{"_id":"66501282ec02549342d27baa76d1b521","slug":"phavde-bleach-converged-to-create-the-road-to-lift-rural-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फावड़े-बेलचे उठा ग्रामीण जुटे सड़क बनाने में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फावड़े-बेलचे उठा ग्रामीण जुटे सड़क बनाने में
ब्यूरो/ अमर उजाला कोटद्वार
Updated Wed, 10 Feb 2016 08:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी। सरकार की अनदेखी के बाद कल्जीखाल ब्लाक की कुनगढ़ घाटी के साकनी छोटी, देवल, गोरण आदि गांवों के ग्रामीण खुद फावड़े-बेलचे उठाकर सड़क बनाने में जुट गए हैं। कुनगढ़ घाटी जनशक्ति मोटर मार्ग निर्माण समिति के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को गाजे-बाजे के साथ साकनी बड़ी गांव से आगे सड़क निर्माण शुरू किया। एक महीने में चार किमी सड़क बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आठ मार्च को महिला दिवस पर यह सड़क मातृशक्ति को समर्पित करने का संकल्प लिया गया है।
कल्जीखाल ब्लाक की कुनगढ़ घाटी के साकनी छोटी, देवल, गोरण, बेड़गांव सैव, मंझकोट आदि गांवों के लिए चार साल पहले स्वीकृत सड़क का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इससे क्षुब्ध हो ग्रामीणों ने खुद सड़क बनाने का फैसला किया। बुधवार सुबह साकनी छोटी, साकनी बड़ी, देवल, गोरण, सैण और मजकोट गांवों के ग्रामीण कुनगढ़ घाटी जनशक्ति मोटर मार्ग निर्माण समिति के नेतृत्व में गाजे-बाजे और औजारों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने साकनी बड़ी के समीप बरसात में क्षतिग्रस्त सड़क को ठीक कर आगे सड़क बनाने का काम शुरू दिया। सड़क बनाने के लिए कुछ लोग पत्थर निकालकर उन्हें एकत्रित कर रहे हैं तो महिलाएं पत्थर ढोने का काम कर रही हैं। कुछ लोग पुश्ते बनाने में जुटे।
कुनगढ़ घाटी जनशक्ति मोटर मार्ग निर्माण समिति के अध्यक्ष दिनेश सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य मीना रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुखदेव साकनी, जगमोहन डांगी, महिला मंगल दल अध्यक्ष यशोदा देवी, विमला देवी, पुष्पा देवी ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए उन्होंने अपने संसाधनों से जेसीबी भी लगाई गई है। सड़क निर्माण में ओम शक्ति संगठन दिल्ली के बलभद्र, दीपक रावत, प्रदीप रावत, मंजीत पाल आदि प्रवासी भी सहयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
पहले भी बना चुके तीन किमी सड़क
पौड़ी। कल्जीखाल की कुनगढ़ घाटी के साकनी बड़ी, साकनी बड़ी, गोरण, देवल आदि गांवों के ग्रामीण श्रमदान से डेढ़ साल पहले घंडियाल से साकनी बड़ी तक सड़क बना चुके हैं। कुनगढ़ घाटी जनशक्ति मोटर मार्ग निर्माण समिति के अध्यक्ष दिनेश सिंह रावत ने बताया कि अब साकनी बड़ी से आगे निर्माण किया जा रहा है। क्षेत्रवासी पहले भी दो अन्य सड़कों का निर्माण कर चुके हैं। ये सड़कें अब लोनिवि के अधीन हैं।
शासन स्तर पर अटका है इस्टीमेट
पौड़ी। कल्जीखाल ब्लाक की कुनगढ़ घाटी के गांवों को यातायात से जोड़ने के लिए स्वीकृत सड़क निर्माण का इस्टीमेट शासन स्तर पर अटका है। विभाग की ओर से तीन महीने पहले भेजे 3.72 करोड़ के इस्टीमेट को मंजूरी नहीं मिल पाई है। क्षेत्रवासी घंडियाल से बेडगांव, नौगांव से देवल, कुंड से ढाढूखाल तक सड़क बनाने की मांग लंबे समय से उठा रहे हैं। इनमें से घंडियाल से देवल होते हुए बेड़गांव तक आठ किमी सड़क चार साल पहले स्वीकृत भी हो चुकी है, लेकिन इसका निर्माण शुरू नहीं हो पाया। लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने बताया कि घंडियाल देवल-बड़ेगांव तक स्वीकृत सड़क में सर्वेक्षण समेत प्रथम चरण के काम हो चुके हैं। सड़क के निर्माण के लिए नवंबर में 3.72 करोड़ की डीपीआर शासन को भेजी गई है। अभी तक स्वीकृति नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
कल्जीखाल ब्लाक की कुनगढ़ घाटी के साकनी छोटी, देवल, गोरण, बेड़गांव सैव, मंझकोट आदि गांवों के लिए चार साल पहले स्वीकृत सड़क का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इससे क्षुब्ध हो ग्रामीणों ने खुद सड़क बनाने का फैसला किया। बुधवार सुबह साकनी छोटी, साकनी बड़ी, देवल, गोरण, सैण और मजकोट गांवों के ग्रामीण कुनगढ़ घाटी जनशक्ति मोटर मार्ग निर्माण समिति के नेतृत्व में गाजे-बाजे और औजारों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने साकनी बड़ी के समीप बरसात में क्षतिग्रस्त सड़क को ठीक कर आगे सड़क बनाने का काम शुरू दिया। सड़क बनाने के लिए कुछ लोग पत्थर निकालकर उन्हें एकत्रित कर रहे हैं तो महिलाएं पत्थर ढोने का काम कर रही हैं। कुछ लोग पुश्ते बनाने में जुटे।
विज्ञापन
कुनगढ़ घाटी जनशक्ति मोटर मार्ग निर्माण समिति के अध्यक्ष दिनेश सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य मीना रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुखदेव साकनी, जगमोहन डांगी, महिला मंगल दल अध्यक्ष यशोदा देवी, विमला देवी, पुष्पा देवी ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए उन्होंने अपने संसाधनों से जेसीबी भी लगाई गई है। सड़क निर्माण में ओम शक्ति संगठन दिल्ली के बलभद्र, दीपक रावत, प्रदीप रावत, मंजीत पाल आदि प्रवासी भी सहयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
पहले भी बना चुके तीन किमी सड़क
पौड़ी। कल्जीखाल की कुनगढ़ घाटी के साकनी बड़ी, साकनी बड़ी, गोरण, देवल आदि गांवों के ग्रामीण श्रमदान से डेढ़ साल पहले घंडियाल से साकनी बड़ी तक सड़क बना चुके हैं। कुनगढ़ घाटी जनशक्ति मोटर मार्ग निर्माण समिति के अध्यक्ष दिनेश सिंह रावत ने बताया कि अब साकनी बड़ी से आगे निर्माण किया जा रहा है। क्षेत्रवासी पहले भी दो अन्य सड़कों का निर्माण कर चुके हैं। ये सड़कें अब लोनिवि के अधीन हैं।
शासन स्तर पर अटका है इस्टीमेट
पौड़ी। कल्जीखाल ब्लाक की कुनगढ़ घाटी के गांवों को यातायात से जोड़ने के लिए स्वीकृत सड़क निर्माण का इस्टीमेट शासन स्तर पर अटका है। विभाग की ओर से तीन महीने पहले भेजे 3.72 करोड़ के इस्टीमेट को मंजूरी नहीं मिल पाई है। क्षेत्रवासी घंडियाल से बेडगांव, नौगांव से देवल, कुंड से ढाढूखाल तक सड़क बनाने की मांग लंबे समय से उठा रहे हैं। इनमें से घंडियाल से देवल होते हुए बेड़गांव तक आठ किमी सड़क चार साल पहले स्वीकृत भी हो चुकी है, लेकिन इसका निर्माण शुरू नहीं हो पाया। लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने बताया कि घंडियाल देवल-बड़ेगांव तक स्वीकृत सड़क में सर्वेक्षण समेत प्रथम चरण के काम हो चुके हैं। सड़क के निर्माण के लिए नवंबर में 3.72 करोड़ की डीपीआर शासन को भेजी गई है। अभी तक स्वीकृति नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया है।