{"_id":"5eff5e868ebc3e42ec14a8b6","slug":"rikhanikhal-bus-service-will-start-from-six-kotdwar-news-drn3489046199","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोमवार से शुरू होगी जीएमओयू की रिखणीखाल बस सेवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोमवार से शुरू होगी जीएमओयू की रिखणीखाल बस सेवा
विज्ञापन
कोटद्वार। जीएमओयू छह जुलाई से रिखणीखाल के लिए नई बस सेवा शुरू करेगी। इसके साथ जीएमओयू की हरिद्वार समेत पर्वतीय क्षेत्र में सात बसें चलने लगेंगी। कोटद्वार से हरिद्वार के लिए कंपनी ने दो बसें शुरू की हैं।
रोडवेज के बाद अब जीएमओयू की ओर से शुरू की गई बस सेवाओं से पौड़ी जिले में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी हैं। भले ही कंपनी की ओर से अभी सवारियों की कमी का हवाला देते हुए ब्रांच रूटों पर सेवाएं नहीं शुरू की गई हैं, लेकिन नेशनल हाईवे समेत प्रमुख रूटों पर बसों के चलने से लोगों को राहत मिली है। सोमवार से शुरू होने वाली रिखणीखाल बस सेवा कोटद्वार से दुगड्डा, ढौंटियाल से बसड़ा, सौलखांद, पाणीसैंण होते हुए रिखणीखाल ब्लॉक मुख्यालय पहुंचेगी। कोटद्वार से यह बस सुबह साढ़े पांच बजे रवाना होगी। जीएमओयू अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल ने बताया कि शुक्रवार को जीएमओयू ने कोटद्वार से चौबट्टाखाल होते हुए थलीसैंण, पोखड़ा बैजरों होते हुए थलीसैंण और कोटद्वार से सैंधार और पौड़ी के लिए बसें चलाई हैं।
जीएमओयू ने 302 बसें परिवहन विभाग में कराई सरेंडर
कोरोना संकटकाल में पूरे साल का टैक्स और बीमा धनराशि माफ करने की मांग को लेकर जीएमओयू समेत राज्य की सभी परिवहन कंपनियां अपने वाहन सरेंडर कर रही हैं। इसी क्रम में जीएमओयू ने 437 में से 302 बसें परिवहन विभाग में सरेंडर कर दी हैं। शेष 135 वाहनों को इस माह सरेंडर कराने की तैयारी है। जीएमओयू अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल का कहना है कि सरकार को अविलंब परिवहन कंपनियों की मांग मान लेनी चाहिए। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा समेत समूची परिवहन व्यवस्था निजी कंपनियां संभालती हैं।
विज्ञापन
लोगों को मिलने लगा है बस सेवाओं का लाभ
पौड़ी के लिए 15 और लैंसडौन के लिए 8 सवारियां लेकर गई रोडवेज बस
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। उत्तराखंड परिवहन निगम की बस सेवाओं का लाभ लोगों को मिलने लगा है। कोटद्वार से लगातार तीसरे दिन कई बसें चलीं, लेकिन त्रिपालीसैंण के लिए लगाई गई बस को सवारियां नहीं मिलीं, जिससे बस नहीं चली। रोडवेज ने सुबह सात बजे किल्बौखाल के लिए चलने वाली बस को बीरोंखाल तक के लिए बढ़ा दिया है।
रोडवेज के कोटद्वार डिपो से शुक्रवार को पौड़ी के लिए 15, लैंसडौन के लिए 8, रिखणीखाल के लिए 7, धुमाकोट के लिए 5, डाडामंडी जमेली के लिए 2 और भाबर के झंडीचौड़ के लिए 25 सवारियों को लेकर रोडवेज बस रवाना की। एजीएम टीकाराम आदित्य ने बताया कि त्रिपालीसैंण के लिए सवारियां नहीं मिलने के कारण बस को नहीं चलाया गया। देहरादून के लिए लगाई गई दूसरी बस को भी सवारियां न मिलने के कारण रद्द करना पड़ा।
विज्ञापन
रोडवेज के बाद अब जीएमओयू की ओर से शुरू की गई बस सेवाओं से पौड़ी जिले में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी हैं। भले ही कंपनी की ओर से अभी सवारियों की कमी का हवाला देते हुए ब्रांच रूटों पर सेवाएं नहीं शुरू की गई हैं, लेकिन नेशनल हाईवे समेत प्रमुख रूटों पर बसों के चलने से लोगों को राहत मिली है। सोमवार से शुरू होने वाली रिखणीखाल बस सेवा कोटद्वार से दुगड्डा, ढौंटियाल से बसड़ा, सौलखांद, पाणीसैंण होते हुए रिखणीखाल ब्लॉक मुख्यालय पहुंचेगी। कोटद्वार से यह बस सुबह साढ़े पांच बजे रवाना होगी। जीएमओयू अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल ने बताया कि शुक्रवार को जीएमओयू ने कोटद्वार से चौबट्टाखाल होते हुए थलीसैंण, पोखड़ा बैजरों होते हुए थलीसैंण और कोटद्वार से सैंधार और पौड़ी के लिए बसें चलाई हैं।
विज्ञापन
जीएमओयू ने 302 बसें परिवहन विभाग में कराई सरेंडर
कोरोना संकटकाल में पूरे साल का टैक्स और बीमा धनराशि माफ करने की मांग को लेकर जीएमओयू समेत राज्य की सभी परिवहन कंपनियां अपने वाहन सरेंडर कर रही हैं। इसी क्रम में जीएमओयू ने 437 में से 302 बसें परिवहन विभाग में सरेंडर कर दी हैं। शेष 135 वाहनों को इस माह सरेंडर कराने की तैयारी है। जीएमओयू अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल का कहना है कि सरकार को अविलंब परिवहन कंपनियों की मांग मान लेनी चाहिए। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा समेत समूची परिवहन व्यवस्था निजी कंपनियां संभालती हैं।
विज्ञापन
लोगों को मिलने लगा है बस सेवाओं का लाभ
पौड़ी के लिए 15 और लैंसडौन के लिए 8 सवारियां लेकर गई रोडवेज बस
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। उत्तराखंड परिवहन निगम की बस सेवाओं का लाभ लोगों को मिलने लगा है। कोटद्वार से लगातार तीसरे दिन कई बसें चलीं, लेकिन त्रिपालीसैंण के लिए लगाई गई बस को सवारियां नहीं मिलीं, जिससे बस नहीं चली। रोडवेज ने सुबह सात बजे किल्बौखाल के लिए चलने वाली बस को बीरोंखाल तक के लिए बढ़ा दिया है।
रोडवेज के कोटद्वार डिपो से शुक्रवार को पौड़ी के लिए 15, लैंसडौन के लिए 8, रिखणीखाल के लिए 7, धुमाकोट के लिए 5, डाडामंडी जमेली के लिए 2 और भाबर के झंडीचौड़ के लिए 25 सवारियों को लेकर रोडवेज बस रवाना की। एजीएम टीकाराम आदित्य ने बताया कि त्रिपालीसैंण के लिए सवारियां नहीं मिलने के कारण बस को नहीं चलाया गया। देहरादून के लिए लगाई गई दूसरी बस को भी सवारियां न मिलने के कारण रद्द करना पड़ा।