{"_id":"ec306e6fb94ef2037a193e3580d538b0","slug":"stop-salary-in-medical-leave-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिकित्सा अवकाश अवधि का वेतन न रोका जाय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिकित्सा अवकाश अवधि का वेतन न रोका जाय
कोटद्वार
Updated Sun, 20 Dec 2015 07:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय शिक्षक संघ की रिखणीखाल ब्लाक इकाई की सिद्धखाल में हुई बैठक में कई समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके निराकरण की मांग की गई।
इस मौके पर संगठन के पदाधिकारियों ने चिकित्सा अवकाश की स्थिति में शिक्षकों तथा कर्मचारियों का वेतन न रोकने, मेडिकल और एरियर बिल समय पर दिए जाने, रमसा विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का वेतन समय पर दिए जाने, जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों की मरम्मत कराए जाने, प्रवक्ता, प्रधानाचार्य के रिक्त पदों पर पदोन्नति करने और नए शिक्षण सत्र के शुरुआत में ही पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग की है।
सिद्धखाल इकाई अध्यक्ष विजय बमराड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक का संचालन ब्लॉक मंत्री हरीशचंद्र जोशी ने किया। कहा कि रोगग्रस्त स्थिति में इलाज के लिए अवकाश पर जाने पर शिक्षकों का वेतन काटना दुुुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में दूर-दराज स्थित विद्यालयों के मेडिकल तथा अन्य एरियर बिल समय पर नहीं निकल पा रहे हैं। जिस प्रकार मातृत्व तथा सीसीएल की अवधि में शिक्षिकाएं अपना इलाज करवाती है उसी प्रकार शिक्षकों को भी चिकित्सा के लिए अवकाश दिया जाना चाहिए। बैठक में पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बार-बार आहरण-वितरण अधिकारी न बदलने की मांग की गई। कहा कि अधिकतर विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाचार्य ही यह कार्य देख रहे हैं।
बैठक में अजय शर्मा, विजय बमराड़ा, जितेंद्र कुुमार, सत्यपाल राणा, सविता प्रभाकर आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन
इस मौके पर संगठन के पदाधिकारियों ने चिकित्सा अवकाश की स्थिति में शिक्षकों तथा कर्मचारियों का वेतन न रोकने, मेडिकल और एरियर बिल समय पर दिए जाने, रमसा विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का वेतन समय पर दिए जाने, जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों की मरम्मत कराए जाने, प्रवक्ता, प्रधानाचार्य के रिक्त पदों पर पदोन्नति करने और नए शिक्षण सत्र के शुरुआत में ही पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग की है।
सिद्धखाल इकाई अध्यक्ष विजय बमराड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक का संचालन ब्लॉक मंत्री हरीशचंद्र जोशी ने किया। कहा कि रोगग्रस्त स्थिति में इलाज के लिए अवकाश पर जाने पर शिक्षकों का वेतन काटना दुुुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में दूर-दराज स्थित विद्यालयों के मेडिकल तथा अन्य एरियर बिल समय पर नहीं निकल पा रहे हैं। जिस प्रकार मातृत्व तथा सीसीएल की अवधि में शिक्षिकाएं अपना इलाज करवाती है उसी प्रकार शिक्षकों को भी चिकित्सा के लिए अवकाश दिया जाना चाहिए। बैठक में पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बार-बार आहरण-वितरण अधिकारी न बदलने की मांग की गई। कहा कि अधिकतर विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाचार्य ही यह कार्य देख रहे हैं।
विज्ञापन
बैठक में अजय शर्मा, विजय बमराड़ा, जितेंद्र कुुमार, सत्यपाल राणा, सविता प्रभाकर आदि ने विचार रखे।