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आधा दर्जन के लिए बयान
Updated Tue, 27 Mar 2018 02:28 AM IST
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर पर मारपीट करने और नशे में धुत होने के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। प्राचार्य ने सोमवार को छह लोगों के बयान दर्ज किए। पीजी जेआर के एक साथी ने मारपीट की बात कही है, जबकि अन्य ने घटना की जानकारी होने से इंकार किया है।
सर्जरी विभाग में पीजी जेआर प्रथम वर्ष के छात्र ने अपने ही एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव सिंह पर मारपीट करने, शराब के नशे में धुत होने और पीजी न करने देने की धमकी देने का आरोप लगाया था। राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि छात्र के अभिभावकों ने रविवार की शाम को घटना की जानकारी दी। छात्र के एक साथी ने मारपीट होने की बात कही है। एसोसिएट प्रोफेसर ने भी मारपीट के आरोपों से इंकार किया है। बता दें कि अक्तूबर 2016 में भी पीजी जेआर तृतीय वर्ष के एक छात्र ने इन्हीं एसोसिएट प्रोफेसर पर आरोप लगाए थे। सवाल ये उठता है कि सर्जरी विभाग में ही ऐसी घटनाएं क्यों होती है और आरोप-प्रत्यारोप क्यों लगाए जाते हैं। शनिवार को ही रात में छात्र द्वारा अपने विभागाध्यक्ष, एमएस या प्राचार्य को मामले की सूचना न देने पर भी सवाल उठ रहे हैं। न तो रात में ही एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ तहरीर दी गई न ही रात में ही मेडिकल कराया गया। डॉ. भैसोड़ा ने बताया कि शनिवार को छात्र ने किसी को भी कोई जानकारी नहीं दी।
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सर्जरी विभाग में पीजी जेआर प्रथम वर्ष के छात्र ने अपने ही एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव सिंह पर मारपीट करने, शराब के नशे में धुत होने और पीजी न करने देने की धमकी देने का आरोप लगाया था। राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि छात्र के अभिभावकों ने रविवार की शाम को घटना की जानकारी दी। छात्र के एक साथी ने मारपीट होने की बात कही है। एसोसिएट प्रोफेसर ने भी मारपीट के आरोपों से इंकार किया है। बता दें कि अक्तूबर 2016 में भी पीजी जेआर तृतीय वर्ष के एक छात्र ने इन्हीं एसोसिएट प्रोफेसर पर आरोप लगाए थे। सवाल ये उठता है कि सर्जरी विभाग में ही ऐसी घटनाएं क्यों होती है और आरोप-प्रत्यारोप क्यों लगाए जाते हैं। शनिवार को ही रात में छात्र द्वारा अपने विभागाध्यक्ष, एमएस या प्राचार्य को मामले की सूचना न देने पर भी सवाल उठ रहे हैं। न तो रात में ही एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ तहरीर दी गई न ही रात में ही मेडिकल कराया गया। डॉ. भैसोड़ा ने बताया कि शनिवार को छात्र ने किसी को भी कोई जानकारी नहीं दी।
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