{"_id":"5b03134a4f1c1b1b5e8b62fe","slug":"11526928202-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैतिक शिक्षा से ही साकार हो सकती है सभ्य समाज की परिकल्पना: भगवान भाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैतिक शिक्षा से ही साकार हो सकती है सभ्य समाज की परिकल्पना: भगवान भाई
Updated Tue, 22 May 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। नैतिक शिक्षा से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है। प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से पहुंचे राजयोगी ब्रह्मकुमार भगवान भाई ने यहां जीआईसी उत्तमसाणी सहित कई विद्यालयों में बच्चों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया। कहा कि नैतिक शिक्षा से ही छात्रों में शिक्षा, अनुशासन, व्यावहारिक ज्ञान बढ़ेगा।
ब्रह्मकुमार भगवान भाई अब तक नौ सौ जेलों, छह सौ से अधिक विद्यालयों में नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ा चुके हैं। इसके लिए इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में भी अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अपराध मुक्त समाज के लिए संस्कारित शिक्षा को अपनाया जाना चाहिए। समाज को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों के माध्यम से बच्चों में नैतिक सद्गुणों का विकास करना जरूरी है, इससे ही बेहतर समाज की परिकल्पना साकार हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुसंगति, सिनेमा, व्यसन, फैशन के माध्यम से युवा पीढ़ी भटक रही है। द्वाराहाट की संचालिका ब्रह्मकुमारी कंचन ने चरित्रवान बनने के लिए युवा पीढ़ी से तमाम कुरीतियों से बचने का आह्वान किया। उत्तमसाणी के अलावा सरस्वती शिशु मंदिर, पब्लिक स्कूल द्वाराहाट में भी बच्चों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्य कैलाश भट्ट, बीके धनजी भाई, महेश भाई, प्रधानाचार्य अशोक यादव, खजान जोशी, सहित तमाम शिक्षक, शिक्षिकाएं मौजूद थीं। बाद में बच्चों को योग और ध्यान भी कराया गया।
विज्ञापन
ब्रह्मकुमार भगवान भाई अब तक नौ सौ जेलों, छह सौ से अधिक विद्यालयों में नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ा चुके हैं। इसके लिए इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में भी अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अपराध मुक्त समाज के लिए संस्कारित शिक्षा को अपनाया जाना चाहिए। समाज को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों के माध्यम से बच्चों में नैतिक सद्गुणों का विकास करना जरूरी है, इससे ही बेहतर समाज की परिकल्पना साकार हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुसंगति, सिनेमा, व्यसन, फैशन के माध्यम से युवा पीढ़ी भटक रही है। द्वाराहाट की संचालिका ब्रह्मकुमारी कंचन ने चरित्रवान बनने के लिए युवा पीढ़ी से तमाम कुरीतियों से बचने का आह्वान किया। उत्तमसाणी के अलावा सरस्वती शिशु मंदिर, पब्लिक स्कूल द्वाराहाट में भी बच्चों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्य कैलाश भट्ट, बीके धनजी भाई, महेश भाई, प्रधानाचार्य अशोक यादव, खजान जोशी, सहित तमाम शिक्षक, शिक्षिकाएं मौजूद थीं। बाद में बच्चों को योग और ध्यान भी कराया गया।
विज्ञापन