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कुंभीचौड़ और रामपुर के लोगों को अब नहीं सताएगा जामुनस्रोत के उफान का डर
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कोटाद्वार के कुंभीचौड़ में जामुनस्रोत पर नव निर्मित बाढ़ सुरक्षा दीवार।
- फोटो : KOTDWAR
आखिरकार प्रशासन और सिंचाई विभाग को सनेह क्षेत्र के कुंभीचौड़ और रामपुर के लोगों पर दया आ ही गई। विगत तीन साल से जामुनस्रोत गदेरे के उफान से अपने खेत और मकान गंवा रहे लोग परेशान थे। वे प्रतिवर्ष सिंचाई विभाग से गदेरे में बाढ़ सुरक्षा कार्य करने की गुहार लगाते थे, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो रही थी। अमर उजाला ने लोगों की इस समस्या को प्रमुखता के साथ अपने 23 सितंबर के अंक में ‘‘ आसमान देखते ही सहम जाते हैं कुंभीचौड़ और रामपुर के लोग’’ शर्षक के साथ खबर को प्रकाशित किया था। खबर पढ़ते ही प्रशासन और सिंचाई विभाग के आला अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने जेई से जामुन स्रोत में बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने का प्रस्ताव मांगा और एक महीने के अंदर इसपर कार्य शुरू कर दिया। वर्तमान में जामुनस्रोत्र में करीब 13 लाख रुपये की लागत से बाढ़ सुरक्षा का कार्य पूरा हो चुका है।
ज्ञात हो कि गत तीन वर्षों से लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों में हो रही तेज बारिश के कारण जामुनस्रोत गदेेरा तटवर्ती सनेह क्षेत्र के कुंभीचौड़ व रामपुर में तबाही मचा रहा था। लोगों के कई खेत बह गये थे, मकानों में पानी भर जाता था जिससे प्रतिवर्ष लोगों को नुकसान हो रहा है। गत माह सितंबर को एक बार फिर से जामुनस्रोत गदेरे ने रौद्र रूप लेकर कई लोगों के खेत बहा दिए थे, कई भवनों को नुकसान पहुंचा दिया। लगातार बाढ़ सुरक्षा दीवार की मांग करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर लोग मायूस थे। स्थानीय नागरिक अमर सिंह, सुशीला देवी रावत, रोशनी, कविता रावत ने बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरा होने का पूरा श्रेय अखबार को दिया। कहा कि अमर उजाला जनसरोकारों से जुड़ा अखबार है व अखबार में प्रकाशित खबर के कारण ही उनकी तीन साल से चली आ रही समस्या का समाधान हो सका है।
सनेह क्षेत्र के कुंभीचौड़ और रामपुर में बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए आठ लाख का प्रस्ताव बनाया गया था, लेकिन उसमें अधिक कार्य होने के कारण उसकी लागत 13 लाख तक चली गई है। बाढ़ सुरक्षा का कार्य पूरा कर लिया गया है।
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- सिटू कुमार, जेई सिंचाई विभाग
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ज्ञात हो कि गत तीन वर्षों से लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों में हो रही तेज बारिश के कारण जामुनस्रोत गदेेरा तटवर्ती सनेह क्षेत्र के कुंभीचौड़ व रामपुर में तबाही मचा रहा था। लोगों के कई खेत बह गये थे, मकानों में पानी भर जाता था जिससे प्रतिवर्ष लोगों को नुकसान हो रहा है। गत माह सितंबर को एक बार फिर से जामुनस्रोत गदेरे ने रौद्र रूप लेकर कई लोगों के खेत बहा दिए थे, कई भवनों को नुकसान पहुंचा दिया। लगातार बाढ़ सुरक्षा दीवार की मांग करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर लोग मायूस थे। स्थानीय नागरिक अमर सिंह, सुशीला देवी रावत, रोशनी, कविता रावत ने बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरा होने का पूरा श्रेय अखबार को दिया। कहा कि अमर उजाला जनसरोकारों से जुड़ा अखबार है व अखबार में प्रकाशित खबर के कारण ही उनकी तीन साल से चली आ रही समस्या का समाधान हो सका है।
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सनेह क्षेत्र के कुंभीचौड़ और रामपुर में बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए आठ लाख का प्रस्ताव बनाया गया था, लेकिन उसमें अधिक कार्य होने के कारण उसकी लागत 13 लाख तक चली गई है। बाढ़ सुरक्षा का कार्य पूरा कर लिया गया है।
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- सिटू कुमार, जेई सिंचाई विभाग