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Kotdwar News: रिखणीखाल के मेलधार में फिर दिखाई दिया बाघ, दहशत
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के मेलधार गांव में करीब छह दिन के बाद फिर बाघ दिखने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। प्रभावित क्षेत्र में वन विभाग की टीम डेरा डाले हुए है। साथ ही ट्रैंकुलाइज टीम भी तैनात है। टीम ने बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए डल्ला गांव के लड्वासैंण तोक में मचान बना लिया है।
ग्राम पंचायत मेलधार के प्रधान खुशेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार रात को 8:30 बाघ ग्रामीण मदन सिंह के घर के समीप दिखाई दिया। जबकि मंगलवार सुबह 6:30 बजे के करीब बाघ जूनियर हाईस्कूल मेलधार से करीब 300 मीटर आगे द्वारी-कंडलसेरा मार्ग पर दिखाई दिया। इसके बाद बाघ गाड़ियूपुल के नीचे झाड़ियों में चला गया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सक्रिय बाघ गत 26 अप्रैल को जुई गांव में ट्रैंकुलाइज किए गए बाघ के साथ घूमने वाला दूसरा बाघ है।
उधर, क्षेत्र पंचायत सदस्य तोल्यूडांडा लक्ष्मी रावत ने बताया कि मंगलवार को बाघ की मूवमेंट गांव और आसपास के क्षेत्र में नहीं दिखाई दिया। ग्रामीणों की मांग है कि बाघ के ट्रैंकुलाइज कर स्थायी समाधान किया जाए।
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प्रभावित क्षेत्र में टैंकुलाइज टीम तैनात करने के साथ ही मचान भी बना दिया गया है। प्रभावित क्षेत्र में कैमरा ट्रेप लगाने के साथ ही टीम लगातार बाघ की मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। बाघ दिखने का एक वीडियो भी सामने आया है।
- स्वप्निल अनिरुद्ध, डीएफओ गढ़वाल वन प्रभाग।
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कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के मेलधार गांव में करीब छह दिन के बाद फिर बाघ दिखने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। प्रभावित क्षेत्र में वन विभाग की टीम डेरा डाले हुए है। साथ ही ट्रैंकुलाइज टीम भी तैनात है। टीम ने बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए डल्ला गांव के लड्वासैंण तोक में मचान बना लिया है।
ग्राम पंचायत मेलधार के प्रधान खुशेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार रात को 8:30 बाघ ग्रामीण मदन सिंह के घर के समीप दिखाई दिया। जबकि मंगलवार सुबह 6:30 बजे के करीब बाघ जूनियर हाईस्कूल मेलधार से करीब 300 मीटर आगे द्वारी-कंडलसेरा मार्ग पर दिखाई दिया। इसके बाद बाघ गाड़ियूपुल के नीचे झाड़ियों में चला गया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सक्रिय बाघ गत 26 अप्रैल को जुई गांव में ट्रैंकुलाइज किए गए बाघ के साथ घूमने वाला दूसरा बाघ है।
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उधर, क्षेत्र पंचायत सदस्य तोल्यूडांडा लक्ष्मी रावत ने बताया कि मंगलवार को बाघ की मूवमेंट गांव और आसपास के क्षेत्र में नहीं दिखाई दिया। ग्रामीणों की मांग है कि बाघ के ट्रैंकुलाइज कर स्थायी समाधान किया जाए।
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प्रभावित क्षेत्र में टैंकुलाइज टीम तैनात करने के साथ ही मचान भी बना दिया गया है। प्रभावित क्षेत्र में कैमरा ट्रेप लगाने के साथ ही टीम लगातार बाघ की मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। बाघ दिखने का एक वीडियो भी सामने आया है।
- स्वप्निल अनिरुद्ध, डीएफओ गढ़वाल वन प्रभाग।