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जिले के चार गांव पूर्ण डूब क्षेत्र में
Updated Sun, 13 Aug 2017 10:28 PM IST
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अल्मोड़ा। भारत और नेपाल के बीच महाकाली नदी पर प्रस्तावित बहुउद्देशीय पंचेश्वर बांध के निर्माण में अल्मोड़ा के 21 गांव प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए जहां एक ओर संयुक्त निरीक्षण दल जांच में लगा हुआ है वहीं 17 अगस्त को होने वाली जन सुनवाई की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। इन 21 गांवों में अल्मोड़ा तहसील का एक गांव और भनोली तहसील के तीन गांव पूर्ण डूब क्षेत्र में आ रहे हैं।
जिलाधिकारी ईवा आशीष की अध्यक्षता में 17 अगस्त को सुबह 11 बजे धौलादेवी ब्लॉक में प्रस्तावित बहुउद्देशीय पंचेश्वर बांध की जन सुनवाई तय कर दी गई है। भारत और नेपाल के बीच बनाए जा रहे पंचेश्चवर बांध में अल्मोड़ा की 1214.16 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत होगी। जिसमें भनोली तहसील के 13 और अल्मोड़ा के आठ गांव मिलाकर कुल 21 गांव प्रभावित होने की संभावना है। वर्तमान में बांध के अंतर्गत आने वाले गांवों का संयुक्त निरीक्षण का कार्य जारी है, जिसमें एसडीएम के अलावा डीएफओ सिविल सोयम और वाप्कोस कंपनी के इंजीनियर वन भूमि के लिए सर्वे कर रहे हैं। बांध के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी भी वाप्कोस कंपनी की है।
इधर एसडीएम भनोली अवधेश सिंह ने बताया कि 21 गांवों में अल्मोड़ा तहसील का एक गांव और भनोली तहसील के तीन गांव पूर्ण डूब क्षेत्र में आ रहे हैं जिनमें कोला, बमोरी, ऊंचा बेडागूंठ और धूरालागा गांव शामिल हैं। अन्य 17 गांव आंशिक रूप से प्रभावित श्रेणी में आ रहे हैं।
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जिलाधिकारी ईवा आशीष की अध्यक्षता में 17 अगस्त को सुबह 11 बजे धौलादेवी ब्लॉक में प्रस्तावित बहुउद्देशीय पंचेश्वर बांध की जन सुनवाई तय कर दी गई है। भारत और नेपाल के बीच बनाए जा रहे पंचेश्चवर बांध में अल्मोड़ा की 1214.16 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत होगी। जिसमें भनोली तहसील के 13 और अल्मोड़ा के आठ गांव मिलाकर कुल 21 गांव प्रभावित होने की संभावना है। वर्तमान में बांध के अंतर्गत आने वाले गांवों का संयुक्त निरीक्षण का कार्य जारी है, जिसमें एसडीएम के अलावा डीएफओ सिविल सोयम और वाप्कोस कंपनी के इंजीनियर वन भूमि के लिए सर्वे कर रहे हैं। बांध के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी भी वाप्कोस कंपनी की है।
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इधर एसडीएम भनोली अवधेश सिंह ने बताया कि 21 गांवों में अल्मोड़ा तहसील का एक गांव और भनोली तहसील के तीन गांव पूर्ण डूब क्षेत्र में आ रहे हैं जिनमें कोला, बमोरी, ऊंचा बेडागूंठ और धूरालागा गांव शामिल हैं। अन्य 17 गांव आंशिक रूप से प्रभावित श्रेणी में आ रहे हैं।
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