{"_id":"5978e52b4f1c1b54358b47d2","slug":"150109529216-sitarganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिसंपति विवाद के बीच फंसे डैम पर टेंडर प्रक्रिया निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिसंपति विवाद के बीच फंसे डैम पर टेंडर प्रक्रिया निरस्त
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नानकमत्ता। उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों पर स्वामित्व के विवाद में फंसे नानकसागर डैम की मछलियों के ठेके की टेंडर प्रक्रिया निरस्त हो गई। सिंचाई विभाग बिना किसी सूचना के ही डैम की मछलियों का ठेका करा रहा था। जिसका लोगों ने विरोध कर दिया।
बुधवार को नानकसागर डैम पर जलाशय में पल रही मछलियों के ठेके के लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ की गई। जिसका लोगों ने विरोध कर दिया। विरोध के कारण टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। लोगों का आरोप था कि सिंचाई विभाग द्वारा बिना किसी सूचना के टेंडर प्रक्रिया की जा रही है।
जोकि, नियम विरुद्घ है। विरोध के बाद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी। बता दें कि नानकसागर डैम तथा कैनाल विभाग की संपत्ति डेढ़ दशक बीत जाने के बाद भी उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन है । जिससे नानकसागर बैराज का विकास ठप है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को नानकसागर डैम पर जलाशय में पल रही मछलियों के ठेके के लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ की गई। जिसका लोगों ने विरोध कर दिया। विरोध के कारण टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। लोगों का आरोप था कि सिंचाई विभाग द्वारा बिना किसी सूचना के टेंडर प्रक्रिया की जा रही है।
विज्ञापन
जोकि, नियम विरुद्घ है। विरोध के बाद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी। बता दें कि नानकसागर डैम तथा कैनाल विभाग की संपत्ति डेढ़ दशक बीत जाने के बाद भी उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन है । जिससे नानकसागर बैराज का विकास ठप है।
विज्ञापन