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हल्दूखाता चौराहा बने वीरचंद्र सिंह गढ़वाली चौक
अमर उजाला ब्यूरो कोटद्वार
Updated Tue, 09 Feb 2016 10:07 PM IST
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मंगलवार को भेजे पत्र में संस्था अध्यक्ष अमर प्रभाकर ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की ओर से कण्वाश्रम को भव्य रूप देने के लिए जनता से सुझाव मांगे जा रहे हैं। इसलिए संस्था ने यह सुझाव दिया कि कण्वाश्रम जाने के लिए हल्दूखाता चौक से होकर गुजरना पड़ता है। यदि कण्वाश्रम को भव्व रूप देना है तो उससे पहले हल्दूचौक का सुंदरीकरण कर यहां वीरचंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति लगाकर चौक का नाम बदला जाए। जिससे कण्वाश्रम के साथ-साथ लोग पेशावर कांड के महानायक को भी याद करें।
साथ ही चौक से तीन किलोमीटर आगे प्राकृतिक सहस्त्रधारा का विकास कर लोगों को बताया जाए कि उसमें नहाने से त्वचा रोगों से मुक्ति मिलती है। जिससे यह क्षेत्र पर्यटन के रूप में विकसित हो सके। सहस्त्रधारा से थोड़ा आगे ठण्डू पाणी बारहमासी अविरल स्रोत है। जिससे कण्वाश्रम-पौखाल जिला परिषद पैदल मार्ग के यात्री अपनी प्यास बुझाते हैं। इसका रख रखाव कर उसे यात्रियों के लिए सुलभ बनाया जाए। साथ ही कण्वाश्रम-सिमलना-महाबगढ़ सड़क मार्ग का भी निर्माण किया जाए।
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साथ ही चौक से तीन किलोमीटर आगे प्राकृतिक सहस्त्रधारा का विकास कर लोगों को बताया जाए कि उसमें नहाने से त्वचा रोगों से मुक्ति मिलती है। जिससे यह क्षेत्र पर्यटन के रूप में विकसित हो सके। सहस्त्रधारा से थोड़ा आगे ठण्डू पाणी बारहमासी अविरल स्रोत है। जिससे कण्वाश्रम-पौखाल जिला परिषद पैदल मार्ग के यात्री अपनी प्यास बुझाते हैं। इसका रख रखाव कर उसे यात्रियों के लिए सुलभ बनाया जाए। साथ ही कण्वाश्रम-सिमलना-महाबगढ़ सड़क मार्ग का भी निर्माण किया जाए।
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