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Kotdwar News: किताबों के साथ लोक संस्कृति का पाठ पढ़ रहे छात्र
Tue, 03 Nov 2026 05:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 03 Nov 2026 05:40 PM IST
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गढ़वाली वाद्ययंत्रों की धुन पर गूंजने लगी जीआईसी धुमाकोट की प्रार्थना सभा
21 वर्षों से लोक संस्कृति के संरक्षण में जुटी शिक्षिका संगीता ने तैयार की विद्यार्थियों की टीम
कोटद्वार। राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज धुमाकोट की प्रार्थना सभा अब गढ़वाली लोक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों से गूंजने लगी है। विद्यालय में विद्यार्थियों ने ढोल, दमाऊं, थाली, डौंर और रणसिंघे की संगत में मां भगवती की स्तुति और गढ़वाली समूहगान प्रस्तुत कर लोक संस्कृति के संरक्षण की अनूठी पहल की। प्रधानाचार्य दर्शन कुमार के प्रयासों और शिक्षिका संगीता ध्यानी की 21 वर्षों की मेहनत से यह पहल साकार हुई है।
प्रधानाचार्य ने विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए वाद्ययंत्रों को विद्यार्थियों के अभ्यास के लिए विद्यालय को सौंपा। अंग्रेजी की सहायक अध्यापिका संगीता ध्यानी ने विद्यार्थियों की टीम तैयार कर उन्हें गढ़वाली वाद्ययंत्रों के साथ प्रार्थना और समूहगान का अभ्यास कराया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के पूर्व छात्र एवं मदरसन अकादमी के वाइस प्रेसीडेंट महिपाल सिंह रावत व उत्सव ग्रुप के संस्थापक डॉ. राकेश भट्ट की मौजूदगी में मां भगवती की स्तुति के साथ हुआ। इस मौके पर डॉ. भट्ट ने अंग्रेजी की शिक्षिका होने के बावजूद लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए संगीता ध्यानी की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य दर्शन कुमार, वरिष्ठ प्रवक्ता हिंदी प्रवीण ध्यानी, शिक्षाविद् महेंद्र ध्यानी, मदन नेगी, जीवन चंद्र पनेरू, अमित भारती, कुसुमलता, शालू गौतम, विकास, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख ललित पटवाल, पीटीए अध्यक्ष दिलवर सिंह रावत, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य गबर सिंह बिष्ट मौजूद रहे।
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इन विद्यार्थियों ने संभाली वाद्ययंत्रों की कमान
प्रस्तुति में कक्षा नौ के सागर ने ढोल, सूर्यांशु ने दमाऊं, कक्षा आठ की महक ने थाली, कक्षा नौ के आदित्य गुसाईं ने डौंर तथा आयुष और आदित्य ने रणसिंघा बजाया। हारमोनियम पर संगीता ध्यानी ने संगत दी। निकिता, अक्षिता, कनिका, श्रेया, कुसुम और रिया ने समूहगान प्रस्तुत किया।
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21 वर्षों से लोक संस्कृति के संरक्षण में जुटी शिक्षिका संगीता ने तैयार की विद्यार्थियों की टीम
कोटद्वार। राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज धुमाकोट की प्रार्थना सभा अब गढ़वाली लोक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों से गूंजने लगी है। विद्यालय में विद्यार्थियों ने ढोल, दमाऊं, थाली, डौंर और रणसिंघे की संगत में मां भगवती की स्तुति और गढ़वाली समूहगान प्रस्तुत कर लोक संस्कृति के संरक्षण की अनूठी पहल की। प्रधानाचार्य दर्शन कुमार के प्रयासों और शिक्षिका संगीता ध्यानी की 21 वर्षों की मेहनत से यह पहल साकार हुई है।
प्रधानाचार्य ने विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए वाद्ययंत्रों को विद्यार्थियों के अभ्यास के लिए विद्यालय को सौंपा। अंग्रेजी की सहायक अध्यापिका संगीता ध्यानी ने विद्यार्थियों की टीम तैयार कर उन्हें गढ़वाली वाद्ययंत्रों के साथ प्रार्थना और समूहगान का अभ्यास कराया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के पूर्व छात्र एवं मदरसन अकादमी के वाइस प्रेसीडेंट महिपाल सिंह रावत व उत्सव ग्रुप के संस्थापक डॉ. राकेश भट्ट की मौजूदगी में मां भगवती की स्तुति के साथ हुआ। इस मौके पर डॉ. भट्ट ने अंग्रेजी की शिक्षिका होने के बावजूद लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए संगीता ध्यानी की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
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इस अवसर पर प्रधानाचार्य दर्शन कुमार, वरिष्ठ प्रवक्ता हिंदी प्रवीण ध्यानी, शिक्षाविद् महेंद्र ध्यानी, मदन नेगी, जीवन चंद्र पनेरू, अमित भारती, कुसुमलता, शालू गौतम, विकास, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख ललित पटवाल, पीटीए अध्यक्ष दिलवर सिंह रावत, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य गबर सिंह बिष्ट मौजूद रहे।
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इन विद्यार्थियों ने संभाली वाद्ययंत्रों की कमान
प्रस्तुति में कक्षा नौ के सागर ने ढोल, सूर्यांशु ने दमाऊं, कक्षा आठ की महक ने थाली, कक्षा नौ के आदित्य गुसाईं ने डौंर तथा आयुष और आदित्य ने रणसिंघा बजाया। हारमोनियम पर संगीता ध्यानी ने संगत दी। निकिता, अक्षिता, कनिका, श्रेया, कुसुम और रिया ने समूहगान प्रस्तुत किया।