{"_id":"5c4e1099bdec227cde52e5a5","slug":"11548619929-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगत दा, चुनाव और इशारों की भाषा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगत दा, चुनाव और इशारों की भाषा
विज्ञापन
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। नैनीताल लोकसभा सीट पर भाजपा ने अभी अपना तुरुप का पत्ता नहीं खोला है। इस सीट से टिकट के सबसे मजबूत दावेदार और वर्तमान सांसद भगत सिंह कोश्यारी भी चुनाव को लेकर इशारों में बात कर रहे हैं। उनके इशारों के अपने निहितार्थ निकालकर इस सीट के कई दावेदार उठ खड़े हुए हैं। रविवार को इस सीट के एक दावेदार कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत को कोश्यारी ने इधर उधर न देखने की हिदायत देकर मामले को और उलझा दिया।
भगत दा ने हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में सरस मेले में मन की बात कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान विधायक बंशीधर भगत को ध्यान देने और ‘इधर उधर’ न देखने की नसीहत दी। बंशीधर भगत इस लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की खुलकर इच्छा जताने के साथ पहाड़, भाबर समेत अन्य जगहों पर दौरे भी कर रहे हैं। बाद में पत्रकारों ने जब भगत सिंह कोश्यारी से दावेदारी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने उलटे पत्रकारों से ही कह दिया कि आप भी तैयारी करो, आपको भी प्रधानमंत्री टिकट दे सकते हैं। जब पूछा गया कि आप के चुनाव लड़ने की चर्चा को खारिज कर दिया जाए तो उन्होंने तपाक से जवाब दिया कि ‘आप नहीं चाहोगे तो नहीं लड़ेंगे’। पूछा गया कि दावेदार कह रहे हैं कि चुनाव लड़ने का पहला हक आपका है तो उनका जवाब था कि पार्टी में सौम्य, सज्जन, समझदार लोग हैं, जो ‘टांग नहीं खींचते है, बुजुर्गों का आदर करते हैं’।
उधर, नैनीताल में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने पहुंचे सांसद ने गोलमोल जवाब दिया। पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि वह 16 साल से चुनाव लड़ाते आ रहे हैं और उन्हें चुनाव लड़ने में नहीं, बल्कि चुनाव लड़वाने में आनंद मिलता है। उनका प्रयास है नए लोगों को मौका मिले और युवा वर्ग आगे आएं। उन्होंने त्रिवेंद्र रावत सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल पर भी संतोष जताया। कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के कार्यों की बदौलत आगामी लोकसभा चुनाव में राज्य की पांचों सीटें भाजपा के खाते में आएंगी।
विज्ञापन
भगत दा के इशारे मगर तुरुप का पत्ता अभी बंद
हल्द्वानी में बंशीधर को दे डाली इधर-उधर न देखने की नसीहत
नैनीताल में कहा, चुनाव लड़ने में नहीं, बल्कि लड़वाने में आनंद मिलता है
विज्ञापन
भगत दा ने हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में सरस मेले में मन की बात कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान विधायक बंशीधर भगत को ध्यान देने और ‘इधर उधर’ न देखने की नसीहत दी। बंशीधर भगत इस लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की खुलकर इच्छा जताने के साथ पहाड़, भाबर समेत अन्य जगहों पर दौरे भी कर रहे हैं। बाद में पत्रकारों ने जब भगत सिंह कोश्यारी से दावेदारी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने उलटे पत्रकारों से ही कह दिया कि आप भी तैयारी करो, आपको भी प्रधानमंत्री टिकट दे सकते हैं। जब पूछा गया कि आप के चुनाव लड़ने की चर्चा को खारिज कर दिया जाए तो उन्होंने तपाक से जवाब दिया कि ‘आप नहीं चाहोगे तो नहीं लड़ेंगे’। पूछा गया कि दावेदार कह रहे हैं कि चुनाव लड़ने का पहला हक आपका है तो उनका जवाब था कि पार्टी में सौम्य, सज्जन, समझदार लोग हैं, जो ‘टांग नहीं खींचते है, बुजुर्गों का आदर करते हैं’।
विज्ञापन
उधर, नैनीताल में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने पहुंचे सांसद ने गोलमोल जवाब दिया। पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि वह 16 साल से चुनाव लड़ाते आ रहे हैं और उन्हें चुनाव लड़ने में नहीं, बल्कि चुनाव लड़वाने में आनंद मिलता है। उनका प्रयास है नए लोगों को मौका मिले और युवा वर्ग आगे आएं। उन्होंने त्रिवेंद्र रावत सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल पर भी संतोष जताया। कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के कार्यों की बदौलत आगामी लोकसभा चुनाव में राज्य की पांचों सीटें भाजपा के खाते में आएंगी।
विज्ञापन
भगत दा के इशारे मगर तुरुप का पत्ता अभी बंद
हल्द्वानी में बंशीधर को दे डाली इधर-उधर न देखने की नसीहत
नैनीताल में कहा, चुनाव लड़ने में नहीं, बल्कि लड़वाने में आनंद मिलता है