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करोड़ा का बकाया, घूम नहीं पा रहा 108 का पहिया
Updated Tue, 14 Aug 2018 02:08 AM IST
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हल्द्वानी। बाजार में तेल और मरम्मत की उधारी के चलते 108 के पहिए घूम नहीं पा रहे हैं। कुमाऊं और गढ़वाल में लगभग 70 गाड़ियां ब्रेकडाउन में आ गई हैं। करोड़ों का भुगतान न होने के कारण जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (जीवीकेईएमआरआई) के 850 कर्मियों का वेतन भी दो माह से नहीं मिला है।
करार के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक तिमाही में जीवीकेईएमआरआई को सात करोड़ रुपये एडवांस देने होते हैं। अप्रैल से लेकर अगस्त तक मात्र 01 करोड़ 30 लाख रुपये मिले हैं। वेतन का दो से ढाई करोड़ रुपये हो गया है और बाजार में मरम्मत और डीजल की उधारी भी दो से ढाई करोड़ रुपये हो गई है। 108 एंबुलेंस कुमाऊं में 52 और गढ़वाल में 87 चलती हैं। जबकि खुशियों की सवारी 40 कुमाऊं में और 45 गढ़वाल में चलती हैं। 108 एंबुलेंस का वर्ष का बजट 22 करोड़ रुपये और खुशियों की सवारी का एक वर्ष का बजट 8 करोड़ रुपये है। सूत्रों की मानें तो कुमाऊं और गढ़वाल में लगभग 70 गाड़ियां खड़ी हो चुकी हैं। उधारी न चुकाने के कारण डीजल नहीं मिल रहा है साथ ही गाड़ियों की मरम्मत भी नहीं हो रही है।
दो माह से 850 कर्मियों को नहीं मिला है वेतन
मरम्मत और डीजल का बकाया होने के कारण खड़ी होने लगी हैं 108
वर्ष 2008 में 108 सेवा शुरू हुई थी। कंपनी को तब से लेकर अब तक 202 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। कंपनी के अधिकारी गलत बयानबाजी कर रहे हैं। अगस्त तक की धनराशि कंपनी को एडवांस दिया गया है। अभी टीडीएस की धनराशि का कंपनी ने हिसाब नहीं दिया है।
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डॉ. टीसी पंत, स्वास्थ्य महानिदेशक
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करार के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक तिमाही में जीवीकेईएमआरआई को सात करोड़ रुपये एडवांस देने होते हैं। अप्रैल से लेकर अगस्त तक मात्र 01 करोड़ 30 लाख रुपये मिले हैं। वेतन का दो से ढाई करोड़ रुपये हो गया है और बाजार में मरम्मत और डीजल की उधारी भी दो से ढाई करोड़ रुपये हो गई है। 108 एंबुलेंस कुमाऊं में 52 और गढ़वाल में 87 चलती हैं। जबकि खुशियों की सवारी 40 कुमाऊं में और 45 गढ़वाल में चलती हैं। 108 एंबुलेंस का वर्ष का बजट 22 करोड़ रुपये और खुशियों की सवारी का एक वर्ष का बजट 8 करोड़ रुपये है। सूत्रों की मानें तो कुमाऊं और गढ़वाल में लगभग 70 गाड़ियां खड़ी हो चुकी हैं। उधारी न चुकाने के कारण डीजल नहीं मिल रहा है साथ ही गाड़ियों की मरम्मत भी नहीं हो रही है।
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दो माह से 850 कर्मियों को नहीं मिला है वेतन
मरम्मत और डीजल का बकाया होने के कारण खड़ी होने लगी हैं 108
वर्ष 2008 में 108 सेवा शुरू हुई थी। कंपनी को तब से लेकर अब तक 202 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। कंपनी के अधिकारी गलत बयानबाजी कर रहे हैं। अगस्त तक की धनराशि कंपनी को एडवांस दिया गया है। अभी टीडीएस की धनराशि का कंपनी ने हिसाब नहीं दिया है।
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डॉ. टीसी पंत, स्वास्थ्य महानिदेशक