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नंबर प्लेट न रिफ्लेक्टर खतरा बनकर दौड़ रहे ट्रैक्टर ट्राली
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कोटद्वार के गाड़ीघाट रोड पर में बिना नंबर और रिफ्लेक्टर का चलता ट्रैक्टर ट्राली।
- फोटो : KOTDWAR
प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की लापरवाही का खामियाजा कोटद्वार-भाबर क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट और रिफ्लेक्टर के रात-दिन सड़कों पर दौड़ रही ट्रैक्टर ट्रालियां क्षेत्र वासियों के लिए दुर्घटना का सबब बनी हुई हैं, लेकिन संबंधित विभाग मूक दर्शक बने हुए हैं।
कोटद्वार-भाबर क्षेत्र में संचालित हो रही सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रालियों में से अधिकतर का पंजीकरण खेती के लिए किया गया है। लेकिन, उनसे कुल पांच प्रतिशत ही खेती के काम आ रहे हैं। व्यावसायिक रूप से उपयोग होने वाले ट्रैक्टर ट्रालियों पर न तो नंबर अंकित हैं और न ही रिफ्लेक्टर की व्यवस्था। जिसके कारण परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। दुर्घटना होने पर बिना नंबर के पहचानना मुश्किल हो जाता है। ऐसे ही सड़क के मुख्य मार्गों के किनारे बिना रिफ्लेक्टर के अवैध रूप से खड़े ट्रैक्टर ट्रालियों पर रात को वाहनों के टकराने से आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। कई लोगों की ट्राली से टकराने पर मौत भी हो चुकी है। लेकिन, यातायात का जिम्मा संभाली पुलिस की इन ट्रालियों पर नजर नहीं पड़ रही है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
खेती के लिए पंजीकृत वाहनों का व्यावसायिक उपयोग करने वाले ट्रैक्टर ट्राली मालिकों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। बिना नंबर के चल रहे ट्रैक्टर ट्रालियों के खिलाफ एआरटीओ को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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- योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार
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कोटद्वार-भाबर क्षेत्र में संचालित हो रही सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रालियों में से अधिकतर का पंजीकरण खेती के लिए किया गया है। लेकिन, उनसे कुल पांच प्रतिशत ही खेती के काम आ रहे हैं। व्यावसायिक रूप से उपयोग होने वाले ट्रैक्टर ट्रालियों पर न तो नंबर अंकित हैं और न ही रिफ्लेक्टर की व्यवस्था। जिसके कारण परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। दुर्घटना होने पर बिना नंबर के पहचानना मुश्किल हो जाता है। ऐसे ही सड़क के मुख्य मार्गों के किनारे बिना रिफ्लेक्टर के अवैध रूप से खड़े ट्रैक्टर ट्रालियों पर रात को वाहनों के टकराने से आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। कई लोगों की ट्राली से टकराने पर मौत भी हो चुकी है। लेकिन, यातायात का जिम्मा संभाली पुलिस की इन ट्रालियों पर नजर नहीं पड़ रही है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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खेती के लिए पंजीकृत वाहनों का व्यावसायिक उपयोग करने वाले ट्रैक्टर ट्राली मालिकों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। बिना नंबर के चल रहे ट्रैक्टर ट्रालियों के खिलाफ एआरटीओ को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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- योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार