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Kotdwar News: गर्मियां शुरू होने पर भी नहीं भरे गए जंगल में बनाए गए तालाब

Mon, 15 Apr 2024 10:32 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2024 10:32 PM IST
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The ponds built in the forest were not filled even after the onset of summer.
कोटद्वार। वन्यजीवों को जंगल में ही पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए लैंसडौन वन प्रभाग की ओर से बनाए गए तालाब (वाॅटर होल) गर्मियां शुरू होते ही सूख गए हैं। वन विभाग खाली पड़े इन वाॅटर होल में पानी भरने की जहमत नहीं उठा रहा है। इससे वन्यजीव पानी के लिए भटक रहे हैं। पानी के लिए वन्यजीवों की निर्भरता खोह नदी पर बढ़ने लगी है।
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वर्षाकाल के बाद स्थानीय गदेरे और प्राकृतिक स्रोतों का पानी सूखने लगता है। गर्मियों में जंगलों में पानी का संकट हो जाता है। इससे लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों में विचरण करने वाले सभी वन्यजीव पानी पीने के लिए खोह नदी पर ही निर्भर रहते हैं। पानी की तलाश में वन्यजीव आबादी का रुख करते हैं, जिसे देखते हुए वन विभाग ने लैंसडौन वन प्रभाग की पांचों रेंजों लालढांग, कोटद्वार, दुगड्डा, लैंसडौन और कोटड़ी में कई वॉटर होल और अमृत सरोवरों का निर्माण कराया था। इस वाॅटर होलों और अमृत सरोवरों के निर्माण का उद्देश्य वर्षाकाल के बाद जंगलों में पानी की कमी को देखते हुए वन्यजीवों को पीने का पानी उपलब्ध कराना था। अप्रैल का महीना शुरू होते ही गर्मी बढ़ने लगी है, लेकिन लैंसडौन वन प्रभाग की ओर से अभी तक इन तालाबों में पानी नहीं भरा गया है और ना ही मलबे की सफाई ही कराई गई है। इससे वन्यजीवों को पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। पानी की तलाश में वह हाईवे से होते हुए खोह नदी में उतर रहे हैं, जिससे हाईवे पर वन्यजीव-मानव संघर्ष का खतरा बना हुआ है।
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लैंसडौन वन प्रभाग में 52 वॉटर होल और चार अमृत सरोवर



दुगड्डा रेंज में टूट गदेरा में दो, सिलगाड और नौडी में एक-एक वॉटर होल हैं। जबकि वर्षा जल संग्रहण के लिए 11 नए वाॅटर होल बनाए गए हैं। लैंसडौन रेंज में 20 वॉटर होल हैं। इसमें द्वारीखाल, सिलोगी, फरसूला और सीला में पिछले वर्ष नौ नए वाॅटर होल बनाए गए हैं। कोटद्वार रेंज में लालपानी, गिंवाईस्रोत, मालन, गूलरझाला, सुखरो में पांच वाॅटर होल हैं। इसके अलावा गिंवाई स्रोत और सुखरो में दो अमृत सरोवर भी बनाए गए हैं। लालढांग रेंज में पापीडांडा खाम, सिगड्डी, जसपुर, लालढांग में पांच वाॅटर होल हैं। पापीडांडा खाम और सिगड्डी में दो अमृत सरोवर भी बनाए गए हैं।
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सभी रेंज अधिकारियों को सूखे हुए वाॅटर होल में पानी भरने के लिए निर्देशित किया गया है। जल्द ही सभी वाॅटर होल की सफाई कराकर वन्यजीवों के पीने के लिए पानी भरा जाएगा।



- नवीन चंद्र पंत, डीएफओ लैंसडौन वन प्रभाग कोटद्वार
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