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पुलिस प्रशासन ने नदी किनारे लगवाए चेतावनी बोर्ड
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कोटद्वार की खोह नदी में चेतावनी बोर्ड लगाती पुलिस।
- फोटो : KOTDWAR
नदी में नहा रहे और अठखेलियां कर रहे लोगों को अलर्ट करने के लिए आखिरकार पुलिस प्रशासन ने नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगा दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चेतावनी बोर्ड लगने के बाद भी नदी में जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण अचानक खोह नदी में उफान आ जाता है, जिससे कारण लोगों के बहने का खतरा हो सकता है। 15 अगस्त के अंक में अमर उजाला ने ‘सख्ती के बाद भी खोह नदी में जा रहे लोग’ शीर्षक के साथ नदी में नहाते हुए लोगों की फोटो सहित खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने बरसात में नदी में नहीं जाने के चेतावनी बोर्डों को कोटद्वार के खोह और मालन नदी के विभिन्न स्थानों पर लगा दिए। बता दें कि कोटद्वार की खोह, सुखरो और मालन नदियों में खनन के कारण गहरे गड्ढे बने हैं। इन गड्ढों में डूबकर इस बरसाती सीजन में चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद लोग नदियों में जाना बंद नहीं कर रहे हैं।
कोटद्वार-भाबर और दुगड्डा क्षेत्र में बरसात में नदी में खतरे को देखते हुए 11 चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा नदी किनारे पत्थरों पर भी चेतावनी लिखवाई जा रही है। इसके बाद भी नदी में उतरने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - नरेंद्र सिंह बिष्ट, कोतवाल कोटद्वार।
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पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण अचानक खोह नदी में उफान आ जाता है, जिससे कारण लोगों के बहने का खतरा हो सकता है। 15 अगस्त के अंक में अमर उजाला ने ‘सख्ती के बाद भी खोह नदी में जा रहे लोग’ शीर्षक के साथ नदी में नहाते हुए लोगों की फोटो सहित खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने बरसात में नदी में नहीं जाने के चेतावनी बोर्डों को कोटद्वार के खोह और मालन नदी के विभिन्न स्थानों पर लगा दिए। बता दें कि कोटद्वार की खोह, सुखरो और मालन नदियों में खनन के कारण गहरे गड्ढे बने हैं। इन गड्ढों में डूबकर इस बरसाती सीजन में चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद लोग नदियों में जाना बंद नहीं कर रहे हैं।
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कोटद्वार-भाबर और दुगड्डा क्षेत्र में बरसात में नदी में खतरे को देखते हुए 11 चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा नदी किनारे पत्थरों पर भी चेतावनी लिखवाई जा रही है। इसके बाद भी नदी में उतरने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - नरेंद्र सिंह बिष्ट, कोतवाल कोटद्वार।
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