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एनएच भूमि घोटाले में डाटा इंट्री ऑपरेटर की गिरफ्तारी का रास्ता साफ
Updated Thu, 09 Nov 2017 02:27 AM IST
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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग-74 भूमि घोटाले में डाटा इंट्री ऑपरेटर अर्पण कुमार की गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिका खारिज कर दी है।
इसी साल 10 मार्च को अपर जिलाधिकारी प्रताप शाह की ओर से पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के खिलाफ मुआवजा निर्धारण में वित्तीय अनियमितता, भूमि के अभिलेखों में हेराफेरी, राजस्व हानि और सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप प्राथमिकी में लगाया गया था। जांच करने पर तहसीलदार, नयाब तहसीलदार, कानूनगो, पथरी लेखपाल, चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी और लेखपाल आदि अधिकारी दोषी पाए गए थे। याची पर आरोप था कि वह किसानों और अधिकारियों के बीच बिचोलिये की भूमिका निभाता था। न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया की पीठ ने याची की गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिका को ख़ारिज कर दिया है। पूर्व में कोर्ट ने घोटाले के मुख्य आरोप डीपी सिंह की भी गिरफ्तारी से रोक हटा दी थी।
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इसी साल 10 मार्च को अपर जिलाधिकारी प्रताप शाह की ओर से पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह के खिलाफ मुआवजा निर्धारण में वित्तीय अनियमितता, भूमि के अभिलेखों में हेराफेरी, राजस्व हानि और सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप प्राथमिकी में लगाया गया था। जांच करने पर तहसीलदार, नयाब तहसीलदार, कानूनगो, पथरी लेखपाल, चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी और लेखपाल आदि अधिकारी दोषी पाए गए थे। याची पर आरोप था कि वह किसानों और अधिकारियों के बीच बिचोलिये की भूमिका निभाता था। न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया की पीठ ने याची की गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिका को ख़ारिज कर दिया है। पूर्व में कोर्ट ने घोटाले के मुख्य आरोप डीपी सिंह की भी गिरफ्तारी से रोक हटा दी थी।