शक्तिमान प्रकरण में फंसे विधायक गणेश जोशी को मिली जमानत
विधायक गणेश जोशी और उनके परिवार ने ली राहत की सांस।
प्रमोद बोरा की जमानत याचिका भी मंजूर।
जिला एवं सत्र न्यायालय से मिली सशर्त जमानत।
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विधानसभा प्रदर्शन के दौरान घोड़े की टांग तोड़ने के आरोपी भाजपा विधायक गणेश जोशी और कार्यकर्ता प्रमोद जोशी की जिला एवं सत्र न्यायालय ने जमानत याचिका मंजूर कर ली। अदालत ने उन्हें सशर्त रिहा करने के आदेश दिए हैं।
मसूरी विधायक गणेश जोशी एवं अन्य के खिलाफ नेहरू कालोनी थाना पुलिस ने 14 मार्च को सपठित धारा 11 (ठ) पशु क्रूरता निवारण अधिनियम सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। 19 मार्च को निचली अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
इस पर विधायक की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की गई। जमानत पर मंगलवार को हुई सुनवाई में उनके अधिवक्ता आरएस राघव ने कहा कि पुलिस ने विधायक के खिलाफ पूर्व में जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन पुलिस ने बाद में कुछ धाराएं बढ़ा दी।
राजनैतिक द्वेष भावना के कारण विधायक को फंसाया गया
अधिवक्ता आरएस राघव ने कहा कि पुलिस विधायक के पास जो डंडा होना दर्शा रही है वे बैनर और पोस्टरों से निकाला गया डंडा था। उन्होंने कहा कि विधायक को सत्ता पक्ष ने राजनैतिक द्वेष भावना के कारण झूठा फंसाया है।
आरोपी प्रमोद बोरा के अधिवक्ता नरेश मित्तल ने कहा कि पुलिस ने धारा 144 का उल्लंघन किया है। अभियोजन की ओर से विधायक गणेश जोशी और भाजपा कार्यकर्ता प्रमोद बोरा की जमानत का विरोध किया गया। दोनो पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने 25-25 हजार की जमानत एवं मुचलकों पर उन्हें रिहा करने के आदेश दिए हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश मित्तल ने कहा कि अदालत ने सशर्त जमानत याचिका मंजूर की है। आरोपी कभी किसी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे, अपराध की विवेचना में सहयोग प्रदान करेंगे एवं किसी को धमकाएंगे नही।