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श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म से अयोध्या में छाई खुशी
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दुगड्डा में आयोजित रामलीला मंचन में उत्पात मचाते मारीच और सुबाहू।
- फोटो : KOTDWAR
बाल रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला के तीसरे दिन श्रीराम जन्म और ताड़का वध का मंचन किया गया।
सिद्धबली मार्ग पर चल रही रामलीला मंचन का पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शशि नैनवाल और पूर्व सभासद मीनू खान ने शुुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित रामलीला में संतान प्राप्ति के लिए राजा दशरथ मुनि वशिष्ठ के कहने पर श्रृंगी ऋषि से यज्ञ करवाते हैं। तब अग्निदेव प्रकट होकर राजा को चार पुत्रों का वरदान देते हैं और तीनों रानियों के लिए खीर का प्रसाद देते हैं। चार पुत्रों के जन्म के बाद अयोध्या में खुशी का माहौल होता है। मुनि वशिष्ठ चारों पुत्रों का राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न रखते हैं। गले दृश्य में सुबाहु और मारीच जैसे राक्षसों से दुखी मुनि विश्वामित्र इनके संहार के लिए राजा दशरथ के पास जाते हैं और राम लक्ष्मण को अपने साथ ले जाते हैं। राम लक्ष्मण ताड़का का वध और फिर सुबह और मारीच का वध कर देते हैं। अंत में जनकपुरी से राजा जनक के दूत सीता स्वयंवर का निमंत्रण मुनि विश्वामित्र को देते हैं। इस अवसर पर सुनीता माहेश्वरी, आलोक गुप्ता, जयप्रकाश केष्टवाल, विजय अग्रवाल, सुरेश गोयल, भारत सिंह नेगी, अजय कश्यप, विनय भाटिया समेत कमेटी के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
श्रीराम ने किया ताड़का, मारीच और सुबाहू का वध
दुगड्डा। श्री रामलीला कमेटी दुगड्डा की ओर से आयोजित 121वीं रामलीला मंचन के चौथे दिन रंगकर्मियों ने ताड़का, मारीज और सुबाहू राक्षसों के वध का मंचन किया। बुधवार रात को मुख्य अतिथि पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत ने रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। इसके बाद रामलीला भगवान श्रीराम की झांकी निकाली गई। भजन गायक नरेंद्र शहनाई ने दुनिया में तेरा है बड़ा नाम... भजन की सुंदर प्रस्तुति दी।
रामलीला में सुबाहु और मारीच राक्षस का मदिरा पान कर जंगल में उत्पात मचाना और ऋषि मुनियों को परेशान करते हैं। मारीच मुनि विश्वामित्र की तपस्या भंग कर देता है, जिसके बाद विश्वामित्र राजा दशरथ को दानवों के उत्पात की जानकारी देते हैं। वे श्रीराम और लक्ष्मण को मुनियों की रक्षा करने के लिए साथ ले जाने के लिए कहते हैं। इसके बाद मुनि के साथ श्रीराम और लक्ष्मण जंगल की ओर चल देते हैं। जंगल में ऋषि मुनियों के यज्ञ की रक्षा करते समय ताड़का के आने पर श्री राम ताड़िका का वध करते हैं। इसके बाद श्रीराम राक्षस सुबाहू ओर मारीचस का वध कर देते हैं। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गौरव खैरवाल, महामंत्री सौरभ गुप्ता, प्रदीप बडोला, अशोक गोयल, संजीव कोटनाला, बबली बिष्ट, दिनेश कुमार, सोमप्रकाश डबराल, नितेश ठाकुर, अनूप गुप्ता और अमन गुसाईं आदि मौजूद थे। संवाद
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सिद्धबली मार्ग पर चल रही रामलीला मंचन का पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शशि नैनवाल और पूर्व सभासद मीनू खान ने शुुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित रामलीला में संतान प्राप्ति के लिए राजा दशरथ मुनि वशिष्ठ के कहने पर श्रृंगी ऋषि से यज्ञ करवाते हैं। तब अग्निदेव प्रकट होकर राजा को चार पुत्रों का वरदान देते हैं और तीनों रानियों के लिए खीर का प्रसाद देते हैं। चार पुत्रों के जन्म के बाद अयोध्या में खुशी का माहौल होता है। मुनि वशिष्ठ चारों पुत्रों का राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न रखते हैं। गले दृश्य में सुबाहु और मारीच जैसे राक्षसों से दुखी मुनि विश्वामित्र इनके संहार के लिए राजा दशरथ के पास जाते हैं और राम लक्ष्मण को अपने साथ ले जाते हैं। राम लक्ष्मण ताड़का का वध और फिर सुबह और मारीच का वध कर देते हैं। अंत में जनकपुरी से राजा जनक के दूत सीता स्वयंवर का निमंत्रण मुनि विश्वामित्र को देते हैं। इस अवसर पर सुनीता माहेश्वरी, आलोक गुप्ता, जयप्रकाश केष्टवाल, विजय अग्रवाल, सुरेश गोयल, भारत सिंह नेगी, अजय कश्यप, विनय भाटिया समेत कमेटी के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
श्रीराम ने किया ताड़का, मारीच और सुबाहू का वध
दुगड्डा। श्री रामलीला कमेटी दुगड्डा की ओर से आयोजित 121वीं रामलीला मंचन के चौथे दिन रंगकर्मियों ने ताड़का, मारीज और सुबाहू राक्षसों के वध का मंचन किया। बुधवार रात को मुख्य अतिथि पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत ने रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। इसके बाद रामलीला भगवान श्रीराम की झांकी निकाली गई। भजन गायक नरेंद्र शहनाई ने दुनिया में तेरा है बड़ा नाम... भजन की सुंदर प्रस्तुति दी।
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रामलीला में सुबाहु और मारीच राक्षस का मदिरा पान कर जंगल में उत्पात मचाना और ऋषि मुनियों को परेशान करते हैं। मारीच मुनि विश्वामित्र की तपस्या भंग कर देता है, जिसके बाद विश्वामित्र राजा दशरथ को दानवों के उत्पात की जानकारी देते हैं। वे श्रीराम और लक्ष्मण को मुनियों की रक्षा करने के लिए साथ ले जाने के लिए कहते हैं। इसके बाद मुनि के साथ श्रीराम और लक्ष्मण जंगल की ओर चल देते हैं। जंगल में ऋषि मुनियों के यज्ञ की रक्षा करते समय ताड़का के आने पर श्री राम ताड़िका का वध करते हैं। इसके बाद श्रीराम राक्षस सुबाहू ओर मारीचस का वध कर देते हैं। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गौरव खैरवाल, महामंत्री सौरभ गुप्ता, प्रदीप बडोला, अशोक गोयल, संजीव कोटनाला, बबली बिष्ट, दिनेश कुमार, सोमप्रकाश डबराल, नितेश ठाकुर, अनूप गुप्ता और अमन गुसाईं आदि मौजूद थे। संवाद
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