदि न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह का व्यवहार नहीं सुधरा तो बहिष्कार जारी रहेगा। अधिवक्ता एमसी पंत ने कहा कि बडे़ दुख की बात है और हाइकोर्ट में गलत परंपरा शुरू हो गई है। हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस छुट्टी पर जाते हैं तो वह अपना कार्यभार सीनियर जज को सौंप कर नहीं जाते हैं। जबकि नियम है कि यदि चीफ जस्टिस छुट्टी पर जाएंगे तो वो अपना कार्यभार हाइकोर्ट के सीनियर जज को सौंप कर जाएंगे। लेकिन गलत परंपरा के चलते हाईकोर्ट के सीनियर जज को कार्यभार तक नहीं सौंपा गया। अधिवक्ता पुष्पा जोशी ने कहा कि जजों के स्थानांतरण की लड़ाई को जारी रखना चाहिए। बैठक में भारी संख्या में अधिवक्तागण मौजूद थे।
फोटो 05एनटीएल 07पी से भेजी है
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हाइकोर्ट बार एसोसिएशन की सभागार में बार अध्यक्ष सैय्यद मून के खिलाफ अधिवक्ता शिवांगी गंगवार की ओर से दी गई तहरीर व ऐसे कृत्य की निंदा की गई। सदन में कहा गया कि ऐसे अधिवक्ताओं को दी गई सुविधाएं वापस ले लिया जाएं, जिन्होंने बार का साथ नहीं दिया और कोर्ट में गए। सदन ने पूर्व में कुर्बान अली को बार की सदस्यता से निलंबित कर रखा है। उसके बाद शिवांगी गंगवार, वीके कोहली, हरिमोहन भाटिया, तपन सिंह, अजयवीर पुंडीर, प्रभात बोहरा, आरके रायजादा व शोभित सहारिया को नोटिस जारी कर पांच दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। सभागार में वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि वे वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की बात का सम्मान करेंगे। यदि न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह का व्यवहार नहीं सुधरा तो बहिष्कार जारी रहेगा। अधिवक्ता एमसी पंत ने कहा कि बडे़ दुख की बात है और हाइकोर्ट में गलत परंपरा शुरू हो गई है। हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस छुट्टी पर जाते हैं तो वह अपना कार्यभार सीनियर जज को सौंप कर नहीं जाते हैं। जबकि नियम है कि यदि चीफ जस्टिस छुट्टी पर जाएंगे तो वो अपना कार्यभार हाइकोर्ट के सीनियर जज को सौंप कर जाएंगे। लेकिन गलत परंपरा के चलते हाईकोर्ट के सीनियर जज को कार्यभार तक नहीं सौंपा गया। अधिवक्ता पुष्पा जोशी ने कहा कि जजों के स्थानांतरण की लड़ाई को जारी रखना चाहिए। बैठक में भारी संख्या में अधिवक्तागण मौजूद थे।
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