{"_id":"5d51940f8ebc3e6cec0c8f79","slug":"uproar-caused-by-damaging-overloaded-mining-kotdwar-news-drn3161950181","type":"story","status":"publish","title_hn":"जौनपुर में लोगों ने रोके ओवरलोडेड खनन के डंपर, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जौनपुर में लोगों ने रोके ओवरलोडेड खनन के डंपर, हंगामा
विज्ञापन
कोटद्वार के जौनपुर डिग्री कालेज रोड पर डंपर को रोककर पुलिस के सामने आक्रोश व्यक्त करते स्थानीय ल?
- फोटो : KOTDWAR
घरों के आगे गिर रहे पत्थरों और टूट रहे सीवर चेंबरों से आक्रोशित जौनपुर डिग्री कालेेज रोड के लोगों ने खनन में लगे ओवर लोडेड डंपरों को रोका और जमकर हंगामा काटा। करीब पांच घंटे तक हुए हंगामे के बाद पुलिस ने बीच बचाव कर किसी प्रकार लोगों को शांत किया।
सोमवार को सुबह करीब साढ़े छह बजे सड़क पर जब ओवर लोडेड डंपरों से पत्थर गिरने शुरू हो गए, तो लोग परेशान हो उठे। डंपर से गिरने वाला एक बड़ा पत्थर स्थानीय निवासी सुनील कुमार के गेट पर जा टकराया, जिससे गेट पिचक गया। सड़क पर पत्थरों को गिरता देखे लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने पनियाली गदेरे से निकल रहे तीन डंपरों को रोककर हंगामा काटना शुरू कर दिया। डंपर के चालकों ने डंपर के मालिकों को इसकी सूचना दी। जिसपर खनन कार्य में जुड़े लोग मौके पर पहुंच गए। उनके पहुंचते ही लोग भड़क गए और तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी प्रकार बीच बचाव कर लोगों को शांत किया।
इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन पर खननकारियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। कहा कि रिवर ट्रेनिंग और चैनलाइजेशन के नाम पर अंधाधुंध खनन किया जा रहा है, जिससे जौनपुर, डिग्री कालेज और कालाबड़ के लोग रात को सो तक नहीं पा रहे हैं। पनियाली गदेरे में रातभर मानकों के विपरीत चल रहे खनन से लोगों की नींद उड़ी हुई है। डंपरों से गिरते पत्थरों से खतरा पैदा हो गया है। बार-बार प्रशासन से शिकायत करने के बाद भी ओवरलोडेड डंपरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कालोनी की सड़कों पर डंपरों की आवाजाही रोकने और टूटे हुए चैंबरों की मरम्मत कराने की मांग की। करीब पांच घंटे तक डंपरों को रोकने के बाद पुलिस और खननकारियों के आश्वासन के बाद लोग माने और मौके से डंपरों को जाने दिया।
विज्ञापन
उधर, सनेह क्षेत्र के लोगों ने भी क्षेत्र की मुख्य सड़क से गुजरते हुए डंपरों को रोककर इसका विरोध किया। लोगों ने कहा कि ओवरलोडेड डंपरों से सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। सड़क के नीचे से गुजर रही लोगों की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। उन्होंने प्रशासन से डंपरों को सड़क की अपेक्षा नदी के रास्ते शहर से बाहर निकालने की मांग की।
.
- फोटो समाचार
विज्ञापन
सोमवार को सुबह करीब साढ़े छह बजे सड़क पर जब ओवर लोडेड डंपरों से पत्थर गिरने शुरू हो गए, तो लोग परेशान हो उठे। डंपर से गिरने वाला एक बड़ा पत्थर स्थानीय निवासी सुनील कुमार के गेट पर जा टकराया, जिससे गेट पिचक गया। सड़क पर पत्थरों को गिरता देखे लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने पनियाली गदेरे से निकल रहे तीन डंपरों को रोककर हंगामा काटना शुरू कर दिया। डंपर के चालकों ने डंपर के मालिकों को इसकी सूचना दी। जिसपर खनन कार्य में जुड़े लोग मौके पर पहुंच गए। उनके पहुंचते ही लोग भड़क गए और तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी प्रकार बीच बचाव कर लोगों को शांत किया।
विज्ञापन
इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन पर खननकारियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। कहा कि रिवर ट्रेनिंग और चैनलाइजेशन के नाम पर अंधाधुंध खनन किया जा रहा है, जिससे जौनपुर, डिग्री कालेज और कालाबड़ के लोग रात को सो तक नहीं पा रहे हैं। पनियाली गदेरे में रातभर मानकों के विपरीत चल रहे खनन से लोगों की नींद उड़ी हुई है। डंपरों से गिरते पत्थरों से खतरा पैदा हो गया है। बार-बार प्रशासन से शिकायत करने के बाद भी ओवरलोडेड डंपरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कालोनी की सड़कों पर डंपरों की आवाजाही रोकने और टूटे हुए चैंबरों की मरम्मत कराने की मांग की। करीब पांच घंटे तक डंपरों को रोकने के बाद पुलिस और खननकारियों के आश्वासन के बाद लोग माने और मौके से डंपरों को जाने दिया।
विज्ञापन
उधर, सनेह क्षेत्र के लोगों ने भी क्षेत्र की मुख्य सड़क से गुजरते हुए डंपरों को रोककर इसका विरोध किया। लोगों ने कहा कि ओवरलोडेड डंपरों से सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। सड़क के नीचे से गुजर रही लोगों की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। उन्होंने प्रशासन से डंपरों को सड़क की अपेक्षा नदी के रास्ते शहर से बाहर निकालने की मांग की।
.
- फोटो समाचार