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Kotdwar News: धारी देवी मंदिर परिसर के पास लगी अस्थायी दुकानें हटाने से ग्रामीणों में रोष
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श्रीनगर। शक्तिपीठ धारी देवी मंदिर परिसर के बाहर सड़क किनारे लगी कुछ अस्थायी दुकानों को प्रशासन की ओर से शुक्रवार रात को अतिक्रमण के नाम पर हटाए जाने पर व्यवसायियों ने गहरा आक्रोश जताया। इस दौरान उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई को छोटे व्यवसायियों का उत्पीड़न बताया। उन्होंने कहा कि टीम द्वारा बिक्री के लिए रखा गया सामान भी नष्ट किया गया।
मंदिर परिसर के बाहर पूजा का सामान लगाकर अपना व्यवसाय चला रहे दुकानदारों ने कहा कि शुक्रवार देर सायं अंधेरा होने के बाद धारी देवी मंदिर परिसर में प्रशासन की टीम जेसीबी लेकर पहुंची। कहा, इस दौरान वह अपना सामान समेटकर घर चले गए थे, अचानक उनके सामान को हटाए जाने की सूचना मिलने पर जब वह मौके पर पहुंचे तो बिक्री के लिए रखा सामान नष्ट कर दिया गया था। जिस पर उन्होंने गहरा आक्रोश जताया। शनिवार को सुबह लोगों ने यहां प्रदर्शन कर इस कार्रवाई का विरोध किया। मौके पर पहुंची एसडीएम नुपूर वर्मा व मेयर आरती भंडारी व पुलिस के अधिकारियों के समक्ष लोगों ने आक्रोश जताते हुए उन्हें उनका सामान वापस दिलाने व दुकानें लगाए जाने की मांग की। पूनम देवी, बीना देवी ने कहा कि टीम पर सामान नष्ट करने का आरोप भी लगाया। वहीं विनिता देवी, सुनीता देवी, सोनी देवी, सुकमा देवी, सज्जन पांडे, रवि,सुरेंद्र आदि ने कहा कि पूजा का सामान बेचकर वह अपनी आजीविका चला रहे हैं, लेकिन उन्हें यहां पर सामान भी नहीं बेचने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धारी गांव के अधिकांश लोग आर्थिकी के लिए इसी पर निर्भर हैं। मेयर आरती भंडारी द्वारा लोगों की समस्या के समाधान के लिए एक समिति का गठन किए जाने एवं नवरात्र तक पूर्व की तरह दुकानें लगाने दिए जाने के आश्वासन पर लोग माने।
मंदिर परिसर के बाहर पूजा का सामान लगाकर अपना व्यवसाय चला रहे दुकानदारों ने कहा कि शुक्रवार देर सायं अंधेरा होने के बाद धारी देवी मंदिर परिसर में प्रशासन की टीम जेसीबी लेकर पहुंची। कहा, इस दौरान वह अपना सामान समेटकर घर चले गए थे, अचानक उनके सामान को हटाए जाने की सूचना मिलने पर जब वह मौके पर पहुंचे तो बिक्री के लिए रखा सामान नष्ट कर दिया गया था। जिस पर उन्होंने गहरा आक्रोश जताया। शनिवार को सुबह लोगों ने यहां प्रदर्शन कर इस कार्रवाई का विरोध किया। मौके पर पहुंची एसडीएम नुपूर वर्मा व मेयर आरती भंडारी व पुलिस के अधिकारियों के समक्ष लोगों ने आक्रोश जताते हुए उन्हें उनका सामान वापस दिलाने व दुकानें लगाए जाने की मांग की। पूनम देवी, बीना देवी ने कहा कि टीम पर सामान नष्ट करने का आरोप भी लगाया। वहीं विनिता देवी, सुनीता देवी, सोनी देवी, सुकमा देवी, सज्जन पांडे, रवि,सुरेंद्र आदि ने कहा कि पूजा का सामान बेचकर वह अपनी आजीविका चला रहे हैं, लेकिन उन्हें यहां पर सामान भी नहीं बेचने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धारी गांव के अधिकांश लोग आर्थिकी के लिए इसी पर निर्भर हैं। मेयर आरती भंडारी द्वारा लोगों की समस्या के समाधान के लिए एक समिति का गठन किए जाने एवं नवरात्र तक पूर्व की तरह दुकानें लगाने दिए जाने के आश्वासन पर लोग माने।
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