फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   फिर भेजा लेखा निदेशालय के ढांचे के पुनर्गठन का प्रस्ताव

फिर भेजा लेखा निदेशालय के ढांचे के पुनर्गठन का प्रस्ताव

Tue, 17 Jul 2018 01:48 AM IST
Updated Tue, 17 Jul 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
फिर भेजा लेखा निदेशालय के ढांचे के पुनर्गठन का प्रस्ताव
हल्द्वानी। दो साल पहले स्वीकृत लेखा निदेशालय का ढांचा लागू किए बिना ही एक बार फिर से उक्त ढांचे के पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। नए प्रस्ताव में लेखा परीक्षक, ज्येष्ठ लेखा परीक्षक के पदों को बहाल करते हुए लेखा परीक्षक के पद को सीधी भर्ती का कर दिया है। लेखा निदेशालय का ढांचा लागू न होने से कर्मचारियों की पदोन्नति लटक गई है।
विज्ञापन

बिठौरिया नंबर एक निवासी रमेश चंद्र पांडे ने आरटीआई के तहत यह सूचना जुटाई। बताया कि निदेशालय में वर्ष 2016 में स्वीकृत ढांचे में 175 पदों के जगह पर नए ढांचे में 209 पद प्रस्तावित हैं। नए ढांचे में लेखा परीक्षा अधिकारी के 32, सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी के 35, पद ही रखे गए है, जबकि पूर्व में यह इससे कहीं अधिक थे। ज्येष्ठ लेखा परीक्षक के 50, लेखा परीक्षक के 75 पद रखे गए हैं जो पहले ढांचे में नहीं थे। निदेशक ने 18 जून को वित्त सचिव को नए ढांचे का प्रस्ताव भेजा है। कार्मिकों को बगैर विश्वास में लिए भेजे गए पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव के चलते कार्मिकों में गुस्सा है। जून 2015 में अपर सचिव वित्त दिलीप जावलकर के हस्ताक्षर से जारी शासनादेश में यह कहते हुए कर्मियों के पदोन्नति प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया था कि विभाग का नवीनतम ढांचा मंत्रिमंडल के समक्ष रखना है। तब इससे क्षुब्ध कार्मिकों ने हाईकोर्ट में पदोन्नति के लिए याचिका दायर की। न्यायालय ने दिसंबर 2016 निर्णय दिया कि 12 सप्ताह के भीतर ओल्ड रूल्स के अनुसार पदोन्नतियां की जाए। विभाग ने मार्च 17 में अपील दाखिल कर कहा कि ढांचा स्वीकृत हो चुका है। सेवा नियमावली अंतिम चरण में है। इसके स्वीकृत होते ही पदोन्नति कर दी जाएंगी। अप्रैल 2017 में सेवा नियमावली भी जारी हो गई लेकिन पदोन्नतियां नहीं हुई। उत्तराखंड कार्मिक एकता मंच के संयोजक रमेश ने कहा कि उच्चाधिकारियों की लापरवाही से कर्मचारियों के पदोन्नति का मामला लटका है। कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने शासन से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed