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एनएच चौड़ीकरण में शिफ्ट होगी 13 किमी पेयजल लाइन
Updated Fri, 09 Nov 2018 01:13 AM IST
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हल्द्वानी। एनएच चौड़ीकरण में सड़क के बीच में आ रही 13.90 किमी पेयजल लाइन शिफ्ट की जाएगी। लाइन शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। एनएच चौड़ीकरण में सड़क के बीचोंबीच आ रही लाइन शिफ्ंिटग के लिए जलसंस्थान को शासन से धनराशि मिल चुकी है। एक बार टेंडर भी कर दिए गए थे लेकिन अब निकाय चुनाव के बाद दोबारा टेंडर कराए जाएंगे।
गोरापड़ाव से गौलापार होते हुए काठगोदाम तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इस दौरान सड़क किनारे बाधक बने पेड़ों का कटान, बिजली और पेयजल लाइनों की शिफ्टिंग की जानी है। पेयजल लाइनों की शिफ्टिंग के लिए जलसंस्थान को 133 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। जलसंस्थान सूत्रों के मुताबिक एनएच चौड़ीकरण में करीब 700-800 पेड़ बाधक बने हैं। वन विभाग द्वारा इन पेड़ों को काटा जाना है। पेड़ों के काटे जाने के बाद एनएच की ओर से जलसंस्थान को पेयजल लाइन शिफ्टिंग के लिए स्थल उपलब्ध कराया जाएगा। जहां लाइन शिफ्ट की जानी है उसकी मार्किंग की जाएगी।
पेयजल लाइन शिफ्टिंग के लिए धनराशि मिल चुकी है। लेकिन अभी पेड़ों का कटान नहीं हुआ है। एनएच ने लाइन बिछाने के लिए स्थल उपलब्ध कराना है। उसकी ओर से सुझाए गए स्थल पर ही नई लाइन बिछाई जाएगी। क्षेत्र में करीब 30 हजार पेयजल उपभोक्ता हैं। सभी के कनेक्शन नई लाइन से शिफ्ट किए जाएंगे। चुनाव बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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- विशाल कुमार सक्सेना, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
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गोरापड़ाव से गौलापार होते हुए काठगोदाम तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इस दौरान सड़क किनारे बाधक बने पेड़ों का कटान, बिजली और पेयजल लाइनों की शिफ्टिंग की जानी है। पेयजल लाइनों की शिफ्टिंग के लिए जलसंस्थान को 133 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। जलसंस्थान सूत्रों के मुताबिक एनएच चौड़ीकरण में करीब 700-800 पेड़ बाधक बने हैं। वन विभाग द्वारा इन पेड़ों को काटा जाना है। पेड़ों के काटे जाने के बाद एनएच की ओर से जलसंस्थान को पेयजल लाइन शिफ्टिंग के लिए स्थल उपलब्ध कराया जाएगा। जहां लाइन शिफ्ट की जानी है उसकी मार्किंग की जाएगी।
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पेयजल लाइन शिफ्टिंग के लिए धनराशि मिल चुकी है। लेकिन अभी पेड़ों का कटान नहीं हुआ है। एनएच ने लाइन बिछाने के लिए स्थल उपलब्ध कराना है। उसकी ओर से सुझाए गए स्थल पर ही नई लाइन बिछाई जाएगी। क्षेत्र में करीब 30 हजार पेयजल उपभोक्ता हैं। सभी के कनेक्शन नई लाइन से शिफ्ट किए जाएंगे। चुनाव बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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- विशाल कुमार सक्सेना, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।