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पुलिस भी चिट फंड कंपनियों पर कर सकेगी कार्रवाई
Updated Sat, 23 Dec 2017 01:38 AM IST
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हल्द्वानी। आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक शरद कुमार ने कहा कि चिट फंड कंपनियों और प्राइवेट बैंकों की असलियत की जांच कुमाऊं की पुलिस कर सकती है। उत्तराखंड से अनापत्ति के बगैर कोई बाहरी चिट फंड कंपनी काम नहीं कर सकती है। अभी तक किसी को सहमति नहीं मिली है। पुलिस आईपीसी और रिजर्व बैंक की नई गाइडलाइन के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कर सकती है।
रानीबाग स्थित एक होटल में आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक शरद कुमार की गोष्ठी में कुमाऊं के सभी छह जिलों के पुलिसकर्मियों को बुलाया गया था। सहायक महाप्रबंधक ने पुलिसकर्मियों को बताया कि आजकल चिट फंड कंपनियां और प्राइवेट बैंक आम जनता को अधिक ब्याज दर देने और पैसा दोगुना करने का झांसा देकर पैसा हड़प लेती हैं। उपभोक्ता पैसा गंवाने के बाद अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगाता रहता है। उन्होंने पुलिस को बताया कि यदि उनके क्षेत्र में कोई चिट फंड कंपनी अधिक ब्याज दर देने का सब्जबाग दिखाती है तो पुलिस को तत्काल चेक करना चाहिए कि कंपनी भारत सरकार से पंजीकृत है या नहीं। पंजीकरण नहीं होने पर पुलिस भारतीय दंड संहिता की धारा 43 बी या आरबीआई के नए एक्ट 45 अ और टी के तहत कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को रिजर्व बैंक की गाइड लाइन से अवगत कराया। इस मौके पर डीआईजी पूरन सिंह ने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को प्राइवेट बैंकों और चिट फंड कंपनियों पर निगाह रखने के निर्देश दिए। गोष्ठी में एसपी सिटी अमित कुमार श्रीवास्तव, कोतवाल के आर पांडे के अलावा उधमसिंहनगर, चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर के पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
डीआईजी ने रेंज को दिए वाहन चेकिंग के निर्देश
डीआईजी पूरन सिंह रावत ने कुमाऊं के पुलिस कर्मियों को नए वर्ष के मौके पर वाहन चेकिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने शराब पीकर गाड़ी चलाने, ओवरलोडिंग पर कार्रवाई करने की सलाह दी। बताया कि दुर्घटना करने वाले वाहन चालक अक्सर छूट जाते हैं। गलत वाहन चलाने वाले चालकों पर कड़ी कार्रवाई कर पुलिस को शिकंजा कसना होगा।
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रानीबाग स्थित एक होटल में आरबीआई के सहायक महाप्रबंधक शरद कुमार की गोष्ठी में कुमाऊं के सभी छह जिलों के पुलिसकर्मियों को बुलाया गया था। सहायक महाप्रबंधक ने पुलिसकर्मियों को बताया कि आजकल चिट फंड कंपनियां और प्राइवेट बैंक आम जनता को अधिक ब्याज दर देने और पैसा दोगुना करने का झांसा देकर पैसा हड़प लेती हैं। उपभोक्ता पैसा गंवाने के बाद अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगाता रहता है। उन्होंने पुलिस को बताया कि यदि उनके क्षेत्र में कोई चिट फंड कंपनी अधिक ब्याज दर देने का सब्जबाग दिखाती है तो पुलिस को तत्काल चेक करना चाहिए कि कंपनी भारत सरकार से पंजीकृत है या नहीं। पंजीकरण नहीं होने पर पुलिस भारतीय दंड संहिता की धारा 43 बी या आरबीआई के नए एक्ट 45 अ और टी के तहत कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को रिजर्व बैंक की गाइड लाइन से अवगत कराया। इस मौके पर डीआईजी पूरन सिंह ने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को प्राइवेट बैंकों और चिट फंड कंपनियों पर निगाह रखने के निर्देश दिए। गोष्ठी में एसपी सिटी अमित कुमार श्रीवास्तव, कोतवाल के आर पांडे के अलावा उधमसिंहनगर, चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर के पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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डीआईजी ने रेंज को दिए वाहन चेकिंग के निर्देश
डीआईजी पूरन सिंह रावत ने कुमाऊं के पुलिस कर्मियों को नए वर्ष के मौके पर वाहन चेकिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने शराब पीकर गाड़ी चलाने, ओवरलोडिंग पर कार्रवाई करने की सलाह दी। बताया कि दुर्घटना करने वाले वाहन चालक अक्सर छूट जाते हैं। गलत वाहन चलाने वाले चालकों पर कड़ी कार्रवाई कर पुलिस को शिकंजा कसना होगा।
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