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आरईएस दफ्तर में ठेकेदारों ने काटा हंगामा, नहीं डल सके टेंडर
ब्यूरो/ अमर उजाला कोटद्वार
Updated Wed, 03 Feb 2016 09:58 PM IST
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ठेकेदारों के हंगामे के कारण ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) के दफ्तर में सड़क निर्माण से संबंधित टेंडर नहीं डाले जा सके। टेंडर डालने के पक्षधर ठेकेदारों ने मामले की लिखित शिकायत जिलाधिकारी पौड़ी से की है। कहा कि कुछ लोगों ने टेंडर बाक्स को अपने कब्जे में ले लिया, जिसके चलते वे टेंडर नहीं डाल सके। हंगामे के चलते यमकेश्वर और दुगड्डा विकासखंड की पांच ग्रामीण सड़कों के टेंडर नहीं पड़ सके। अधिकारियों का कहना है कि किसी ने टेंडर नहीं डाले। अब पुन: टेंडर निकाले जाएंगे। टेंडर डालने के पक्षधर ठेकेदारों ने हंगामे के दौरान विभागीय अधिकारियों पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया।
जिला पंचायत मार्केट स्थित आरईएस दफ्तर में बुधवार को यमकेश्वर की पांच सड़कों के 18 जॉब वर्क के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे। टेंडर डालने के लिए करीब दो सौ टेंडर फार्म बिके। कई लोगों ने तीन से चार फार्म खरीदे थे। जैसे ही टेंडर डालने के लिए ठेकेदार बॉक्स की ओर बढ़े, कुछ ठेकेदारों ने टेंडर प्रक्रिया का विरोध करते हुए बाक्स को अपने कब्जे में ले लिया। टेंडर के पक्षधर ठेकेदार विनोद डबराल, सुशील बिष्ट, अरुण कुकरेती, संजय कुमार, राजेंद्र बडोला, अशोक नेगी, हरेंद्र उनियाल, शशिकांत, भारत सिंह और दलीप बेवनी ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी गढ़वाल से करते हुए जांच की मांग की है। कहा कि टेंडर बाक्स को कब्जे में लेने के बाद वे टेंडर नहीं डाल सके। उन्होंने टेंडर फार्म के पैसे लौटाने की भी मांग की।
उधर, आरईएस के अधिशासी अभियंता डीसी पंत ने टेंडर बाक्स को कब्जे में लेने की बात से इनकार किया। कहा कि ठेकेदारों में टेंडर को लेकर विरोध तो था, लेकिन किसी ने टेंडर नहीं डाले। मौके पर दो सहायक अभियंता अमरीष रावत और एमसी पांडे तैनात किए गए थे। अब टेंडर दोबारा निकाले जाएंगे।
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जिला पंचायत मार्केट स्थित आरईएस दफ्तर में बुधवार को यमकेश्वर की पांच सड़कों के 18 जॉब वर्क के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे। टेंडर डालने के लिए करीब दो सौ टेंडर फार्म बिके। कई लोगों ने तीन से चार फार्म खरीदे थे। जैसे ही टेंडर डालने के लिए ठेकेदार बॉक्स की ओर बढ़े, कुछ ठेकेदारों ने टेंडर प्रक्रिया का विरोध करते हुए बाक्स को अपने कब्जे में ले लिया। टेंडर के पक्षधर ठेकेदार विनोद डबराल, सुशील बिष्ट, अरुण कुकरेती, संजय कुमार, राजेंद्र बडोला, अशोक नेगी, हरेंद्र उनियाल, शशिकांत, भारत सिंह और दलीप बेवनी ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी गढ़वाल से करते हुए जांच की मांग की है। कहा कि टेंडर बाक्स को कब्जे में लेने के बाद वे टेंडर नहीं डाल सके। उन्होंने टेंडर फार्म के पैसे लौटाने की भी मांग की।
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उधर, आरईएस के अधिशासी अभियंता डीसी पंत ने टेंडर बाक्स को कब्जे में लेने की बात से इनकार किया। कहा कि ठेकेदारों में टेंडर को लेकर विरोध तो था, लेकिन किसी ने टेंडर नहीं डाले। मौके पर दो सहायक अभियंता अमरीष रावत और एमसी पांडे तैनात किए गए थे। अब टेंडर दोबारा निकाले जाएंगे।
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