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ग्रामीण क्षेत्र अविकसित, पांच फीसदी ही लगेगा उपविभाजन शुल्क
Updated Fri, 12 Oct 2018 02:08 AM IST
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हल्द्वानी। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) बोर्ड बैठक में गांवों को अविकसित मानते हुए वहां होने वाले भवन निर्माण में पांच फीसदी उप विभाजन शुल्क लेने और कानूनी राय लेने के बाद कंपाउंडिंग प्रक्रिया फिर से शुरू करने का फैसला लिया गया। बोर्ड के इस फैसले के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी भवन मानचित्र पास हो सकेगा।
काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आयुक्त राजीव रौतेला की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपविभाजन शुल्क को लेकर असमंजस की स्थिति है, जिसके कुमाऊं में कई जगह गांवों में भवन मानचित्र स्वीकृत नहीं हो रहे हैं। बोर्ड बैठक में फैसला लिया गया कि चूंकि ग्रामीण क्षेत्र अविकसित क्षेत्र हैं लिहाजा वहां उपविभाजन शुल्क पांच फीसदी ही लिया जाए जबकि नगर क्षेत्र में उपविभाजन शुल्क एक फीसदी लिया जाए। बैठक में कंपाउंडिंग प्रक्रिया पर हुई चर्चा के बाद इस संबंध में हाईकोर्ट के निर्देशों पर अमल करते हुए और कानूनी राय लेकर कंपाउंडिंग प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया गया। मंडलभर से पहुंचे डीडीए के उपाध्यक्ष/डीएमों, सचिव, संयुक्त सचिवों को संबोधित करते हुए मंडलायुक्त रौतेला ने अपने जिलों में प्राधिकरण में खाली पदों को शीघ्र भरने को कहा। उन्होेंने कहा कि जिन जगहों में प्राधिकरण ने अवैध निर्माण तोड़ा है वहां रैलिंग आदि लगाई जाए ताकि संबंधित क्षेत्र का सौंदर्यीकरण हो। मंडलायुक्त ने शासनादेश के नियमों के तहत ही भवन मानचित्र स्वीकृत करने के भी निर्देश दिए।
ड्रोन और सैटेलाइट से करें मार्किंग
हल्द्वानी। आयुक्त राजीव रौतेला ने प्राधिकरण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने क्षेत्रों में ड्रोन अथवा सैटेलाइट के माध्यम से शासनादेश के मुताबिक मार्किंग कराएं। उन्होंने निर्मित क्षेत्रों में बायलॉज के अनुसार कार्य करने के भी निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि प्राधिकरण के बारे में आम जनता को पूरी जानकारी दी जाए ताकि उन्हें दिक्कतें न हों।
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यह अधिकारी थे बैठक में
हल्द्वानी। बैठक में नैनीताल के डीएम विनोद कुमार सुमन, ऊधमसिंह नगर के डीएम नीरज खैरवाल, चंपावत के एसएन पांडे, अल्मोड़ा के डीएम नितिन भदौरिया, प्राधिकरण उपाध्यक्ष विनय शंकर पांडे, स्टेट चीफ टाउन प्लानर एसके पंत, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया, एडीएम आरडी पालीवाल समेत कई अधिकारी थे।
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काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आयुक्त राजीव रौतेला की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपविभाजन शुल्क को लेकर असमंजस की स्थिति है, जिसके कुमाऊं में कई जगह गांवों में भवन मानचित्र स्वीकृत नहीं हो रहे हैं। बोर्ड बैठक में फैसला लिया गया कि चूंकि ग्रामीण क्षेत्र अविकसित क्षेत्र हैं लिहाजा वहां उपविभाजन शुल्क पांच फीसदी ही लिया जाए जबकि नगर क्षेत्र में उपविभाजन शुल्क एक फीसदी लिया जाए। बैठक में कंपाउंडिंग प्रक्रिया पर हुई चर्चा के बाद इस संबंध में हाईकोर्ट के निर्देशों पर अमल करते हुए और कानूनी राय लेकर कंपाउंडिंग प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया गया। मंडलभर से पहुंचे डीडीए के उपाध्यक्ष/डीएमों, सचिव, संयुक्त सचिवों को संबोधित करते हुए मंडलायुक्त रौतेला ने अपने जिलों में प्राधिकरण में खाली पदों को शीघ्र भरने को कहा। उन्होेंने कहा कि जिन जगहों में प्राधिकरण ने अवैध निर्माण तोड़ा है वहां रैलिंग आदि लगाई जाए ताकि संबंधित क्षेत्र का सौंदर्यीकरण हो। मंडलायुक्त ने शासनादेश के नियमों के तहत ही भवन मानचित्र स्वीकृत करने के भी निर्देश दिए।
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ड्रोन और सैटेलाइट से करें मार्किंग
हल्द्वानी। आयुक्त राजीव रौतेला ने प्राधिकरण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने क्षेत्रों में ड्रोन अथवा सैटेलाइट के माध्यम से शासनादेश के मुताबिक मार्किंग कराएं। उन्होंने निर्मित क्षेत्रों में बायलॉज के अनुसार कार्य करने के भी निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि प्राधिकरण के बारे में आम जनता को पूरी जानकारी दी जाए ताकि उन्हें दिक्कतें न हों।
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यह अधिकारी थे बैठक में
हल्द्वानी। बैठक में नैनीताल के डीएम विनोद कुमार सुमन, ऊधमसिंह नगर के डीएम नीरज खैरवाल, चंपावत के एसएन पांडे, अल्मोड़ा के डीएम नितिन भदौरिया, प्राधिकरण उपाध्यक्ष विनय शंकर पांडे, स्टेट चीफ टाउन प्लानर एसके पंत, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया, एडीएम आरडी पालीवाल समेत कई अधिकारी थे।