{"_id":"6968ce3e772bd6cc9b0cde12","slug":"the-bear-broke-down-the-cowshed-door-and-killed-the-cow-kotdwar-news-c-49-1-kdr1001-121106-2026-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: भालू ने गोशाला का दरवाजा तोड़ गाय को मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: भालू ने गोशाला का दरवाजा तोड़ गाय को मार डाला
Thu, 15 Jan 2026 04:53 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 15 Jan 2026 04:53 PM IST
विज्ञापन
जयहरीखाल विकास खंड मुख्यालय से सटे सुरमाड़ी मल्ली क्षेत्र में फैली दहशत
जयहरीखाल। विकासखंड मुख्यालय के समीप ही सुरमाड़ी मल्ली क्षेत्र में जंगली जानवरों की दहशत बनी है। बुधवार देर रात एक भालू ने पशुपालक अशोक नेगी की गोशाला का दरवाजा तोड़कर भीतर बंधी गाय को मार डाला। घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
पशुपालक अशोक नेगी ने बताया कि रात किसी समय भालू गोशाला में घुसा और गाय को मार डाला। उन्होंने बताया कि अभी 20 दिन पहले ही गाय ब्याही थी। अशोक नेगी का कहना है कि गाय उनके परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थी। इस नुकसान से परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं, घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से भालू और गुलदार का खतरा बना हुआ है, लेकिन वन विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने जंगली जानवरों से सुरक्षा दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने, पीड़ित परिवार को शीघ्र उचित मुआवजा देने की मांग की। इससे पूर्व भी जयहरी व परिंदा में भी भालू ने गाय को अपना निवाला बनाया था। राजेंद्र सिंह, नवीन सिंह, संदीप ने वन विभाग को घटना से अवगत कराया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। वन विभाग के कर्मचारियों आशीष, नवीन ने पहुंचकर मौका मुआयना किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जयहरीखाल। विकासखंड मुख्यालय के समीप ही सुरमाड़ी मल्ली क्षेत्र में जंगली जानवरों की दहशत बनी है। बुधवार देर रात एक भालू ने पशुपालक अशोक नेगी की गोशाला का दरवाजा तोड़कर भीतर बंधी गाय को मार डाला। घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
पशुपालक अशोक नेगी ने बताया कि रात किसी समय भालू गोशाला में घुसा और गाय को मार डाला। उन्होंने बताया कि अभी 20 दिन पहले ही गाय ब्याही थी। अशोक नेगी का कहना है कि गाय उनके परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थी। इस नुकसान से परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं, घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से भालू और गुलदार का खतरा बना हुआ है, लेकिन वन विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने जंगली जानवरों से सुरक्षा दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने, पीड़ित परिवार को शीघ्र उचित मुआवजा देने की मांग की। इससे पूर्व भी जयहरी व परिंदा में भी भालू ने गाय को अपना निवाला बनाया था। राजेंद्र सिंह, नवीन सिंह, संदीप ने वन विभाग को घटना से अवगत कराया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। वन विभाग के कर्मचारियों आशीष, नवीन ने पहुंचकर मौका मुआयना किया।
विज्ञापन