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ग्रामीणों ने नदी में चल रहा बाढ़ सुरक्षा का काम रुकवाया
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भाबर के लोकमणिपुर के शीतलपुर क्षेत्र में तेलीस्रोत नदी में चल रहा रिवर ट्रेनिंग और चैनलाइजेशन का काम ग्रामीणों ने रुकवा दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि काम मानकों के विपरीत किया जा रहा है। बाढ़ सुरक्षा के नाम पर हो रही रिवर ट्रेनिंग और चैनलाइजेशन के कार्य से सुरक्षा दीवार ढहने का खतरा पैदा हो गया है। इससे बरसात में आबादी को नुकसान पहुंच सकता है।
जिला और तहसील प्रशासन की ओर से भाबर की तेलीस्रोत नदी में रिवर ट्रेनिंग और चैनलाइजेशन का कार्य करवाया जा रहा है। कई दिन से चल रहे छिटपुट विरोध ने शुक्रवार को बड़ा रूप ले लिया। देखते ही देखते उत्तरी झंडीचौड़, शीतलपुर और लोकमणिपुर के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। उन्होंने तेलीस्रोत में भारी मशीनों पोकलेन और जेसीबी से चल रही खुदाई को तटवर्ती क्षेत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की बात नहीं सुनी जा रही है जिससे बरसात में खतरा पैदा हो सकता है।
लोकमणिपुर के पार्षद जगदीश मेहरा, उत्तरी झंडीचौड़ के अमित नेगी और पश्चिमी झंडीचौड़ के पार्षद की अगुवाई में स्थानीय लोगों ने हंगामा कर काम रोक दिया। लोगों ने शासन-प्रशासन से मानकों के अनुरूप खनन करवाने की मांग की है। स्थानीय ग्रामीण पूर्व उप प्रधान पूजा देवी, सुशील कुमार, राकेश थापा, खेम सिंह, तुलसी देवी, अमित थापा, रश्मि देवी, रेखा देवी, कमलेश देवी, स्वाति देवी, संतोषी देवी का कहना है कि उन्होंने खनन करने वालों से मानकों के अनुरूप ही काम करने की बात कही लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। लोगों के हंगामे को देख खननकारी मशीनें छोड़ मौके से भाग खड़े हुए। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले को 18 से 20 फीट गहराई तक खोदा जा रहा है। वहीं एसडीएम योगेश मेेहरा का कहना है कि अनुज्ञा धारकों को रिवर ट्रेनिंग और चैनलाइजेशन का कार्य मानकों के अनुसार करने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिला और तहसील प्रशासन की ओर से भाबर की तेलीस्रोत नदी में रिवर ट्रेनिंग और चैनलाइजेशन का कार्य करवाया जा रहा है। कई दिन से चल रहे छिटपुट विरोध ने शुक्रवार को बड़ा रूप ले लिया। देखते ही देखते उत्तरी झंडीचौड़, शीतलपुर और लोकमणिपुर के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। उन्होंने तेलीस्रोत में भारी मशीनों पोकलेन और जेसीबी से चल रही खुदाई को तटवर्ती क्षेत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की बात नहीं सुनी जा रही है जिससे बरसात में खतरा पैदा हो सकता है।
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लोकमणिपुर के पार्षद जगदीश मेहरा, उत्तरी झंडीचौड़ के अमित नेगी और पश्चिमी झंडीचौड़ के पार्षद की अगुवाई में स्थानीय लोगों ने हंगामा कर काम रोक दिया। लोगों ने शासन-प्रशासन से मानकों के अनुरूप खनन करवाने की मांग की है। स्थानीय ग्रामीण पूर्व उप प्रधान पूजा देवी, सुशील कुमार, राकेश थापा, खेम सिंह, तुलसी देवी, अमित थापा, रश्मि देवी, रेखा देवी, कमलेश देवी, स्वाति देवी, संतोषी देवी का कहना है कि उन्होंने खनन करने वालों से मानकों के अनुरूप ही काम करने की बात कही लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। लोगों के हंगामे को देख खननकारी मशीनें छोड़ मौके से भाग खड़े हुए। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले को 18 से 20 फीट गहराई तक खोदा जा रहा है। वहीं एसडीएम योगेश मेेहरा का कहना है कि अनुज्ञा धारकों को रिवर ट्रेनिंग और चैनलाइजेशन का कार्य मानकों के अनुसार करने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई की जाएगी।
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