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...तो इस बार भी नहीं कर पाएंगे रोपाई
ब्यूरो/अमर उजाला श्रीनगर
Updated Sat, 18 Jun 2016 09:25 PM IST
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विकासखंड कीर्तिनगर के करीब दर्जन गांवों के ग्रामीण इस बार भी खेतों में धान की रोपाई नहीं कर पाएंगे। विकास खंड के अधिकांश क्षेत्रों में सिंचाई नहरें तीन वर्षों से क्षतिग्रस्त हैं। काश्तकारों की शिकायत के बावजूद नहरों की मरम्मत नहीं की जा रही है। ऐसे में काश्तकार तीन वर्षों से सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। वहीं विभाग का कहना है कि क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत जिला योजना व नाबार्ड से की जाएगी।
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विकासखंड कीर्तिनगर के डांडा, खोला, डांग, राजगूल, डांगचौरा, रानीहाट, डागर, बड़कोट, रिंगोली, सिरसेड़, मालूपानी सहित करीब तीन दर्जन गांवों में 18 सिंचाई नहरें वर्ष 2013 से क्षतिग्रस्त हैं। ग्रामीण मान सिंह, गबर सिंह, जीत सिंह ने कहा कि सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने से काश्तकार खेतों में धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
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मंडोली के ग्राम प्रधान सोनी रावत ने कहा कि सिंचाई के अभाव में ग्रामीणों की 200 हेक्टेयर से अधिक भूमि ऊसर होने की कगार पर है। विभागीय अधिकारियों से हर वर्ष कई बार सिंचाई नहर की मरम्मत करने की मांग कर रहे हैं। बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। बीडीसी बैठक में भी इस संबंध में कई बार शिकायत की गई है।
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वहीं सिंचाई विभाग क्षेत्र में आंशिक सिंचाई हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जून माह समाप्त होने को है लेकिन रोपाई नहीं हो पाई है। विभाग के सहायक अभियंता मनोज सेमवाल ने कहा कि नहरों की मरम्मत के लिए जिला योजना व नाबार्ड में प्रस्ताव भेजा गया था। धनराशि मिलते ही मरम्मत कर दी जाएगी।