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सीएफ के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त

Sat, 07 Jan 2017 10:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार Updated Sat, 07 Jan 2017 10:13 PM IST
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The movement promised by CF
movement promised - फोटो : अमर उजाला
कोल्हूचौड़ फारेस्ट गेस्ट हाउस प्रकरण में लैंसडौन के डीएफओ मयंक शेखर झा के निलंबन के विरोध में चल रहा वन कर्मचारियों व अधिकारियों का आंदोलन वन संरक्षक (सीएफ) मीनाक्षी जोशी के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया है। वहीं भूमि संरक्षण के डीएफओ एके त्रिपाठी को लैंसडौन डिवीजन का अतिरिक्त कार्यप्रभार सौंपा गया है।
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हड़ताली कर्मियों ने साफ तौर पर कहा कि यदि इस बीच किसी भी अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की गई तो एक बार फिर से वन कर्मी और अधिकारियों के सभी संगठन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे। शनिवार को शिवालिक वृत्त की वन संरक्षक मीनाक्षी जोशी चार दिन से हड़ताल पर बैठे वन कर्मचारियों से वार्ता के लिए कोटद्वार पहुंची।
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डीएफओ कार्यालय में सीएफ ने वन अधिकारी/कर्मचारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष आरपी पंत, मंत्री सतविंदरपाल सिंह, वन क्षेत्राधिकारी एसपी कंडवाल, वीरेंद्र सिंह लिंगवाल, आरके बत्रा, सुरेंद्र सिंह चौहान, एसीएफ जीसी बेलवाल, एसीएफ एमके बहुखंडी, कर्मचारी नेता भूपेंद्र सिंह बिष्ट से कई दौर की वार्ता कर उनसे कार्य बहिष्कार वापस लेने का आग्रह किया।
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सीएफ ने कहा कि उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। कर्मचारी नेताओं ने वार्ता में कहा कि उनकी हड़ताल अपने लिए नहीं, बल्कि भारतीय वन सेवा के एक इमानदारी अधिकारी के निलंबन के खिलाफ है।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने पुलिस-प्रशासन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि सर्च आपरेशन के नाम पर की गई कार्रवाई में वन अधिकारियों को साथ लेना चाहिए था। कोटद्वार कोतवाली में एक रेंज अधिकारी के साथ मारपीट की घटना हुई, तब पुलिस मूकदर्शक बनी रही। खनन समेत तमाम घटनाओं में वन कर्मचारियों और अधिकारियों पर हुए हमलों के दौरान पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए।  

सीएफ मीनाक्षी जोशी ने कोल्हूचौड़ प्रकरण से सबक लेने की बात अधिकारियों और कर्मचारियों से कही। वार्ता के दौरान सीएफ ने कहा कि यह घटनाक्रम वास्तव में विभाग के लिए सबक रहा है। वन अधिकारियों और कर्मचारियों को वन विश्राम गृहों की बुकिंग करने के मामलों में संबंधित व्यक्ति की आईडी प्रूफ लेना जरूरी कर दिया गया है। जल्द ही इस बारे में गाइड लाइन जारी कर दी जाएगी।


कोल्हूचौड़ प्रकरण में निलंबित चल रहे लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ मयंक शेखर झा को जहां शासन ने पीसीसीएफ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है, वहीं लैंसडौन वन प्रभाग का अतिरिक्त कार्यप्रभार भूमि संरक्षण वन प्रभाग के डीएफओ एके त्रिपाठी को सौंप दिया गया है। शासन की ओर से शुक्रवार को इस आशय के आदेश कर दिए गए थे। शनिवार को सीएफ मीनाक्षी जोशी की मौजूदगी में उन्होंने कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
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