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वन दरोगा और दो गार्ड पर गिरी गाज
Updated Fri, 13 Jul 2018 02:09 AM IST
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हल्द्वानी। पेड़ों के अवैध कटान प्रकरण में टांडा रेंजर के बाद अब वन दरोगा और दो गार्ड को भी निलंबित कर दिया गया है।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग ने रेलवे ट्रैक चौड़ीकरण के लिए वन भूमि हस्तांतरित की है। चौड़ीकरण की आड़ में ठेकेदार ने 267 पेड़ों पर आरी चला दी गई थी। बाद में इस मामले को दबाने की कोशिश की गई। मामला सुर्खियों में आने के बाद वन अफसरों को इसका पता चला। वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया था। इस प्रकरण की जांच एसडीओ यूसी तिवारी को सौंपी गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया रेंजर भूपाल सिंह मेहता, वन दरोगा माधव राम, गार्ड हरीश बिष्ट और संपूर्णानंद की लापरवाही सामने आई थी। रिपोर्ट के आधार पर टांडा रेंजर भूपाल सिंह मेहता को निलंबित कर दिया गया था। अब वन दरोगा माधव राम, दोनों गार्ड हरीश, संपूर्णानंद को भी निलंबित कर दिया गया है। वन संरक्षक, पश्चिमी वन वृत्त डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि किसी भी कर्मी की अगर पेड़ों के अवैध कटान में संलिप्तता में मिलती है तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।
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तराई केंद्रीय वन प्रभाग ने रेलवे ट्रैक चौड़ीकरण के लिए वन भूमि हस्तांतरित की है। चौड़ीकरण की आड़ में ठेकेदार ने 267 पेड़ों पर आरी चला दी गई थी। बाद में इस मामले को दबाने की कोशिश की गई। मामला सुर्खियों में आने के बाद वन अफसरों को इसका पता चला। वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया था। इस प्रकरण की जांच एसडीओ यूसी तिवारी को सौंपी गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया रेंजर भूपाल सिंह मेहता, वन दरोगा माधव राम, गार्ड हरीश बिष्ट और संपूर्णानंद की लापरवाही सामने आई थी। रिपोर्ट के आधार पर टांडा रेंजर भूपाल सिंह मेहता को निलंबित कर दिया गया था। अब वन दरोगा माधव राम, दोनों गार्ड हरीश, संपूर्णानंद को भी निलंबित कर दिया गया है। वन संरक्षक, पश्चिमी वन वृत्त डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि किसी भी कर्मी की अगर पेड़ों के अवैध कटान में संलिप्तता में मिलती है तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।