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एनएच-74 पर टोल ब्रिज का मामला पहुंचा उच्च न्यायालय
Updated Sun, 29 Oct 2017 02:26 AM IST
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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पर टोल ब्रिज स्थापित के मामले में ठेकेदार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और केंद्र सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। चुटकी देवरिया ऊधमसिंह नगर निवासी अजय तिवारी ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने 26 अगस्त 2017 को बकेनिया किच्छा में राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर टोल ब्रिज का ठेका दिया है। ठेकेदार यहां दिन में दो बार टोल टैक्स ले रहा है। राजमार्ग में 13 किलोमीटर कार्य होना बाकी है, इसके अलावा रुद्रपुर रेलवे स्टेशन फुलबट्टा और किच्छा बाईपास के समीप भी कार्य पूरा नहीं किया गया है। ऐसे में टोल ब्रिज लगाना गलत है। याची का यह भी कहना था कि यह ग्रामीण क्षेत्र है। लोगों को कृषि कार्य करने के लिए दूर तक कई बार आना-जाना पड़ता है। ठेकेदार उनसे दिन में दो बार पास बनवाता है। गुरुद्वारा जाने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है। पक्षों की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने ठेकेदार, राजमार्ग प्राधिकरण और केंद्र सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
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मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। चुटकी देवरिया ऊधमसिंह नगर निवासी अजय तिवारी ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने 26 अगस्त 2017 को बकेनिया किच्छा में राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर टोल ब्रिज का ठेका दिया है। ठेकेदार यहां दिन में दो बार टोल टैक्स ले रहा है। राजमार्ग में 13 किलोमीटर कार्य होना बाकी है, इसके अलावा रुद्रपुर रेलवे स्टेशन फुलबट्टा और किच्छा बाईपास के समीप भी कार्य पूरा नहीं किया गया है। ऐसे में टोल ब्रिज लगाना गलत है। याची का यह भी कहना था कि यह ग्रामीण क्षेत्र है। लोगों को कृषि कार्य करने के लिए दूर तक कई बार आना-जाना पड़ता है। ठेकेदार उनसे दिन में दो बार पास बनवाता है। गुरुद्वारा जाने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है। पक्षों की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने ठेकेदार, राजमार्ग प्राधिकरण और केंद्र सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
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