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नगर निगम की नाले की सफाई
Updated Mon, 04 Jun 2018 01:36 AM IST
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शहर को नरक बनाने की यह जिद कैसी
वैसे तो मानसून तन मन को भिगो वाले एक सुखद अहसास का नाम भी है। कुप्रबंधन, लापरवाही और समय से काम को अंजाम न देने के कारण यही मानसून शहरी जीवन को नरक बनाने वाला भी साबित हो रहा है। शहर के लोग बिजली न होने, जलभराव, घरों में पानी घुसने, मकान या दीवार ढह जाने, पेयजल आपूर्ति के प्रभावित होने जैसी समस्याओं के कारण मानसून को याद कर सिहर जा रहे हैं। मानसून से निपटने की तैयारी का आकलन करने पर लोगों की ये आशंकाएं सच साबित होती भी दिख रही हैं।
हल्द्वानी। मानसून से निपटने की तैयारी के नाम पर हो रही नालों की सफाई में निकाले जा रहे मलबे को नालों के किनारे ही डंप किया जा रहा है। यह हाल तब है जबकि गंदगी से अटे नाले ही शहर में जलभराव का कारण बन रहे हैं। साफ है कि
अब कभी भी मानसून दस्तक दे सकता है। बारिश में नालों की सफाई नहीं होने से नाले उफनाते हैं और गंदगी सीधे घरों में घुसती है। मानसून सीजन से पूर्व नगर निगम नालों की सफाई करवा रहा है। नगर निगम ने एक ठेकेदार को सफाई का ठेका दिया है। हाल यह है कि नालों की सफाई के नाम पर सिर्फ रस्म अदायगी हो रही है। इन नालों से पूरा मलबा नहीं निकाला जा रहा है। वर्तमान में राजपुरा में कुष्ठ आश्रम के पास के बड़े नाले में सफाई चल रही है। यहां आधे नाले की सफाई की गई। इस सफाई में जो गंदगी निकली वो भी नाले के किनारे ही रख दी गई। अब बारिश में ये गंदगी बह कर फिर से नाले में पहुंच जाएगी। नतीजा, नाले की जो आधी अधूरी सफाई हुई वो भी गंदगी से ढेर हो गई।
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नालों की अधूरी सफाई, जो गंदगी उठाई उसे नाले किनारे ही फेंका
नगर निगम का नालों की सफाई के नाम पर हो रही सिर्फ रस्म अदायगी
... इससे अच्छा न होती सफाई
राजपुरा के लोगों का नाले की पूरी सफाई न होने से नाराज हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि गंदगी नाले किनारे फेंक देने से क्षेत्र में गंदगी फैल गई है। बदबू से जीना दूभर हो रहा है। गंदगी से बीमारियों के फैलने का खतरा बन गया है।
सात-आठ नालों में सात दिनों में पूरी हो जाएगी सफाई
नगर निगम के मुताबिक सुभाष नगर, आवास विकास, इंदिरा नगर से होता हुआ बड़ा नाला है। इसकी सफाई पूरी होने वाली है। राजपुरा में नाले की सफाई हो रही है। वॉकवे माल की पीछे भी नाले में सफाई की जा रही है। इस तरह नगर निगम के सात-आठ नाले हैं जिनकी सफाई सात दिनों में पूरी हो जाएगी।
एक हफ्ते में सभी नालों में सफाई पूरी हो जाएगी। नालों के किनारे ही अगर मलबा डंप किया जा रहा है तो यह गलत है। यह मलबा नहीं हटाया गया तो ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
विजेंद्र सिंह चौहान, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम
मानसून के साथ ही बीमारियां भी देंगी दस्तक
हल्द्वानी। मानसून के दस्तक देने की साथ ही बीमारियां भी पांव पसारना शुरू कर देंगी। जिला संक्रामक रोग विश्लेषक अधिकारी नंदन कांडपाल ने बताया कि मानसून में खांसी, जुकाम और बुखार तो आम बीमारी है। गंदा पानी आने के कारण पीलिया फैलता है। साथ ही मच्छर बढ़ने से मलेरिया होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा टायफायड और उल्टी-दस्त भी ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि मानसून में पानी को उबालने के बाद छानकर पीना सेहत के लिए ठीक है साथ ही खुले में और कटे हुए रखे खाद्य पदार्थ का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
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वैसे तो मानसून तन मन को भिगो वाले एक सुखद अहसास का नाम भी है। कुप्रबंधन, लापरवाही और समय से काम को अंजाम न देने के कारण यही मानसून शहरी जीवन को नरक बनाने वाला भी साबित हो रहा है। शहर के लोग बिजली न होने, जलभराव, घरों में पानी घुसने, मकान या दीवार ढह जाने, पेयजल आपूर्ति के प्रभावित होने जैसी समस्याओं के कारण मानसून को याद कर सिहर जा रहे हैं। मानसून से निपटने की तैयारी का आकलन करने पर लोगों की ये आशंकाएं सच साबित होती भी दिख रही हैं।
हल्द्वानी। मानसून से निपटने की तैयारी के नाम पर हो रही नालों की सफाई में निकाले जा रहे मलबे को नालों के किनारे ही डंप किया जा रहा है। यह हाल तब है जबकि गंदगी से अटे नाले ही शहर में जलभराव का कारण बन रहे हैं। साफ है कि
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अब कभी भी मानसून दस्तक दे सकता है। बारिश में नालों की सफाई नहीं होने से नाले उफनाते हैं और गंदगी सीधे घरों में घुसती है। मानसून सीजन से पूर्व नगर निगम नालों की सफाई करवा रहा है। नगर निगम ने एक ठेकेदार को सफाई का ठेका दिया है। हाल यह है कि नालों की सफाई के नाम पर सिर्फ रस्म अदायगी हो रही है। इन नालों से पूरा मलबा नहीं निकाला जा रहा है। वर्तमान में राजपुरा में कुष्ठ आश्रम के पास के बड़े नाले में सफाई चल रही है। यहां आधे नाले की सफाई की गई। इस सफाई में जो गंदगी निकली वो भी नाले के किनारे ही रख दी गई। अब बारिश में ये गंदगी बह कर फिर से नाले में पहुंच जाएगी। नतीजा, नाले की जो आधी अधूरी सफाई हुई वो भी गंदगी से ढेर हो गई।
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नालों की अधूरी सफाई, जो गंदगी उठाई उसे नाले किनारे ही फेंका
नगर निगम का नालों की सफाई के नाम पर हो रही सिर्फ रस्म अदायगी
... इससे अच्छा न होती सफाई
राजपुरा के लोगों का नाले की पूरी सफाई न होने से नाराज हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि गंदगी नाले किनारे फेंक देने से क्षेत्र में गंदगी फैल गई है। बदबू से जीना दूभर हो रहा है। गंदगी से बीमारियों के फैलने का खतरा बन गया है।
सात-आठ नालों में सात दिनों में पूरी हो जाएगी सफाई
नगर निगम के मुताबिक सुभाष नगर, आवास विकास, इंदिरा नगर से होता हुआ बड़ा नाला है। इसकी सफाई पूरी होने वाली है। राजपुरा में नाले की सफाई हो रही है। वॉकवे माल की पीछे भी नाले में सफाई की जा रही है। इस तरह नगर निगम के सात-आठ नाले हैं जिनकी सफाई सात दिनों में पूरी हो जाएगी।
एक हफ्ते में सभी नालों में सफाई पूरी हो जाएगी। नालों के किनारे ही अगर मलबा डंप किया जा रहा है तो यह गलत है। यह मलबा नहीं हटाया गया तो ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
विजेंद्र सिंह चौहान, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम
मानसून के साथ ही बीमारियां भी देंगी दस्तक
हल्द्वानी। मानसून के दस्तक देने की साथ ही बीमारियां भी पांव पसारना शुरू कर देंगी। जिला संक्रामक रोग विश्लेषक अधिकारी नंदन कांडपाल ने बताया कि मानसून में खांसी, जुकाम और बुखार तो आम बीमारी है। गंदा पानी आने के कारण पीलिया फैलता है। साथ ही मच्छर बढ़ने से मलेरिया होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा टायफायड और उल्टी-दस्त भी ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि मानसून में पानी को उबालने के बाद छानकर पीना सेहत के लिए ठीक है साथ ही खुले में और कटे हुए रखे खाद्य पदार्थ का प्रयोग नहीं करना चाहिए।