{"_id":"6a0083704872dcc2c10a0437","slug":"sit-in-staged-demanding-construction-of-chillerkhal-laldhang-elevated-road-kotdwar-news-c-49-1-kdr1001-123582-2026-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: चिल्लरखाल-लालढांग एलिवेटेड मार्ग निर्माण की मांग को लेकर दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: चिल्लरखाल-लालढांग एलिवेटेड मार्ग निर्माण की मांग को लेकर दिया धरना
Sun, 10 May 2026 06:39 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 10 May 2026 06:39 PM IST
विज्ञापन
कोटद्वार और भाबर में जगह जगह सभाएं कर लोगों को जागरूक करने का किया आह्वान
कोटद्वार/कण्वघाटी। लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग से दिन-रात आवागमन के लिए एलिवेटेड मार्ग निर्माण की मांग दोहराते हुए 234वें दिन भी क्षेत्रवासियों ने धरना दिया।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र रावत के नेतृत्व में रविवार सुबह धरना दिया गया। धरने में शामिल लोगों ने कहा कि मार्ग निर्माण के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करते रहेंगे। धरना सभा में कोटद्वार, भाबर में जगह जगह सभाएं कर लोगों को मार्ग निर्माण के लिए चलाए जा रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया गया। बताया कि कोटद्वार में 100 से अधिक सामाजिक संगठन हैं, जिन्हें संगठित कर आंदोलन को विशाल रूप दिया जा सकता है।
रविंद्र सौंद ने कहा कि भले ही आंदोलन को चलते हुए 234 दिन हुए हैं, लेकिन इस मार्ग को दिन-रात आवागमन के लिए बनवाने की इच्छा का आंदोलन जनता के दिलों में वर्षों से चल रहा है। इस बार की लड़ाई प्रदेश सरकार की दोहरी नीतियों और शोषण के खिलाफ है। इस अवसर पर हेमा नेगी, सीमा देवी, पुष्पा मेहरा, कृपाल सिंह, शिवचरण सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोटद्वार/कण्वघाटी। लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग से दिन-रात आवागमन के लिए एलिवेटेड मार्ग निर्माण की मांग दोहराते हुए 234वें दिन भी क्षेत्रवासियों ने धरना दिया।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र रावत के नेतृत्व में रविवार सुबह धरना दिया गया। धरने में शामिल लोगों ने कहा कि मार्ग निर्माण के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करते रहेंगे। धरना सभा में कोटद्वार, भाबर में जगह जगह सभाएं कर लोगों को मार्ग निर्माण के लिए चलाए जा रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया गया। बताया कि कोटद्वार में 100 से अधिक सामाजिक संगठन हैं, जिन्हें संगठित कर आंदोलन को विशाल रूप दिया जा सकता है।
विज्ञापन
रविंद्र सौंद ने कहा कि भले ही आंदोलन को चलते हुए 234 दिन हुए हैं, लेकिन इस मार्ग को दिन-रात आवागमन के लिए बनवाने की इच्छा का आंदोलन जनता के दिलों में वर्षों से चल रहा है। इस बार की लड़ाई प्रदेश सरकार की दोहरी नीतियों और शोषण के खिलाफ है। इस अवसर पर हेमा नेगी, सीमा देवी, पुष्पा मेहरा, कृपाल सिंह, शिवचरण सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन