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Kotdwar News: पुलिस और सरकार पर बरसे विभिन्न संगठन, प्रदर्शन कर दिया धरना
Fri, 15 May 2026 07:15 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Fri, 15 May 2026 07:15 PM IST
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सतपुली में पुलिस और सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी। संवाद
फोटो
पंकज आत्महत्या प्रकरण: थानाध्यक्ष समेत पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग
कांग्रेस, सीपीआई-एमएल और यूकेडी समेत कई राजनीतिक और सामाजिक संगठन सड़क पर उतरे, प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
सतपुली। रैतपुर गांव निवासी पंकज आत्महत्या प्रकरण पर शुक्रवार को विभिन्न संगठनों ने सतपुली पहुंचकर पुलिस और सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य बाजार में जुलूस भी निकाला। उन्होंने आरोपी थानाध्यक्ष समेत पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
शुक्रवार को राज्य के विभिन्न जिलों से राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य सतपुली पहुंचे। उन्होंने बस अड्डे के निकट राधाकृष्ण मंदिर के प्रांगण में जनसभा का आयोजन किया। जनसभा से पहले लोगों ने मुख्य बाजार में जुलूस निकालकर पुलिस और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जनसभा में पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप टम्टा ने मामले को बेहद संवेदनशील बताया। उन्होंने अभी तक इस मामले में एफआईआर न होने पर राज्य सरकार को कोसा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक अनुसूचित जाति के युवक को पुलिस की प्रताड़ना ने आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। प्रदेश में कई जगहों से पुलिस के आम जनमानस से दुर्व्यवहार की शिकायतें आ रही हैं। वहीं उत्तराखंड पुलिस शराब, खनन और भूमाफिया की मित्र बनी हुई है। भाकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी, भाकपा माले के केंद्रीय कमेटी के सदस्य कैलाश पांडे, सद्भावना मंच के भुवन पाठक, माकपा के राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित, वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रेम बहुखंडी समेत अन्य वक्ताओं ने आरोपी थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि प्रदेशभर में पुलिस माफिया के हाथों की कठपुतली बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों में मृतक पंकज की बड़ी बहन प्रिया, आइसा के प्रदेश अध्यक्ष अंकित उछोली, इंसानियत मंच के हरिओम पाली, पूर्व प्रमुख पोखड़ा सुरेंद्र रावत, जिला पंचायत सदस्य अल्मोड़ा नारायण सिंह, नगर पंचायत सभासद अम्मू रावत और चंद्र मोहन रावत, यूकेडी नगर अध्यक्ष अनुराग बौंठियाल, यूकेडी जयहरीखाल ब्लाॅक अध्यक्ष संदीप रौतेला, एडवोकेट कैलाश जोशी, त्रिलोचन भट्ट, भुवन पाठक, प्रभात ध्यानी समेत अनेक संगठनों से जुड़े लोग शामिल रहे।
सीएम को भेजा ज्ञापन
जनसभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी सतपुली रेखा आर्य के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने, एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने, मृतक के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा देने, मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की गई। जनसभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने मृतक पंकज के रैतपुर स्थित निवास में परिजनों से भेंट कर उन्हें ढाढ़स बंधाया।
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पंकज आत्महत्या प्रकरण: थानाध्यक्ष समेत पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग
कांग्रेस, सीपीआई-एमएल और यूकेडी समेत कई राजनीतिक और सामाजिक संगठन सड़क पर उतरे, प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
सतपुली। रैतपुर गांव निवासी पंकज आत्महत्या प्रकरण पर शुक्रवार को विभिन्न संगठनों ने सतपुली पहुंचकर पुलिस और सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य बाजार में जुलूस भी निकाला। उन्होंने आरोपी थानाध्यक्ष समेत पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
शुक्रवार को राज्य के विभिन्न जिलों से राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य सतपुली पहुंचे। उन्होंने बस अड्डे के निकट राधाकृष्ण मंदिर के प्रांगण में जनसभा का आयोजन किया। जनसभा से पहले लोगों ने मुख्य बाजार में जुलूस निकालकर पुलिस और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जनसभा में पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप टम्टा ने मामले को बेहद संवेदनशील बताया। उन्होंने अभी तक इस मामले में एफआईआर न होने पर राज्य सरकार को कोसा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक अनुसूचित जाति के युवक को पुलिस की प्रताड़ना ने आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। प्रदेश में कई जगहों से पुलिस के आम जनमानस से दुर्व्यवहार की शिकायतें आ रही हैं। वहीं उत्तराखंड पुलिस शराब, खनन और भूमाफिया की मित्र बनी हुई है। भाकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी, भाकपा माले के केंद्रीय कमेटी के सदस्य कैलाश पांडे, सद्भावना मंच के भुवन पाठक, माकपा के राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित, वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रेम बहुखंडी समेत अन्य वक्ताओं ने आरोपी थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि प्रदेशभर में पुलिस माफिया के हाथों की कठपुतली बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों में मृतक पंकज की बड़ी बहन प्रिया, आइसा के प्रदेश अध्यक्ष अंकित उछोली, इंसानियत मंच के हरिओम पाली, पूर्व प्रमुख पोखड़ा सुरेंद्र रावत, जिला पंचायत सदस्य अल्मोड़ा नारायण सिंह, नगर पंचायत सभासद अम्मू रावत और चंद्र मोहन रावत, यूकेडी नगर अध्यक्ष अनुराग बौंठियाल, यूकेडी जयहरीखाल ब्लाॅक अध्यक्ष संदीप रौतेला, एडवोकेट कैलाश जोशी, त्रिलोचन भट्ट, भुवन पाठक, प्रभात ध्यानी समेत अनेक संगठनों से जुड़े लोग शामिल रहे।
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सीएम को भेजा ज्ञापन
जनसभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी सतपुली रेखा आर्य के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने, एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने, मृतक के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा देने, मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की गई। जनसभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने मृतक पंकज के रैतपुर स्थित निवास में परिजनों से भेंट कर उन्हें ढाढ़स बंधाया।
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