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सिपाही सोते रहे अस्पताल से बंदी हुआ फरार
Updated Sat, 07 Oct 2017 02:23 AM IST
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती विचाराधीन बंदी बृहस्पतिवार रात हथकड़ी सरकाकर अस्पताल से फरार हो गया। बंदी की सुरक्षा में लगे तीन पुलिसकर्मी सोते रह गए। घटना की सूचना मिलने के बाद नैनीताल और ऊधमसिंह नगर की पुलिस खोजबीन में जुट गई। बाद में काशीपुर की पुलिस ने दोपहर बाद फरार बंदी को पकड़ लिया। इस मामले में ऊधमसिंह नगर के एसएसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है।
ऊधमसिंह नगर जिले के रामनगर वन, जसपुर निवासी शमशाद (30) पुत्र शहजाद को काशीपुर पुलिस ने दस जुलाई को बाइक चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। अगले दिन उसे हल्द्वानी उपकारागार में दाखिल किया गया। 27 सितंबर को पेट में दर्द होने पर जेलर की रिपोर्ट पर बंदी को ऊधमसिंह नगर की पुलिस ने एसटीएच में भर्ती कराया। विचाराधीन बंदी की सुरक्षा में हेड कांस्टेबल मोहन राम के साथ सिपाही इमदाद हुसैन और बंधीधर जोशी को तैनात किया गया था। बृहस्पतिवार रात तीनों पुलिसकर्मी सोने लगे। इस बीच बेड नंबर 50 पर भर्ती बंदी हथकड़ी सरकाकर अस्पताल से भाग निकला। देर रात नींद टूटने पर सिपाहियों ने घटना से कंट्रोल रूम को अवगत कराया। सूचना के आधार पर नैनीताल के अलावा ऊधमसिंह नगर की पुलिस सक्रिय हो गई। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला कि बंदी एक बजकर 26 मिनट पर अस्पताल से निकल गया था। उसके साथ दो अन्य युवक भी मौजूद थे। घटना के बाद दोपहर तक पुलिस महकमे में खलबली मच गई लेकिन अंत में काशीपुर की पुलिस ने बंदी को पकड़ लिया। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एके पांडे ने बताया कि बंदी का इलाज डॉ. भुवन के नेतृत्व में चल रहा था। जांच से पता चला कि शमशाद की दोनों किडनियों में लगभग 16-16 मिलीग्राम की पथरी है। ऑपरेशन के लिए बुधवार की तिथि निर्धारित की गई थी। इसके लिए डॉक्टरों की टीम आवश्यक तैयारी कर रही थी। बंदी ने फरार होकर अपना नुकसान किया है। इस मामले में शाम तक कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। इधर ऊधमसिंह नगर पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी के खिलाफ 25 आर्म्स एक्ट सहित दो मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
बंदी के भागने पर सिपाही गढ़ने लगे कहानी
हल्द्वानी। अस्पताल से भागने पर सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी झूठी कहानी गढ़ने लगे। पुलिसकर्मियों का कहना था कि वह शौच के बहाने निकला था और चंपत हो गया। सवाल यह उठता है कि यदि शौच के लिए बंदी गया तो हथकड़ी सरकाकर क्यों गया। हथकड़ी लेकर या सिपाहियों से निकलवा कर जा सकता था। सिपाहियों को भागने के समय का भी पता नहीं था। सीसीटीवी फुटेज से जांच करने पर उनको भागने के वक्त का पता चला।
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मुजरिमों से दोस्ती पुलिस के लिए बनी खतरनाक
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एके पांडे ने बताया कि वह कैदियों के आने पर पुलिसकर्मियों को बार-बार सलाह देते हैं कि उनके साथ दोस्ती करना ठीक नहीं है। बृहस्पतिवार रात एक बजे उन्होंने कैदी के बाबत सिपाहियों से फोन पर पूछताछ की थी। यदि कैदी पर पुलिस का भरोसा बढ़ता है तो वह अपना खतरनाक खेल खेलता है। इस कारण सुरक्षा की ड्यूटी को सतर्कता के साथ करना चाहिए। बार-बार कैदियों के भागने पर महकमे की बदनामी भी होती है। इस बीच अधीक्षक के समीप मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी अभियुक्तों की दोस्ती को खतरनाक माना है।
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ऊधमसिंह नगर जिले के रामनगर वन, जसपुर निवासी शमशाद (30) पुत्र शहजाद को काशीपुर पुलिस ने दस जुलाई को बाइक चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। अगले दिन उसे हल्द्वानी उपकारागार में दाखिल किया गया। 27 सितंबर को पेट में दर्द होने पर जेलर की रिपोर्ट पर बंदी को ऊधमसिंह नगर की पुलिस ने एसटीएच में भर्ती कराया। विचाराधीन बंदी की सुरक्षा में हेड कांस्टेबल मोहन राम के साथ सिपाही इमदाद हुसैन और बंधीधर जोशी को तैनात किया गया था। बृहस्पतिवार रात तीनों पुलिसकर्मी सोने लगे। इस बीच बेड नंबर 50 पर भर्ती बंदी हथकड़ी सरकाकर अस्पताल से भाग निकला। देर रात नींद टूटने पर सिपाहियों ने घटना से कंट्रोल रूम को अवगत कराया। सूचना के आधार पर नैनीताल के अलावा ऊधमसिंह नगर की पुलिस सक्रिय हो गई। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला कि बंदी एक बजकर 26 मिनट पर अस्पताल से निकल गया था। उसके साथ दो अन्य युवक भी मौजूद थे। घटना के बाद दोपहर तक पुलिस महकमे में खलबली मच गई लेकिन अंत में काशीपुर की पुलिस ने बंदी को पकड़ लिया। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एके पांडे ने बताया कि बंदी का इलाज डॉ. भुवन के नेतृत्व में चल रहा था। जांच से पता चला कि शमशाद की दोनों किडनियों में लगभग 16-16 मिलीग्राम की पथरी है। ऑपरेशन के लिए बुधवार की तिथि निर्धारित की गई थी। इसके लिए डॉक्टरों की टीम आवश्यक तैयारी कर रही थी। बंदी ने फरार होकर अपना नुकसान किया है। इस मामले में शाम तक कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। इधर ऊधमसिंह नगर पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी के खिलाफ 25 आर्म्स एक्ट सहित दो मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
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बंदी के भागने पर सिपाही गढ़ने लगे कहानी
हल्द्वानी। अस्पताल से भागने पर सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी झूठी कहानी गढ़ने लगे। पुलिसकर्मियों का कहना था कि वह शौच के बहाने निकला था और चंपत हो गया। सवाल यह उठता है कि यदि शौच के लिए बंदी गया तो हथकड़ी सरकाकर क्यों गया। हथकड़ी लेकर या सिपाहियों से निकलवा कर जा सकता था। सिपाहियों को भागने के समय का भी पता नहीं था। सीसीटीवी फुटेज से जांच करने पर उनको भागने के वक्त का पता चला।
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मुजरिमों से दोस्ती पुलिस के लिए बनी खतरनाक
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एके पांडे ने बताया कि वह कैदियों के आने पर पुलिसकर्मियों को बार-बार सलाह देते हैं कि उनके साथ दोस्ती करना ठीक नहीं है। बृहस्पतिवार रात एक बजे उन्होंने कैदी के बाबत सिपाहियों से फोन पर पूछताछ की थी। यदि कैदी पर पुलिस का भरोसा बढ़ता है तो वह अपना खतरनाक खेल खेलता है। इस कारण सुरक्षा की ड्यूटी को सतर्कता के साथ करना चाहिए। बार-बार कैदियों के भागने पर महकमे की बदनामी भी होती है। इस बीच अधीक्षक के समीप मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी अभियुक्तों की दोस्ती को खतरनाक माना है।