फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Suggested to separate civil area from military area

सिविल क्षेत्र को सैन्य क्षेत्र से अलग करने का दिया सुझाव

Thu, 18 Jun 2020 09:12 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2020 09:12 PM IST
विज्ञापन
Suggested to separate civil area from military area
कैंट सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन लैंसडौन ने सिविल क्षेत्र को सैन्य क्षेत्र से अलग करने का दिया सुझाव दिया है। रक्षा मंत्रालय को ईमेल के माध्यम से भेजे गए सुझाव में सुमित बोस की सिफारिश के आधार पर छावनियों के सिविल प्रशासन को स्थानीय निकायों को सौंपने की मांग की गई।
विज्ञापन

एसोसिएशन के सचिव कुलदीप सिंह बिष्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश ध्यानी, सामाजिक कार्यकर्ता राजीव आनंद ने रक्षा मंत्रालय को भेजे सुझाव में प्रस्तावित छावनी अधिनियम प्रारूप को असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक बताया। कहा कि प्रस्तावित मसौदे में निर्वाचित बोर्ड की ताकत मुख्य अधिशासी अधिकारी के सुपुर्द की गई है और बोर्ड का सदस्य सचिव बनाकर वोट का अधिकार भी दे दिया है। जबकि किसी भी सरकारी अधिकारी को बोर्ड का सदस्य बनाना निर्वाचित सदन व जनता का अपमान है। कहा कि छावनी बोर्ड एक स्वायत्तशासी संस्था है। बोर्ड में नामांकित सदस्यों की संख्या निर्वाचित सदस्यों से ज्यादा रखी गई है। साथ ही उन्हें मतदान का अधिकार भी दिया गया है, जो जनता के हितों पर कुठाराघात है। कहा कि निर्वाचित सदन में सरकारी अधिकारियों को पदेन सदस्य बनाने का प्रावधान संवैधानिक व्यवस्था की अवधारणाओं के विपरीत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed