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Kotdwar News: खोह नदी में सिद्धबली पुल के पिलरों की सुरक्षा का कार्य शुरू
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कोटद्वार। खोह नदी में ग्रास्टनगंज और गाड़ीघाट पुल के बाद अब लोनिवि दुगड्डा ने कोटद्वार-पाखरो मार्ग पर सिद्धबली मंदिर के पास खोह पुल के पिलरों की सुरक्षा का कार्य शुरू कर दिया है। शासन की ओर से सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए 5.13 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। पिलरों के दोनों साइड चार मीटर सुरक्षा दीवार के साथ ही 9 मीटर चौड़ी और 98 मीटर लंबाई की कंकरीट की दीवार का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आगामी मार्च माह तक सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
बीते दो साल से आपदा से जूझ रहे कोटद्वार क्षेत्र की नदियों में बने मोटर पुलों को बाढ़ से बडे़ पैमाने पर नुकसान हुआ था। जिसकी चपेट में मालन और सुखरो के साथ ही खोह नदी में बने सिद्धबली पुल, ग्रास्टनगंज व गाड़ीघाट पुल भी आए थे। अविभाजित यूपी के जमाने में शासन ने सिद्धबली के पास खोह नदी में 149.22 मीटर डबल स्पान पुल के निर्माण को स्वीकृति दी थी। तब कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की निर्माण इकाई हरिद्वार ने वर्ष 1987 में पुल का निर्माण कार्य पूरा किया। पुल बनने के बाद जहां लोगों को सिद्धबली मंदिर के दर्शन के लिए आवाजाही करने की सुविधा मिली। वहीं कोटद्वार-पाखरो-कालागढ़ मार्ग पर भी पूरे साल आवाजाही होने लगी।
अगस्त, 2023 में आई आपदा के दौरान खोह नदी के उफान से इस पुल के पिलरों की जड़ खोखली हो गई थी, जिससे पुल के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा। तब लोनिवि की ओर से पिलरों की सुरक्षा के लिए अस्थायी सुरक्षा कार्य किए गए। शासन की ओर से अब पिलरों की सुरक्षा के लिए 5.13 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। धनराशि स्वीकृत होने के बाद लोनिवि दुगड्डा ने सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत पिलरों के दोनों ओर चार मीटर की सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है।
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पिलरों की सुरक्षा के लिए दोनों साइड 4.60 मीटर आरसीसी सुरक्षा दीवार समेत अन्य कार्यों के लिए शासन से 5.13 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। मार्च माह तक निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
- संतोष भारद्वाज, जेई लोनिवि दुगड्डा।
बीते दो साल से आपदा से जूझ रहे कोटद्वार क्षेत्र की नदियों में बने मोटर पुलों को बाढ़ से बडे़ पैमाने पर नुकसान हुआ था। जिसकी चपेट में मालन और सुखरो के साथ ही खोह नदी में बने सिद्धबली पुल, ग्रास्टनगंज व गाड़ीघाट पुल भी आए थे। अविभाजित यूपी के जमाने में शासन ने सिद्धबली के पास खोह नदी में 149.22 मीटर डबल स्पान पुल के निर्माण को स्वीकृति दी थी। तब कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की निर्माण इकाई हरिद्वार ने वर्ष 1987 में पुल का निर्माण कार्य पूरा किया। पुल बनने के बाद जहां लोगों को सिद्धबली मंदिर के दर्शन के लिए आवाजाही करने की सुविधा मिली। वहीं कोटद्वार-पाखरो-कालागढ़ मार्ग पर भी पूरे साल आवाजाही होने लगी।
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अगस्त, 2023 में आई आपदा के दौरान खोह नदी के उफान से इस पुल के पिलरों की जड़ खोखली हो गई थी, जिससे पुल के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा। तब लोनिवि की ओर से पिलरों की सुरक्षा के लिए अस्थायी सुरक्षा कार्य किए गए। शासन की ओर से अब पिलरों की सुरक्षा के लिए 5.13 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। धनराशि स्वीकृत होने के बाद लोनिवि दुगड्डा ने सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत पिलरों के दोनों ओर चार मीटर की सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है।
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पिलरों की सुरक्षा के लिए दोनों साइड 4.60 मीटर आरसीसी सुरक्षा दीवार समेत अन्य कार्यों के लिए शासन से 5.13 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। मार्च माह तक निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
- संतोष भारद्वाज, जेई लोनिवि दुगड्डा।