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Kotdwar News: आठ साल से टूटा सूर्यनगर-बालासौड़ पुल
Mon, 31 Aug 2026 05:55 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 31 Aug 2026 05:55 PM IST
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तीन किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर रहे लोग
न्यायालय के आदेश के बावजूद नहीं हुआ निर्माण
61 लाख रुपये हुए थे स्वीकृत, पुल निर्माण को लेकर दो धड़ों में बंटे लोग
कोटद्वार। नगर क्षेत्र के सूर्यनगर को बालासौड़ से जोड़ने वाली पुलिया टूटने के आठ साल बाद भी नया पुल नहीं बन पाया है। न्यायालय के आदेश के बावजूद निर्माण न होने से बालासौड़ क्षेत्र के लोगों को आवागमन के लिए करीब तीन किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।
वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार भट्ट ने बताया कि वर्ष 2012 में सूर्यानगर और बालासौड़ को जोड़ने के लिए पनियाली गदेरे में पुलिया का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों ने पुलिया के बीच पिलर नहीं बनाने की मांग की थी। उनका कहना था कि बरसात में गदेरे के तेज बहाव के साथ आने वाले पेड़ और झाड़ियां पिलरों में फंसने से पानी का बहाव बाधित हो सकता है।
बरसात के दौरान पुलिया में पेड़ और झाड़ियां फंसने से पानी का बहाव बाधित होने लगा और बाढ़ का पानी व मलबा सूर्यानगर व बालासौड़ के घरों में घुसने लगा। इस पर पूर्व पालिकाध्यक्ष स्व. शशिधर भट्ट की ओर से वर्ष 2013 में सिविल जज (वरिष्ठ खंड), कोटद्वार की अदालत में वाद दायर किया गया।
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सीडीओ के निर्देश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
अरुण कुमार भट्ट ने बताया कि जून 2025 में उन्होंने तत्कालीन सीडीओ जीसी गुणवंत को प्रार्थना पत्र दिया था। सीडीओ ने नगर निगम, एसडीएम और लोनिवि के अधिशासी अभियंता को समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे। लोगों ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है।
सूर्यानगर-बालासौड़ मार्ग पर पुलिया निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में मतभेद है। बालासौड़ के लोग पुल निर्माण के पक्ष में हैं जबकि सूर्यनगर के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम को पत्र भेजकर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने का अनुरोध किया गया है।
- निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि दुगड्डा।
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न्यायालय के आदेश के बावजूद नहीं हुआ निर्माण
61 लाख रुपये हुए थे स्वीकृत, पुल निर्माण को लेकर दो धड़ों में बंटे लोग
कोटद्वार। नगर क्षेत्र के सूर्यनगर को बालासौड़ से जोड़ने वाली पुलिया टूटने के आठ साल बाद भी नया पुल नहीं बन पाया है। न्यायालय के आदेश के बावजूद निर्माण न होने से बालासौड़ क्षेत्र के लोगों को आवागमन के लिए करीब तीन किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।
वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार भट्ट ने बताया कि वर्ष 2012 में सूर्यानगर और बालासौड़ को जोड़ने के लिए पनियाली गदेरे में पुलिया का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों ने पुलिया के बीच पिलर नहीं बनाने की मांग की थी। उनका कहना था कि बरसात में गदेरे के तेज बहाव के साथ आने वाले पेड़ और झाड़ियां पिलरों में फंसने से पानी का बहाव बाधित हो सकता है।
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बरसात के दौरान पुलिया में पेड़ और झाड़ियां फंसने से पानी का बहाव बाधित होने लगा और बाढ़ का पानी व मलबा सूर्यानगर व बालासौड़ के घरों में घुसने लगा। इस पर पूर्व पालिकाध्यक्ष स्व. शशिधर भट्ट की ओर से वर्ष 2013 में सिविल जज (वरिष्ठ खंड), कोटद्वार की अदालत में वाद दायर किया गया।
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सीडीओ के निर्देश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
अरुण कुमार भट्ट ने बताया कि जून 2025 में उन्होंने तत्कालीन सीडीओ जीसी गुणवंत को प्रार्थना पत्र दिया था। सीडीओ ने नगर निगम, एसडीएम और लोनिवि के अधिशासी अभियंता को समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे। लोगों ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है।
सूर्यानगर-बालासौड़ मार्ग पर पुलिया निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में मतभेद है। बालासौड़ के लोग पुल निर्माण के पक्ष में हैं जबकि सूर्यनगर के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इस संबंध में एसडीएम को पत्र भेजकर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने का अनुरोध किया गया है।
- निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि दुगड्डा।