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Kotdwar News: पनियाली गदेरे में फिर शुरू हुआ सीवर लाइन बिछाने का काम

Wed, 07 Oct 2026 06:33 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Wed, 07 Oct 2026 06:33 PM IST
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Work on laying the sewer line has resumed in the Paniyali ravine.
कोटद्वार। बरसात खत्म होने के बाद पनियाली गदेरे में सीवर लाइन बिछाने का काम दोबारा शुरू हो गया है। बरसात शुरू होने के कारण जून के अंतिम सप्ताह में निर्माण कार्य रोक दिया गया था। अब कार्यदायी संस्था पेयजल निगम ऋषिकेश ने फिर से काम शुरू करा दिया है।
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लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज के जंगल से निकलने वाले पनियाली गदेरे की लंबाई करीब छह किमी है। इसका करीब तीन किलोमीटर हिस्सा जंगल से और शेष तीन किलोमीटर शहर से होकर गुजरता है। काशीरामपुर तल्ला में यह गदेरा खोह नदी में मिल जाता है। शिवपुर, जौनपुर, आमपड़ाव, मानपुर, सिताबपुर, बालासौड़ समेत पुराने शहर के कई क्षेत्रों का सीवर और गंदा पानी इसी गदेरे के माध्यम से खोह नदी में पहुंचता है।
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वर्ष 2023 में कोटद्वार को केंद्र सरकार के नमामि गंगे कार्यक्रम में शामिल किया गया था। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत खोह नदी में गिरने वाले नौ नालों की टेपिंग और 21 एमएलडी क्षमता के एसटीपी निर्माण के लिए 135 करोड़ की परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी। पेयजल निगम ऋषिकेश ने पिछले वर्ष अक्तूबर में काशीरामपुर तल्ला में एसटीपी का निर्माण शुरू किया था।
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परियोजना के तहत गाड़ीघाट में एक किलोमीटर और कौड़िया चौराहे से सीवरेज पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) तक 900 मीटर सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। इसके बाद मई में पनियाली गदेरे में गिरने वाले सीवर को एसपीएस तक पहुंचाने के लिए लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ था। योजना के तहत गदेरे के दोनों छोरों पर करीब 10 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी है। बारिश के कारण जून के अंत में काम रोकना पड़ा था जिसे अब फिर शुरू कर दिया गया है।


बरसात के कारण जून में पनियाली गदेरे के दोनों छोरों पर सीवर लाइन का काम बंद किया गया था। इसे दोबारा शुरू करा दिया गया है। एसटीपी का निर्माण अगले साल मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है। प्लांट बनने के बाद 15 वर्ष तक इसके अनुरक्षण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की होगी।
- आशीष चमोली, जेई नमामि गंगे प्रोजेक्ट, पेयजल निगम ऋषिकेश।
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