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कौसानी की चाय फैक्ट्री बंद देख पर्यटक भी सरकार पर अंगूली उठाना नहीं भूलते
Updated Sun, 11 Jun 2017 10:44 PM IST
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चाय फैक्ट्री पर तीन साल से लटक रहे ताले
कौसानी (बागेश्वर)। उत्तराखंड टी-बोर्ड की कौसानी स्थित चाय फैक्ट्री तीन साल से बंद है। फैक्ट्री के बंद होने से कौसानी के पयर्टन व्यवसाय पर विपरीत असर पड़ रहा है। पर्यटन सीजन पीक पर होने से देश-विदेश से हजारों पर्यटक हर रोज कौसानी पहुंच रहे हैं, लेकिन फैक्ट्री पर ताले पड़े देखकर वह निराश होकर लौटने को मजबूर है।
उत्तरांखड टी-बोर्ड ने 90 के दशक में कौसानी में चाय बागान विकसित करने के साथ 1200 वर्ग फुट में कौसानी में उत्तरांचल टी फैक्ट्री की स्थापना कराई। टी-बोर्ड का कोलकाता की एक पूजीपति से पत्तियों के क्रय करने को लेकर तब करार हुआ था। फैक्ट्री के मालिक द्वारा टी-बोर्ड और काश्तकारों को तय मूल्य पर चाय की पत्तियों का भुगतान नहीं करने को लेकर बात नहीं बनी। काश्तकारों, टी -बोर्ड के आला अधिकारियों के चाय की पत्तियों के मूल्य को लेकर कई बार समझौते हुए। फैक्ट्री मालिक द्वारा फैक्ट्री घाटे में चलने की बात कह कर फैक्ट्री बंद कर दी गई। तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री की पहल पर सरकार ने हरीनगरी में तीन 3000 वर्ग फुट में एससीपी मद से चाय फैक्ट्री स्थापित कर दी।
कौसानी की टी फैक्ट्री जुलाई 2015 से बंद है। कौसानी आने वाला हर देशी-विदेशी पर्यटक टी फैक्ट्री की सैर करना नहीं भूलता है। कौसानी में इस बीच पर्यटक सीजन जोरों पर है। फैक्ट्री में चाय बनता देखने को पर्यटकों में काफी उत्सुकता होती है। फैक्ट्री बंद होने के चलते पर्यटकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अब पर्यटक चाय बागानों को निहारने के बाद वापस निकल लेते हैं। दिल्ली, बंगलूरू, मुंबई, राजस्थान, गुजरात आदि से कौसानी आए पर्यटकों का कहना है कि कौसानी के चाय बागान वास्तव में देखने लायक है। कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा आज तक फैक्ट्री को संचालित न करना बहुत बड़ी भूल है। कौसानी के होटल व्यवसाइयों का कहना है कि टी फैक्ट्री बंद होने से कौसानी के पर्यटन व्यवसाय पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। विधायक चंदन दस का कहना है कि कौसानी की बंद चाय फैक्ट्री को दोबारा संचालित करने लिए वह जल्द ही सीएम से बात करेंगे।
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चाय फैक्ट्री दोबारा संचालित करने को सरकार गंभीर: पंत
गरुड़ (बागेश्वर)। उत्तराखंड सरकार के वित्त मंत्री प्रकाश पंत का कहना है कि कौसानी की चाय का देश-विदेश में नाम है। उन्होंने बताया कि पूर्व सरकार की अनदेखी के चलते कौसानी की चाय फैक्ट्री वर्तमान में बंद है। सरकार फैक्ट्री को दोबारा संचालित करने के प्रति गंभीर है।
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कौसानी (बागेश्वर)। उत्तराखंड टी-बोर्ड की कौसानी स्थित चाय फैक्ट्री तीन साल से बंद है। फैक्ट्री के बंद होने से कौसानी के पयर्टन व्यवसाय पर विपरीत असर पड़ रहा है। पर्यटन सीजन पीक पर होने से देश-विदेश से हजारों पर्यटक हर रोज कौसानी पहुंच रहे हैं, लेकिन फैक्ट्री पर ताले पड़े देखकर वह निराश होकर लौटने को मजबूर है।
उत्तरांखड टी-बोर्ड ने 90 के दशक में कौसानी में चाय बागान विकसित करने के साथ 1200 वर्ग फुट में कौसानी में उत्तरांचल टी फैक्ट्री की स्थापना कराई। टी-बोर्ड का कोलकाता की एक पूजीपति से पत्तियों के क्रय करने को लेकर तब करार हुआ था। फैक्ट्री के मालिक द्वारा टी-बोर्ड और काश्तकारों को तय मूल्य पर चाय की पत्तियों का भुगतान नहीं करने को लेकर बात नहीं बनी। काश्तकारों, टी -बोर्ड के आला अधिकारियों के चाय की पत्तियों के मूल्य को लेकर कई बार समझौते हुए। फैक्ट्री मालिक द्वारा फैक्ट्री घाटे में चलने की बात कह कर फैक्ट्री बंद कर दी गई। तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री की पहल पर सरकार ने हरीनगरी में तीन 3000 वर्ग फुट में एससीपी मद से चाय फैक्ट्री स्थापित कर दी।
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कौसानी की टी फैक्ट्री जुलाई 2015 से बंद है। कौसानी आने वाला हर देशी-विदेशी पर्यटक टी फैक्ट्री की सैर करना नहीं भूलता है। कौसानी में इस बीच पर्यटक सीजन जोरों पर है। फैक्ट्री में चाय बनता देखने को पर्यटकों में काफी उत्सुकता होती है। फैक्ट्री बंद होने के चलते पर्यटकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अब पर्यटक चाय बागानों को निहारने के बाद वापस निकल लेते हैं। दिल्ली, बंगलूरू, मुंबई, राजस्थान, गुजरात आदि से कौसानी आए पर्यटकों का कहना है कि कौसानी के चाय बागान वास्तव में देखने लायक है। कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा आज तक फैक्ट्री को संचालित न करना बहुत बड़ी भूल है। कौसानी के होटल व्यवसाइयों का कहना है कि टी फैक्ट्री बंद होने से कौसानी के पर्यटन व्यवसाय पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। विधायक चंदन दस का कहना है कि कौसानी की बंद चाय फैक्ट्री को दोबारा संचालित करने लिए वह जल्द ही सीएम से बात करेंगे।
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चाय फैक्ट्री दोबारा संचालित करने को सरकार गंभीर: पंत
गरुड़ (बागेश्वर)। उत्तराखंड सरकार के वित्त मंत्री प्रकाश पंत का कहना है कि कौसानी की चाय का देश-विदेश में नाम है। उन्होंने बताया कि पूर्व सरकार की अनदेखी के चलते कौसानी की चाय फैक्ट्री वर्तमान में बंद है। सरकार फैक्ट्री को दोबारा संचालित करने के प्रति गंभीर है।