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शिक्षा विभाग की मॉडल स्कूल योजना गिरी औंधे मुंह
अमर उजाला/श्रीनगर।
Updated Sat, 16 Apr 2016 10:51 PM IST
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संस्कृत की पढ़ाई सरकारी हिंदू माध्यमिक विद्यालयों की खास पहचान
- फोटो : BBC
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सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विभाग की मॉडल स्कूल योजना खिर्सू विकासखंड में औंधे मुंह गिर गई है। जीआईसी खिर्सू को छोड़कर कोई भी विद्यालय छात्रों के प्रवेश के मामले मे दहाई का अंक पार नहीं कर पाया है। वहीं विभागीय अधिकारी बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में व्यस्तता व सरकार नहीं होने का बहाना बना रहे हैं।
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शिक्षा विभाग की मॉडल स्कूल योजना अभिभावकों में सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास जगाने में कामयाब नहीं हो पा रही है। विकासखंड खिर्सू में पांच मॉडल स्कूल चयनित किए गए थे। इन स्कूलों में एक अप्रैल से प्रवेश प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। नए शिक्षा सत्र शुरू होने के एक पखवाड़े बाद भी जीआईसी खिर्सू को छोड़ कर कोई भी विद्यालय छात्रों के प्रवेश के मामले में दहाई का अंक नहीं छू पाया है। जीआईसी श्रीनगर में कक्षा छह में अब तक मात्र एक ही छात्र ने प्रवेश लिया है। जबकि यहां कक्षा सात व आठ में भी मात्र तीन-तीन छात्र ही हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालय श्रीकोट में भी मात्र चार ही प्रवेश हुए हैं।
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जूनियर हाईस्कूल चमराणा में सात व प्राथमिक विद्यालय खंडाह में मात्र दो ही प्रवेश हुए हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत का कहना है कि अभी विभाग पूरी तरह बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन में व्यस्त है। फिर भी मॉडल स्कूलों में प्रवेश को लेकर विभाग गंभीर है। जल्द ही सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
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