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शिप्रा में सीवर डालने वालों को 15 दिन में चिन्हित करने के निर्देश
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:55 AM IST
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शिप्रा में सीवर डालने वालों को 15 दिन में चिन्हित करने के निर्देश
भवाली (नैनीताल)।
अमर उजाला में सीवर से प्रदूषित हो रही इकलौती उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी की खबर छपने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। संयुक्त मजिस्ट्रेट बंदना सिंह ने शनिवार को शिप्रा नदी का स्थलीय निरीक्षण किया और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को 15 दिन के भीतर शिप्रा नदी में सीवर डालने वालों को चिन्हित कर रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि शिप्रा नदी को प्रदूषित करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
शनिवार को अमर उजाला ने ‘शिप्रा में समा रहा सीवर’ शीर्षक के साथ नदी में सीवर के कारण तेजी से बढ़ते प्रदूषण पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। उक्त खबर के छपने के बाद शिप्रा नदी का जायजा लेने पहुंची संयुक्त मजिस्ट्रेट बंदना सिंह शनिवार दोपहर में यहां पहुंची। उन्होंने रामगढ़ रोड पर लल्ली मंदिर के अलावा दुग्ध डेयरी के पास और अल्मोड़ा रोड स्थित डाकारौली क्षेत्र से शिप्रा नदी का निरीक्षण किया।
उन्होंनेे नदी में सीवर डालने को गंभीरता से लेते हुए पालिका के ईओ गणेश भट्ट को मौके पर तलब किया। ईओ मौके पर पहुंचे तो बंदना सिंह ने उन्हें 15 दिन के भीतर नदी में सीवर डालने वालों को चिन्हित कर रिपोर्ट देने को कहा, ताकि नदी को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि सीवर और कूड़ा कचरा डालने से नदी में प्रदूषण बढ़ रहा है और बरसात में गंदगी के चलते संक्रामक रोग फैलने की भी संभावना है।
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संयुक्त मजिस्ट्रेट ने नगर पालिका द्वारा डाकारौली में फेंके जा रहे कूड़े कचरे को भी देखा। उन्होंने ईओ को निर्देश दिए कि वह बरसात से पहले डाकारौली में फेंके गए कूड़े का निस्तारण करें ताकि बरसात में कूड़ा सड़क और नदी तक न पहुंचे। बाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट ने नगर पालिका कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पालिका के मैदान को सभी को समान शुल्क पर किराए पर देने को कहा। इस दौरान पालिकाध्यक्ष नीमा बिष्ट ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को बताया कि शिप्रा नदी में कई दशकों से नगर का सीवर जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सामूहिक सोखपिट के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है लेकिन धनराशि उपलब्ध नहीं हुई है। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि नगर में सीवर लाइन बिछाकर ही नदी को प्रदूषण से बचाने का स्थायी समाधान किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान ईओ गणेश भट्ट, सभासद किशन अधिकारी, शिप्रा नदी कल्याण समिति के अध्यक्ष जगदीश नेगी, मनोज तिवारी आदि मौजूद थे।
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भवाली (नैनीताल)।
अमर उजाला में सीवर से प्रदूषित हो रही इकलौती उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी की खबर छपने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। संयुक्त मजिस्ट्रेट बंदना सिंह ने शनिवार को शिप्रा नदी का स्थलीय निरीक्षण किया और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को 15 दिन के भीतर शिप्रा नदी में सीवर डालने वालों को चिन्हित कर रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि शिप्रा नदी को प्रदूषित करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
शनिवार को अमर उजाला ने ‘शिप्रा में समा रहा सीवर’ शीर्षक के साथ नदी में सीवर के कारण तेजी से बढ़ते प्रदूषण पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। उक्त खबर के छपने के बाद शिप्रा नदी का जायजा लेने पहुंची संयुक्त मजिस्ट्रेट बंदना सिंह शनिवार दोपहर में यहां पहुंची। उन्होंने रामगढ़ रोड पर लल्ली मंदिर के अलावा दुग्ध डेयरी के पास और अल्मोड़ा रोड स्थित डाकारौली क्षेत्र से शिप्रा नदी का निरीक्षण किया।
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उन्होंनेे नदी में सीवर डालने को गंभीरता से लेते हुए पालिका के ईओ गणेश भट्ट को मौके पर तलब किया। ईओ मौके पर पहुंचे तो बंदना सिंह ने उन्हें 15 दिन के भीतर नदी में सीवर डालने वालों को चिन्हित कर रिपोर्ट देने को कहा, ताकि नदी को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि सीवर और कूड़ा कचरा डालने से नदी में प्रदूषण बढ़ रहा है और बरसात में गंदगी के चलते संक्रामक रोग फैलने की भी संभावना है।
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संयुक्त मजिस्ट्रेट ने नगर पालिका द्वारा डाकारौली में फेंके जा रहे कूड़े कचरे को भी देखा। उन्होंने ईओ को निर्देश दिए कि वह बरसात से पहले डाकारौली में फेंके गए कूड़े का निस्तारण करें ताकि बरसात में कूड़ा सड़क और नदी तक न पहुंचे। बाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट ने नगर पालिका कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पालिका के मैदान को सभी को समान शुल्क पर किराए पर देने को कहा। इस दौरान पालिकाध्यक्ष नीमा बिष्ट ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को बताया कि शिप्रा नदी में कई दशकों से नगर का सीवर जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सामूहिक सोखपिट के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है लेकिन धनराशि उपलब्ध नहीं हुई है। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि नगर में सीवर लाइन बिछाकर ही नदी को प्रदूषण से बचाने का स्थायी समाधान किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान ईओ गणेश भट्ट, सभासद किशन अधिकारी, शिप्रा नदी कल्याण समिति के अध्यक्ष जगदीश नेगी, मनोज तिवारी आदि मौजूद थे।